{"_id":"6255a90b296510740e1edf9f","slug":"bjp-s-rama-niranjan-hoisted-saffron-in-mlc-elections-jhansi-news-jhs2185548193","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमएलसी चुनाव में भाजपा की रमा निरंजन ने फहराया भगवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमएलसी चुनाव में भाजपा की रमा निरंजन ने फहराया भगवा
विज्ञापन
झांसी। विधान परिषद की झांसी-जालौन-ललितपुर स्थानीय प्राधिकारी सीट पर भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी रमा निरंजन ने जीत हासिल की। उन्होंने समाजवादी पार्टी के श्यामसुंदर सिंह यादव पारीछा को 579 वोटों के अंतर से हराया। रमा लगातार दूसरी बार एमएलसी चुनी गईं।
विधान परिषद चुनाव में तीनों जनपदों के 3828 मतदाताओं में से 3787 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतगणना मंगलवार को सुबह आठ बजे बुंदेलखंड महाविद्यालय के कोठारी हॉल में शुरू हुई। तकरीबन चार घंटे में ही परिणाम सामने आ गया। भाजपा प्रत्याशी रमा निरंजन ने 2092 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर 1513 वोट प्राप्त कर सपा के श्यामसुंदर सिंह रहे। जबकि, निर्दलीय तेज प्रताप सिंह को 17 और दातार सिंह को 14 वोटों से संतोष करना पड़ा। 151 वोट अवैध घोषित किए गए। जीत के बाद भाजपा विधायकों व अन्य नेताओं की मौजूदगी में रिटर्निंग ऑफिसर /जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने रमा निरंजन को प्रमाण पत्र सौंपा।
जनप्रतिनिधि भी वोटिंग में कर गए गड़बड़ी
झांसी। विधान परिषद चुनाव के सभी मतदाता अपने-अपने क्षेत्र से जनप्रतिनिधि हैं। इस चुनाव में विधायक, पार्षद, सभासद, बीडीसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, ब्लॉक प्रमुख आदि ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लेकिन, इनमें से 151 ठीक ढंग से अपना वोट नहीं डाल पाए, जिससे उनके वोटों को अवैध घोषित किया गया। अस्वीकृत ज्यादातर मतपत्रों में से सभी प्रत्याशियों के नाम के आगे ‘एक’ लिखा हुआ था तो वहीं कई मतदाताओं ने वरीयता क्रमांक लिखने की जगह सही का निशान बना दिया था।
विज्ञापन
प्रथम वरीयता में ही हो गई मतगणना
झांसी। एमएलसी चुनाव की मतगणना प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती में ही पूरी हो गई। दूसरी वरीयता के वोट गिनने की नौबत ही नहीं आई। इसके लिए निर्वाचन आयोग के फार्मूले का उपयोग किया गया। तय फार्मूले के मुताबिक वैध मत 3636 में दो का भाग दिया गया, जिसका परिणाम 1818 आया। इसमें एक जोड़ने पर ये संख्या 1819 पर पहुंच गई। चूंकि, भाजपा प्रत्याशी को प्रथम वरीयता में ही 1819 से अधिक वोट प्राप्त हो चुके थे, ऐसे में नियमानुसार दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती नहीं की गई।
नजदीक में रहा भाजपाइयों का जमावड़ा
झांसी। मतगणना के दरम्यान मतगणना स्थल के पास स्थित एक होटल में दिन भर भाजपाइयों का जमावड़ा रहा। परिणाम घोषित होने के बाद वे मतगणना स्थल पर आ गए। सभी जीत की प्रत्याशी और एकदूसरे को बधाई देते नजर आए।
परिणाम आने से पहले निकले सपा प्रत्याशी
झांसी। मतगणना की शुरुआत में ही भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त बना ली थी। मतगणना के आगे बढ़ने के साथ भाजपा की जीत का अंतर भी बढ़ता गया। शुरुआती रुझान सामने आने पर सपा प्रत्याशी श्यामसुंदर सिंह यादव ने मतगणना स्थल से रवानगी ले ली थी।
सटीक रहा रमा निरंजन का दांव
झांसी। रमा निरंजन दूसरी बार विधान परिषद के लिए चुनी गईं हैं। पहली बार वे 2016 में सपा के टिकट पर एमएलसी बनी थीं। लेकिन, पिछले साल उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा में शामिल होने के बाद से ही उन्हें प्रत्याशी माना जाने लगा था। हालांकि, भाजपा में टिकट के दावेदारों की लंबी लिस्ट थी, लेकिन रमा टिकट हासिल करने में सफल रहीं और जीत हासिल की।
विज्ञापन
विधान परिषद चुनाव में तीनों जनपदों के 3828 मतदाताओं में से 3787 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतगणना मंगलवार को सुबह आठ बजे बुंदेलखंड महाविद्यालय के कोठारी हॉल में शुरू हुई। तकरीबन चार घंटे में ही परिणाम सामने आ गया। भाजपा प्रत्याशी रमा निरंजन ने 2092 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर 1513 वोट प्राप्त कर सपा के श्यामसुंदर सिंह रहे। जबकि, निर्दलीय तेज प्रताप सिंह को 17 और दातार सिंह को 14 वोटों से संतोष करना पड़ा। 151 वोट अवैध घोषित किए गए। जीत के बाद भाजपा विधायकों व अन्य नेताओं की मौजूदगी में रिटर्निंग ऑफिसर /जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने रमा निरंजन को प्रमाण पत्र सौंपा।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधि भी वोटिंग में कर गए गड़बड़ी
झांसी। विधान परिषद चुनाव के सभी मतदाता अपने-अपने क्षेत्र से जनप्रतिनिधि हैं। इस चुनाव में विधायक, पार्षद, सभासद, बीडीसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, ब्लॉक प्रमुख आदि ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लेकिन, इनमें से 151 ठीक ढंग से अपना वोट नहीं डाल पाए, जिससे उनके वोटों को अवैध घोषित किया गया। अस्वीकृत ज्यादातर मतपत्रों में से सभी प्रत्याशियों के नाम के आगे ‘एक’ लिखा हुआ था तो वहीं कई मतदाताओं ने वरीयता क्रमांक लिखने की जगह सही का निशान बना दिया था।
विज्ञापन
प्रथम वरीयता में ही हो गई मतगणना
झांसी। एमएलसी चुनाव की मतगणना प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती में ही पूरी हो गई। दूसरी वरीयता के वोट गिनने की नौबत ही नहीं आई। इसके लिए निर्वाचन आयोग के फार्मूले का उपयोग किया गया। तय फार्मूले के मुताबिक वैध मत 3636 में दो का भाग दिया गया, जिसका परिणाम 1818 आया। इसमें एक जोड़ने पर ये संख्या 1819 पर पहुंच गई। चूंकि, भाजपा प्रत्याशी को प्रथम वरीयता में ही 1819 से अधिक वोट प्राप्त हो चुके थे, ऐसे में नियमानुसार दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती नहीं की गई।
नजदीक में रहा भाजपाइयों का जमावड़ा
झांसी। मतगणना के दरम्यान मतगणना स्थल के पास स्थित एक होटल में दिन भर भाजपाइयों का जमावड़ा रहा। परिणाम घोषित होने के बाद वे मतगणना स्थल पर आ गए। सभी जीत की प्रत्याशी और एकदूसरे को बधाई देते नजर आए।
परिणाम आने से पहले निकले सपा प्रत्याशी
झांसी। मतगणना की शुरुआत में ही भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त बना ली थी। मतगणना के आगे बढ़ने के साथ भाजपा की जीत का अंतर भी बढ़ता गया। शुरुआती रुझान सामने आने पर सपा प्रत्याशी श्यामसुंदर सिंह यादव ने मतगणना स्थल से रवानगी ले ली थी।
सटीक रहा रमा निरंजन का दांव
झांसी। रमा निरंजन दूसरी बार विधान परिषद के लिए चुनी गईं हैं। पहली बार वे 2016 में सपा के टिकट पर एमएलसी बनी थीं। लेकिन, पिछले साल उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा में शामिल होने के बाद से ही उन्हें प्रत्याशी माना जाने लगा था। हालांकि, भाजपा में टिकट के दावेदारों की लंबी लिस्ट थी, लेकिन रमा टिकट हासिल करने में सफल रहीं और जीत हासिल की।