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पुस्तक प्रदर्शनी में शिक्षा से लेकर धर्म तक की किताबें
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में लगी पुस्तक प्रदर्शनी का कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने भ्रमण कर कित
- फोटो : REPORTERS
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पुस्तक प्रदर्शनी में शिक्षा से लेकर धर्म तक की किताबें
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम में सोमवार को कुलपति ने पुस्तक प्रदर्शनी को शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में शिक्षा से लेकर धर्म, प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात से लेकर दीनदयाल उपाध्याय की अर्थनीति और समय की मांग के अनुसार शुरू हुए एस्ट्रो फिजिक्स, सौर ऊर्जा जैसे कोर्सों तक की किताबों का अच्छा खासा संग्रह है। पहले दिन विद्यार्थियों, शिक्षकों ने अपनी पसंदीदा पुस्तकों की खरीद की।
सोमवार को प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने कहा कि पुस्तकें मानव की वास्तविक मित्र व प्रेरणास्त्रोत होती हैं। उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उनके पाठ्यक्रम के विशिष्ट ज्ञान के लिए कई पुस्तकों को पढ़ाना होता है। उन्हें संपूर्ण ज्ञान एक ही पुस्तक में प्राप्त नहीं होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि छात्र पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालें। यह अच्छी बात है कि एक ही स्थान पर विभिन्न विषयों की विश्वस्तरीय पुस्तकें उपलब्ध हैं।
प्रो. वीके सहगल ने छात्र-छात्राओं को ज्यादा से ज्यादा पुस्तकें पढ़ने के लिए जोर दिया। केंद्रीय पुस्तकालय प्रभारी डॉ. श्रीदेवी ने कहा कि प्रदर्शनी में 35 से अधिक प्रकाशकों ने प्रतिभाग किया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील त्रिवेदी ने किया। इस दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. देवेश निगम, प्रो. एसपी सिंह, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, प्रो. सीबी सिंह, प्रो. एसके कटियार, प्रो. आरके सैनी, प्रो. अर्चना वर्मा, डॉ. मुन्ना तिवारी, इं. राहुल शुक्ला, डॉ. पुनीत बिसारिया, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. संतोष पांडेय, डॉ. अनु सिंघला, जितेंद्र यादव, प्रशांत शर्मा, राजेश वर्मा, कृष्णकांत पटेल, शैलेंद्र निरंजन, अभिनव सेठ, अविनाश मिश्र, सियाराम अहिरवार, अरविंद वर्मा, महेश कुमार उपस्थित रहे।
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हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ
पुस्तक प्रदर्शनी में हर उम्र के लोगों के लिए पुस्तकें उपलब्ध हैं। अरोड़ा बुक स्टाल के वाईपी अरोड़ा ने बताया कि उनके पास हिंदी, अंग्रेजी साहित्य के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं, कृषि, तकनीकी, शिक्षा की पुस्तकें हैं। वहीं, माइक्रो इकोनॉमिक्स समेत अर्थशास्त्र की कई किताबें हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लिखी गई यदा-यदा हि योगी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का संग्रह भी है। बच्चों के लिए हैरी पॉटर के विभिन्न संस्करण से लेकर कहानियां तक की पुस्तकें हैं। गीता प्रेस के छुन्नाबाबू गुप्ता ने बताया कि उनके स्टॉल पर वेद, रामायण, रामचरित मानस, पूजा-पाठ पर आधारित किताबें हैं। वहीं, दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लिखी गई भारतीय अर्थनीति पुस्तक भी है। साइटेक तकनीक बुक का स्टॉल लगाने वाले योगेश शर्मा ने बताया कि उनके यहां इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, नर्सिंग, मेडिकल आदि विषयों की किताबें उपलब्ध हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों में शुरू हुए सौर ऊर्जा, एस्ट्रो फिजिक्स जैसे नए कोर्सों की भी किताबें हैं। सिलेक्टिव एंड साइंटिफिक बुक का स्टाल लगाए अनुराग मिश्रा ने बताया कि उनके पास फोरेंसिक साइंस से संबंधित पुस्तकों का अच्छा संग्रह है। उनके पास फोरेंसिक यूजीसी नेट, न्यायालयिक विज्ञान व अपराध अनुसंधान, फॉरेंसिक बायोलॉजी आदि किताबें हैं।
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम में सोमवार को कुलपति ने पुस्तक प्रदर्शनी को शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में शिक्षा से लेकर धर्म, प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात से लेकर दीनदयाल उपाध्याय की अर्थनीति और समय की मांग के अनुसार शुरू हुए एस्ट्रो फिजिक्स, सौर ऊर्जा जैसे कोर्सों तक की किताबों का अच्छा खासा संग्रह है। पहले दिन विद्यार्थियों, शिक्षकों ने अपनी पसंदीदा पुस्तकों की खरीद की।
सोमवार को प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने कहा कि पुस्तकें मानव की वास्तविक मित्र व प्रेरणास्त्रोत होती हैं। उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उनके पाठ्यक्रम के विशिष्ट ज्ञान के लिए कई पुस्तकों को पढ़ाना होता है। उन्हें संपूर्ण ज्ञान एक ही पुस्तक में प्राप्त नहीं होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि छात्र पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालें। यह अच्छी बात है कि एक ही स्थान पर विभिन्न विषयों की विश्वस्तरीय पुस्तकें उपलब्ध हैं।
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प्रो. वीके सहगल ने छात्र-छात्राओं को ज्यादा से ज्यादा पुस्तकें पढ़ने के लिए जोर दिया। केंद्रीय पुस्तकालय प्रभारी डॉ. श्रीदेवी ने कहा कि प्रदर्शनी में 35 से अधिक प्रकाशकों ने प्रतिभाग किया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील त्रिवेदी ने किया। इस दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. देवेश निगम, प्रो. एसपी सिंह, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, प्रो. सीबी सिंह, प्रो. एसके कटियार, प्रो. आरके सैनी, प्रो. अर्चना वर्मा, डॉ. मुन्ना तिवारी, इं. राहुल शुक्ला, डॉ. पुनीत बिसारिया, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. संतोष पांडेय, डॉ. अनु सिंघला, जितेंद्र यादव, प्रशांत शर्मा, राजेश वर्मा, कृष्णकांत पटेल, शैलेंद्र निरंजन, अभिनव सेठ, अविनाश मिश्र, सियाराम अहिरवार, अरविंद वर्मा, महेश कुमार उपस्थित रहे।
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हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ
पुस्तक प्रदर्शनी में हर उम्र के लोगों के लिए पुस्तकें उपलब्ध हैं। अरोड़ा बुक स्टाल के वाईपी अरोड़ा ने बताया कि उनके पास हिंदी, अंग्रेजी साहित्य के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं, कृषि, तकनीकी, शिक्षा की पुस्तकें हैं। वहीं, माइक्रो इकोनॉमिक्स समेत अर्थशास्त्र की कई किताबें हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लिखी गई यदा-यदा हि योगी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का संग्रह भी है। बच्चों के लिए हैरी पॉटर के विभिन्न संस्करण से लेकर कहानियां तक की पुस्तकें हैं। गीता प्रेस के छुन्नाबाबू गुप्ता ने बताया कि उनके स्टॉल पर वेद, रामायण, रामचरित मानस, पूजा-पाठ पर आधारित किताबें हैं। वहीं, दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लिखी गई भारतीय अर्थनीति पुस्तक भी है। साइटेक तकनीक बुक का स्टॉल लगाने वाले योगेश शर्मा ने बताया कि उनके यहां इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, नर्सिंग, मेडिकल आदि विषयों की किताबें उपलब्ध हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों में शुरू हुए सौर ऊर्जा, एस्ट्रो फिजिक्स जैसे नए कोर्सों की भी किताबें हैं। सिलेक्टिव एंड साइंटिफिक बुक का स्टाल लगाए अनुराग मिश्रा ने बताया कि उनके पास फोरेंसिक साइंस से संबंधित पुस्तकों का अच्छा संग्रह है। उनके पास फोरेंसिक यूजीसी नेट, न्यायालयिक विज्ञान व अपराध अनुसंधान, फॉरेंसिक बायोलॉजी आदि किताबें हैं।