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बिजली विभाग में दिन भर रहा चर्चाओं का बाजार गर्म
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झांसी। हाइडिल कॉलोनी स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंताओं के बीच हुए विवाद और धक्का - मुक्की की घटना आज सभी दफ्तरों में चर्चा-ए-खास रही। कलक्ट्रेट, कमिश्नरी से लेकर सभी विभागों में इस पर बातें होती रहीं। हालांकि बिजली विभाग के अफसर अभी भी कुछ कहने से बचते रहे। उधर, अधीक्षण अभियंता शहरी श्रीराम गर्ग को प्रबंध निदेशक आगरा कार्यालय से संबंध कर दिया गया और झांसी में हमीरपुर के अधीक्षण अभियंता राजकुमार को भेजा गया है।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (शहरी) श्रीराम गर्ग और अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) जेपीएन सिंह के बीच मंगलवार को विवाद हो गया था। विवाद के बाद बुधवार को मामले में कोई हलचल नहीं हुई, लेकिन कार्यालय में तरह- तरह की चर्चाएं चलती रहीं। सूत्रों ने बताया कि अधीक्षण अभियंता ग्रामीण जुलाई माह की शुरूआत से अस्वस्थ होने के कारण अवकाश पर रहे और उनका चार्ज अधीक्षण अभियंता शहरी के पास रहा। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र में आने- जाने की सुविधा के लिए वाहन के टेंडर निकाले गए थे। लेकिन, अधिकारी ने इस पर आपत्ति लगा दी थी। इस कारण टेंडर फाइनल नहीं हो सके थे।
इसी बात को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी ने शहरी के चैंबर में जाकर आपत्ति दर्ज कराई तो मामला बिगड़ गया था। हो- हल्ला मचने पर कार्यालय के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों में बीच- बचाव किया था। बुधवार को सब अपने हिसाब से इस मामले का विश्लेषण करने में जुटे रहे। उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था कि इतने बड़े अधिकारी ऐसा भी बर्ताव कर सकते हैं।
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उधर, अधिकारी अपने कार्यों में व्यस्त रहे। कामकाज सामान्य तरीके से चलता रहा।
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बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (शहरी) श्रीराम गर्ग और अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) जेपीएन सिंह के बीच मंगलवार को विवाद हो गया था। विवाद के बाद बुधवार को मामले में कोई हलचल नहीं हुई, लेकिन कार्यालय में तरह- तरह की चर्चाएं चलती रहीं। सूत्रों ने बताया कि अधीक्षण अभियंता ग्रामीण जुलाई माह की शुरूआत से अस्वस्थ होने के कारण अवकाश पर रहे और उनका चार्ज अधीक्षण अभियंता शहरी के पास रहा। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र में आने- जाने की सुविधा के लिए वाहन के टेंडर निकाले गए थे। लेकिन, अधिकारी ने इस पर आपत्ति लगा दी थी। इस कारण टेंडर फाइनल नहीं हो सके थे।
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इसी बात को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी ने शहरी के चैंबर में जाकर आपत्ति दर्ज कराई तो मामला बिगड़ गया था। हो- हल्ला मचने पर कार्यालय के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों में बीच- बचाव किया था। बुधवार को सब अपने हिसाब से इस मामले का विश्लेषण करने में जुटे रहे। उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था कि इतने बड़े अधिकारी ऐसा भी बर्ताव कर सकते हैं।
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उधर, अधिकारी अपने कार्यों में व्यस्त रहे। कामकाज सामान्य तरीके से चलता रहा।