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झांसी से चुनाव लड़ सकते हैं स्वतंत्र देव
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झांसी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह झांसी से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव में वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष के झांसी से चुनाव लड़ने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालांकि, मजबूत सीट के लिए पहले सर्वे कराया जाएगा।
विधानसभा चुनाव में छह महीने ही बचे हैं। ऐसे में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। कुछ समय पहले पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को सीधे एमएलसी न बनाकर जनता के बीच चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है। इसके तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य से लेकर संगठन और सरकार के आला नेताओं के चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है। इन्हीं में से एक नाम है भाजपा के कद्दावर नेता और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के झांसी से चुनाव लड़ने के संकेत मिले हैं। चूंकि, संगठन के कामकाज के दौरान उन्होंने लंबा समय झांसी समेत बुंदेलखंड में गुजारा है, ऐसे में इन संकेतों को हवा भी मिलने लगी है। जिस कुर्मी बिरादरी से स्वतंत्र देव आते हैं, उसका भी झांसी समेत बुंदेलखंड में काफी जनाधार है। ऐसे में स्वतंत्रदेव के झांसी से चुनाव लड़ने से पूरे बुंदेलखंड पर भाजपा के पक्ष में असर हो सकता है।
संघ प्रचारक से लेकर संगठन में लंबा कॅरियर, पर हार गए थे चुनाव
स्वतंत्र देव सिंह संघ के प्रचारक से लेकर संगठन में तमाम महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। संगठन के कामकाज में वो काफी कुशल हैं लेकिन 2012 में पार्टी ने उन्हें कालपी से चुनाव मैदान में उतारा था। तब वो चुनाव हार गए थे।
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...तो विधायक की बदलेगी सीट
स्वतंत्रदेव सिंह की झांसी की दो ग्रामीण सीटों से चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है। इसमें से एक सीट पर चर्चा ज्यादा है। इस सीट के जो विधायक हैं, उनकी जाति का वोट भी झांसी समेत बुंदेलखंड में काफी है। साथ ही संघ से लेकर भाजपा आलाकमान तक विधायक के कामकाज से खुश है। मजबूत जमीनी पकड़ वाले इन विधायक की सीट से यदि प्रदेश अध्यक्ष चुनाव लड़ते हैं तो विधायक को बगल की सीट से चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधायक दोनों ही सीट पर जीत दर्ज कर सकते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष की झांसी समेत बुंदेलखंड कर्मभूमि रही है। वो युवा मोर्चा के बुंदेलखंड प्रभारी भी रहे हैं। झांसी का बच्चा-बच्चा उन्हें जानता है, वो भी हर व्यक्ति से सीधे परिचित हैं। ऐसे में यदि वो झांसी से चुनाव लड़ते हैं तो अभूतपूर्व जीत दर्ज करेंगे। साथ ही इसका फायदा पार्टी को पूरे बुंदेलखंड में होगा। - सुधीर सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र।
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विधानसभा चुनाव में छह महीने ही बचे हैं। ऐसे में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। कुछ समय पहले पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को सीधे एमएलसी न बनाकर जनता के बीच चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है। इसके तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य से लेकर संगठन और सरकार के आला नेताओं के चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है। इन्हीं में से एक नाम है भाजपा के कद्दावर नेता और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के झांसी से चुनाव लड़ने के संकेत मिले हैं। चूंकि, संगठन के कामकाज के दौरान उन्होंने लंबा समय झांसी समेत बुंदेलखंड में गुजारा है, ऐसे में इन संकेतों को हवा भी मिलने लगी है। जिस कुर्मी बिरादरी से स्वतंत्र देव आते हैं, उसका भी झांसी समेत बुंदेलखंड में काफी जनाधार है। ऐसे में स्वतंत्रदेव के झांसी से चुनाव लड़ने से पूरे बुंदेलखंड पर भाजपा के पक्ष में असर हो सकता है।
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संघ प्रचारक से लेकर संगठन में लंबा कॅरियर, पर हार गए थे चुनाव
स्वतंत्र देव सिंह संघ के प्रचारक से लेकर संगठन में तमाम महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। संगठन के कामकाज में वो काफी कुशल हैं लेकिन 2012 में पार्टी ने उन्हें कालपी से चुनाव मैदान में उतारा था। तब वो चुनाव हार गए थे।
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...तो विधायक की बदलेगी सीट
स्वतंत्रदेव सिंह की झांसी की दो ग्रामीण सीटों से चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है। इसमें से एक सीट पर चर्चा ज्यादा है। इस सीट के जो विधायक हैं, उनकी जाति का वोट भी झांसी समेत बुंदेलखंड में काफी है। साथ ही संघ से लेकर भाजपा आलाकमान तक विधायक के कामकाज से खुश है। मजबूत जमीनी पकड़ वाले इन विधायक की सीट से यदि प्रदेश अध्यक्ष चुनाव लड़ते हैं तो विधायक को बगल की सीट से चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधायक दोनों ही सीट पर जीत दर्ज कर सकते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष की झांसी समेत बुंदेलखंड कर्मभूमि रही है। वो युवा मोर्चा के बुंदेलखंड प्रभारी भी रहे हैं। झांसी का बच्चा-बच्चा उन्हें जानता है, वो भी हर व्यक्ति से सीधे परिचित हैं। ऐसे में यदि वो झांसी से चुनाव लड़ते हैं तो अभूतपूर्व जीत दर्ज करेंगे। साथ ही इसका फायदा पार्टी को पूरे बुंदेलखंड में होगा। - सुधीर सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र।