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बीयू: 19 को 872 अभ्यर्थी देंगे पीएचडी की प्रवेश परीक्षा
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने पीएचडी की प्रवेश परीक्षा की तिथि तय कर दी है। 19 दिसंबर को एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में दो पालियों में ऑनलाइन परीक्षा होगी। 38 कोर्सों में 229 सीटों के लिए 872 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठेंगे। विश्वविद्यालय की वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
बीयू ने पीएचडी में प्रवेश के लिए 21 सितंबर से एक नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब परीक्षा कराई जाएगी। पहली पाली में सुबह 10 से दोपहर 12 और दूसरे पाली दोपहर दो से शाम चार बजे तक एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में परीक्षा केंद्र होगी। सभी अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र अलग से ऑनलाइन अपलोड किए जा रहे हैं। अभ्यर्थी 16 दिसंबर से विश्वविद्यालय की वेबसाइट 222.bujhansi.ac.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। पीएचडी कोर्स में आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं को उनके द्वारा आवेदन पत्र में अंकित मोबाइल नंबर पर प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के संबंध में अलग से सूचना दी जा रही है। सभी अहम जानकारियां विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
50 फीसदी अंक लाने वाले होंगे पास
नेट, जेआरएफ या इसके समकक्ष अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। जबकि, परास्नातक पास अभ्यर्थियों को 400 नंबरों की प्रवेश परीक्षा होगी। पहले पेपर में रीजनिंग, जनरल राइटिंग, टॉपिक पर लेख जाएगा। दूसरे पेपर में 50 प्रतिशत फैकल्टी और 50 फीसदी विषय से संबंधित प्रश्न आएंगे। परीक्षा में 50 फीसदी अंक लाने वाले अभ्यर्थी पास माने जाएंगे। एससी, एसटी अभ्यर्थियों को पांच फीसदी की छूट रहेगी। पास होने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। इसके 30 अंक होंगे।
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ऐसे तैयार होगी मेरिट
पीएचडी कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की मेरिट तैयार की जाएगी। इसमें छात्र को स्नातक में मिले नंबरों का 25 प्रतिशत, परास्नातक का 50 फीसदी, यदि जेआरएफ पास हैं तो 10 अंक अतिरिक्त और इंटरव्यू में मिले नंबरों को जोड़कर रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। फिर मेरिट जारी कर प्रवेश मिलेगा। वहीं, पीएचडी कोर्स पूरा करने के लिए न्यूनतम तीन साल लगेंगे। शुरुआत के छह महीने कोर्स वर्क चलेगा। इसके बाद थीसिस जमा करने के लिए ढाई साल का मौका होगा। जबकि, अधिकतम छह साल तक थीसिस जमा कर सकते हैं।
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बीयू ने पीएचडी में प्रवेश के लिए 21 सितंबर से एक नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब परीक्षा कराई जाएगी। पहली पाली में सुबह 10 से दोपहर 12 और दूसरे पाली दोपहर दो से शाम चार बजे तक एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में परीक्षा केंद्र होगी। सभी अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र अलग से ऑनलाइन अपलोड किए जा रहे हैं। अभ्यर्थी 16 दिसंबर से विश्वविद्यालय की वेबसाइट 222.bujhansi.ac.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। पीएचडी कोर्स में आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं को उनके द्वारा आवेदन पत्र में अंकित मोबाइल नंबर पर प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के संबंध में अलग से सूचना दी जा रही है। सभी अहम जानकारियां विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
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50 फीसदी अंक लाने वाले होंगे पास
नेट, जेआरएफ या इसके समकक्ष अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। जबकि, परास्नातक पास अभ्यर्थियों को 400 नंबरों की प्रवेश परीक्षा होगी। पहले पेपर में रीजनिंग, जनरल राइटिंग, टॉपिक पर लेख जाएगा। दूसरे पेपर में 50 प्रतिशत फैकल्टी और 50 फीसदी विषय से संबंधित प्रश्न आएंगे। परीक्षा में 50 फीसदी अंक लाने वाले अभ्यर्थी पास माने जाएंगे। एससी, एसटी अभ्यर्थियों को पांच फीसदी की छूट रहेगी। पास होने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। इसके 30 अंक होंगे।
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ऐसे तैयार होगी मेरिट
पीएचडी कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की मेरिट तैयार की जाएगी। इसमें छात्र को स्नातक में मिले नंबरों का 25 प्रतिशत, परास्नातक का 50 फीसदी, यदि जेआरएफ पास हैं तो 10 अंक अतिरिक्त और इंटरव्यू में मिले नंबरों को जोड़कर रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। फिर मेरिट जारी कर प्रवेश मिलेगा। वहीं, पीएचडी कोर्स पूरा करने के लिए न्यूनतम तीन साल लगेंगे। शुरुआत के छह महीने कोर्स वर्क चलेगा। इसके बाद थीसिस जमा करने के लिए ढाई साल का मौका होगा। जबकि, अधिकतम छह साल तक थीसिस जमा कर सकते हैं।