{"_id":"5a74b5af4f1c1b410b8b6994","slug":"bil-or-bilti-se-mangao-mal","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल और बिल्टी से मंगाओ और भेजो माल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल और बिल्टी से मंगाओ और भेजो माल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
tax, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने तकनीकी खामियों के कारण सेंट्रल ई-वे बिल की व्यवस्था को अग्रिम आदेश तक टाल दिया है। व्यवस्था के दोबारा लागू होने तक कारोबारी प्रांत के अंदर या प्रांत के बाहर से बिल और बिल्टी पर ही माल मंगा सकते हैं। बहती बनवाने या अन्य कोई पुराना फर्म की लगाने की जरूरत नहीं है।
जीएसटी के अंतर्गत एक फरवरी से देश में माल मंगाने और भेजने के लिए एक फार्म (सेंट्रल ई-वे बिल) की व्यवस्था शुरू हो गई थी। ई-वे बिल लागू के साथ ही बहती समेत अन्य फार्म बंद हो गए थे। मगर, केंद्रीय सर्वर पर फार्म लोड करने के लिए एक साथ पड़े भार के कारण तकनीकी खामियां उत्पन्न हो गईं। इस कारण केंद्र सरकार ने ई- वे बिल व्यवस्था पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। हालांकि, यह व्यवस्था ट्रायल के तौर पर लागू रहेगी। दोबारा व्यवस्था शुरू होने तक कारोबारी देश के किसी भी काने से बिल और बिल्टी पर अपना माल मंगा और भेज सकते हैं। चेकिंग के दौरान ट्रक चालक के पास माल के बिल और वाहन की बिल्टी होना जरूरी है।
‘ई-वे बिल व्यवस्था स्थायी रूप से लागू होने तक ट्रायल के तौर पर जारी रहेगी। इसकी कानूनी वैधता नहीं रहेगी। ई-वे बिल लागू होने तक बिल और बिल्टी पर ही कारोबारी माल मंगा और भेज सकते हैं। पुराने किसी फार्म को लगाने की भी आवश्यकता नहीं है।’
विज्ञापन
एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्यकर।
विज्ञापन
जीएसटी के अंतर्गत एक फरवरी से देश में माल मंगाने और भेजने के लिए एक फार्म (सेंट्रल ई-वे बिल) की व्यवस्था शुरू हो गई थी। ई-वे बिल लागू के साथ ही बहती समेत अन्य फार्म बंद हो गए थे। मगर, केंद्रीय सर्वर पर फार्म लोड करने के लिए एक साथ पड़े भार के कारण तकनीकी खामियां उत्पन्न हो गईं। इस कारण केंद्र सरकार ने ई- वे बिल व्यवस्था पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। हालांकि, यह व्यवस्था ट्रायल के तौर पर लागू रहेगी। दोबारा व्यवस्था शुरू होने तक कारोबारी देश के किसी भी काने से बिल और बिल्टी पर अपना माल मंगा और भेज सकते हैं। चेकिंग के दौरान ट्रक चालक के पास माल के बिल और वाहन की बिल्टी होना जरूरी है।
विज्ञापन
‘ई-वे बिल व्यवस्था स्थायी रूप से लागू होने तक ट्रायल के तौर पर जारी रहेगी। इसकी कानूनी वैधता नहीं रहेगी। ई-वे बिल लागू होने तक बिल और बिल्टी पर ही कारोबारी माल मंगा और भेज सकते हैं। पुराने किसी फार्म को लगाने की भी आवश्यकता नहीं है।’
विज्ञापन
एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्यकर।