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'देखना चाचू जब आप दूल्हा बनोगे तो साथ में घोड़े पर मैं भी बैठूंगा'
Mon, 02 Mar 2020 12:07 PM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2020 12:07 PM IST
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अंशुल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
जब चाचू शेरवानी पहनकर दूल्हे के रूप में घोड़ी पर बैठेंगे तो मैं उनके साथ रहूंगा। खूब नाचूंगा। अंशुल अपने चाचा की शादी को लेकर बड़ा उत्सुक था। वहीं चाचा संजीव अपने भाई के स्वस्थ होने का इंतजार कर रहा था। संजीव ने बताया कि शादी तय हो रही थी लेकिन सोचा था कि भैया ठीक हो जाएं तब शादी के बारे में सोचा जाए। लेकिन पल भर में ही एक परिवार की खुशियां उजड़ गईं। भैया-भाभी और भतीजे अंशुल को याद करके फूट-फूटकर रोने लगता है संजीव।
महानगर के खैर मुहल्ला निवासी जितेंद्र श्रीवास ने अपनी पत्नी अनीता और बेटे अंशुल की गला दबाकर हत्या करने के बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस और परिवार वालों का कहना है कि जितेंद्र अपनी बीमारी से परेशान था और डिप्रेशन में रहने लगा था। डिप्रेशन के चलते ही उसने यह कदम उठाया। जितेंद्र के छोटे भाई संजीव ने बताया कि उसका भाई पिछले कुछ दिनों से ज्यादा बीमार था। भाई की बीमारी के चलते ही वह भी उनके पास ही रह रहा था। संजीव ने बताया कि भैया का एम्स में इलाज चल रहा था।
हम सब लोग भैया को हिम्मत बंधाते थे। कहते थे कि जल्द ही ठीक हो जाएंगे। लेकिन पता नहीं कि अचानक क्या हुआ जो हंसता खेलता पूरा परिवार खत्म हो गया। बताया जाता है कि संजीव की शादी तय होने वाली थी। लेकिन संजीव अपने भाई के स्वस्थ होने का इंतजार कर रहा था। भतीजा अंशुल तो शादी को लेकर बड़ा उत्सुक रहता था। परिवार वालों का कहना है कि अंशुल सभी का बहुत प्यारा था।
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महानगर के खैर मुहल्ला निवासी जितेंद्र श्रीवास ने अपनी पत्नी अनीता और बेटे अंशुल की गला दबाकर हत्या करने के बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस और परिवार वालों का कहना है कि जितेंद्र अपनी बीमारी से परेशान था और डिप्रेशन में रहने लगा था। डिप्रेशन के चलते ही उसने यह कदम उठाया। जितेंद्र के छोटे भाई संजीव ने बताया कि उसका भाई पिछले कुछ दिनों से ज्यादा बीमार था। भाई की बीमारी के चलते ही वह भी उनके पास ही रह रहा था। संजीव ने बताया कि भैया का एम्स में इलाज चल रहा था।
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हम सब लोग भैया को हिम्मत बंधाते थे। कहते थे कि जल्द ही ठीक हो जाएंगे। लेकिन पता नहीं कि अचानक क्या हुआ जो हंसता खेलता पूरा परिवार खत्म हो गया। बताया जाता है कि संजीव की शादी तय होने वाली थी। लेकिन संजीव अपने भाई के स्वस्थ होने का इंतजार कर रहा था। भतीजा अंशुल तो शादी को लेकर बड़ा उत्सुक रहता था। परिवार वालों का कहना है कि अंशुल सभी का बहुत प्यारा था।
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