{"_id":"6192bbaf29c94d379e760945","slug":"broken-track-passed-mangala-express-accident-jhansi-news-jhs208858737","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटी पटरी से गुजरी मंगला एक्सप्रेस, दुर्घटना टली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटी पटरी से गुजरी मंगला एक्सप्रेस, दुर्घटना टली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। मंडल के आगासोद और करौंदा स्टेशन के बीच टूटी पटरी से मंगला एक्सप्रेस दौड़ती चली गई। गनीमत रही कि चालक व सहचालक ने झटका लगने पर ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। चालक की जानकारी पर मौके पर जांच करवाई गई, तो एक जगह पटरी पर फ्रैक्चर (पटरी चटकना) मिल गया। इस खामी को वक्त पर सुधार लिया गया। इससे दूसरी ट्रेनें चटकी पटरी से गुजरने से बचाकर हादसे को टाला गया।
एर्नाकुलम से निजामुद्दीन जाने वाली 12617 मंगला एक्सप्रेस 11 नवंबर को तड़के बीना से झांसी की तरफ बढ़ रही थी। ट्रेन से इंजन नंबर 30233 पर जुड़ा था, जिस पर भोपाल मंडल के चालक मुनेश पाल जैन व सहायक चालक राहुल सिंह तैनात थे। ट्रेन जब आगासोद और करौंदा स्टेशन के बीच दौड़ रही थी, तभी उन्होंने किलोमीटर नंबर 989/2-4 पर झटका महसूस किया। चालक ने ट्रेन को नियंत्रित करते हुए करौंदा स्टेशन पर रोक दिया। साथ ही मामले की लिखित जानकारी करौंदा स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर एसएसई (रेलपथ) और ट्रैकमैन मौके पर पहुंचे तो उनको एक जगह पटरी चटकी मिल गई। बाद में वेल्डिंग कर पटरी को जोड़ा गया। साथ ही पीछे आ रही ट्रेनों को दस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से मौके से गुजारा गया। सोमवार को डीआरएम आशुतोष ने चालक और सह चालक को नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
एर्नाकुलम से निजामुद्दीन जाने वाली 12617 मंगला एक्सप्रेस 11 नवंबर को तड़के बीना से झांसी की तरफ बढ़ रही थी। ट्रेन से इंजन नंबर 30233 पर जुड़ा था, जिस पर भोपाल मंडल के चालक मुनेश पाल जैन व सहायक चालक राहुल सिंह तैनात थे। ट्रेन जब आगासोद और करौंदा स्टेशन के बीच दौड़ रही थी, तभी उन्होंने किलोमीटर नंबर 989/2-4 पर झटका महसूस किया। चालक ने ट्रेन को नियंत्रित करते हुए करौंदा स्टेशन पर रोक दिया। साथ ही मामले की लिखित जानकारी करौंदा स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर एसएसई (रेलपथ) और ट्रैकमैन मौके पर पहुंचे तो उनको एक जगह पटरी चटकी मिल गई। बाद में वेल्डिंग कर पटरी को जोड़ा गया। साथ ही पीछे आ रही ट्रेनों को दस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से मौके से गुजारा गया। सोमवार को डीआरएम आशुतोष ने चालक और सह चालक को नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन