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बीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग उठी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2016 12:52 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर संघर्ष समिति के तत्वावधान में केंद्रीय विश्वविद्यालय के दर्जे की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। मंगलवार को शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों द्वारा इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
संघर्ष समिति के महामंत्री डॉ. डीके भट्ट ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान में अभी तक पांच सौ से अधिक शिक्षकों, कर्मचारियों, और विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि अगले चरण में शहर के गणमान्य नागरिकों के हस्ताक्षर लेकर इस मांग पत्र को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मानव संसाधन मंत्री को भेजा जाएगा। इस मौके पर प्रो. एमएल मौर्य, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. सुनील प्रजापति डॉ. विनीत कुमार आदि मौजूद रहे।
केंद्रीय विश्वविद्यालय होने से यह होंगे फायदे
1- छात्रों का शुल्क नगण्य हो जाएगा
2 - प्रत्येेक शिक्षक को प्रोजेक्ट मिलेगा
3- राष्ट्रीय उच्च शिक्षा आयोग से मिलने वाला अनुदान बढ़ जाएगा
4 एसएफएस शिक्षक रेगुलर हो जाएगा
5 शिक्षकों को वेतन भारत सरकार से मिलेगा
6- सभी विभाग रेगुलर हो जाएंगे
बीयू की वर्तमान स्थिति
1- छात्रों को अभी दस हजार से लेकर 94 हजार तक शुल्क देना पड़ता
2- अधिकतर शिक्षकों को प्रोजेक्ट नहीं मिलते
3- राष्ट्रीय उच्च शिक्षा आयोग से अनुदान भी कम मिलता है
4- अधिकतर शिक्षक एसएफएस है
5- शिक्षकों का वेतन राज्य सरकार से मिलता है
6- अधिकतर विभाग स्ववित्तपोषित है
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संघर्ष समिति के महामंत्री डॉ. डीके भट्ट ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान में अभी तक पांच सौ से अधिक शिक्षकों, कर्मचारियों, और विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि अगले चरण में शहर के गणमान्य नागरिकों के हस्ताक्षर लेकर इस मांग पत्र को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मानव संसाधन मंत्री को भेजा जाएगा। इस मौके पर प्रो. एमएल मौर्य, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. सुनील प्रजापति डॉ. विनीत कुमार आदि मौजूद रहे।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय होने से यह होंगे फायदे
1- छात्रों का शुल्क नगण्य हो जाएगा
2 - प्रत्येेक शिक्षक को प्रोजेक्ट मिलेगा
3- राष्ट्रीय उच्च शिक्षा आयोग से मिलने वाला अनुदान बढ़ जाएगा
4 एसएफएस शिक्षक रेगुलर हो जाएगा
5 शिक्षकों को वेतन भारत सरकार से मिलेगा
6- सभी विभाग रेगुलर हो जाएंगे
बीयू की वर्तमान स्थिति
1- छात्रों को अभी दस हजार से लेकर 94 हजार तक शुल्क देना पड़ता
2- अधिकतर शिक्षकों को प्रोजेक्ट नहीं मिलते
3- राष्ट्रीय उच्च शिक्षा आयोग से अनुदान भी कम मिलता है
4- अधिकतर शिक्षक एसएफएस है
5- शिक्षकों का वेतन राज्य सरकार से मिलता है
6- अधिकतर विभाग स्ववित्तपोषित है