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Jhansi News: ट्रांसपोर्ट नगर में ‘बड़े लोगों’ ने फंसा रखा पेच, जमीन देने को नहीं राजी
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- दूसरे चरण के लिए खरीदनी है भूमि, जेडीए प्रशासन लगातार संपर्क में
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा करारी में 200 एकड़ में विकसित किए जा रहे ट्रांसपोर्ट नगर के लिए कुछ ‘बड़े लोग’ जमीन देने के लिए राजी नहीं हैं। इस कारण दूसरे चरण में ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित करने में पेच फंसा हुआ है। हालांकि, जेडीए प्रशासन इन लोगों के लगातार संपर्क में है। जमीन बेचने के लिए इन्हें मना रहा है।
जेडीए द्वारा करारी, अंबावाय और रुंदकरारी में विकसित की जा रही नई झांसी के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर भी बनाया जा रहा है। इसके लिए करारी में नगर निगम की 76 एकड़ जमीन जेडीए ने करीब 28 करोड़ रुपये में खरीदी है। ट्रांसपोर्ट नगर को दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। करीब 15 एकड़ में पहले चरण में इसे तैयार किया जा रहा है। यहां 50 से अधिक दुकानें बनाई जा रही हैं। करीब 25 गोदाम के लिए भी भूखंडों का आवंटन होना है। यहां जमीन खरीद होने के बाद अधिकतर काम पूरा हो चुका है। मगर दूसरे चरण में ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित करने में पेच फंस गया है। बताया गया कि कुछ ‘बड़े लोगों’ की जमीन दूसरे चरण को विकसित करने के दौरान आ रही है। ये लोग वो जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं हैं। इसी कारण यहां पर जमीन की खरीद की रफ्तार भी धीमी है। जेडीए प्रशासन इन लोगों से संपर्क करके जमीन बेचने के लिए मान-मनौव्वल कर रहा है।
20 सालों से चल रही विकसित करने की कवायद
मौजूदा समय में महानगर में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं है। पिछले 20 सालों से झांसी में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए कवायद जारी थी। अधिकारियों द्वारा सर्वे करने पर ट्रांसपोर्ट नगर के लिए पर्याप्त जमीन नहीं मिल पाती थी। ऐसे में ट्रांसपोर्ट नगर बसाने का सपना पूरी नहीं हो पा रहा था।
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वर्जन..
ट्रांसपोर्ट नगर के फेज-2 में कुछ जमीन के दस्तावेज काफी पुराने हैं। ऐसे में इनके सत्यापन में समय लग रहा है। जल्द ही ये कार्य पूरा होती ही बची हुई जमीन की भी खरीद कर ली जाएगी। कहीं कोई समस्या नहीं है। - आलोक यादव, उपाध्यक्ष, जेडीए।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा करारी में 200 एकड़ में विकसित किए जा रहे ट्रांसपोर्ट नगर के लिए कुछ ‘बड़े लोग’ जमीन देने के लिए राजी नहीं हैं। इस कारण दूसरे चरण में ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित करने में पेच फंसा हुआ है। हालांकि, जेडीए प्रशासन इन लोगों के लगातार संपर्क में है। जमीन बेचने के लिए इन्हें मना रहा है।
जेडीए द्वारा करारी, अंबावाय और रुंदकरारी में विकसित की जा रही नई झांसी के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर भी बनाया जा रहा है। इसके लिए करारी में नगर निगम की 76 एकड़ जमीन जेडीए ने करीब 28 करोड़ रुपये में खरीदी है। ट्रांसपोर्ट नगर को दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। करीब 15 एकड़ में पहले चरण में इसे तैयार किया जा रहा है। यहां 50 से अधिक दुकानें बनाई जा रही हैं। करीब 25 गोदाम के लिए भी भूखंडों का आवंटन होना है। यहां जमीन खरीद होने के बाद अधिकतर काम पूरा हो चुका है। मगर दूसरे चरण में ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित करने में पेच फंस गया है। बताया गया कि कुछ ‘बड़े लोगों’ की जमीन दूसरे चरण को विकसित करने के दौरान आ रही है। ये लोग वो जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं हैं। इसी कारण यहां पर जमीन की खरीद की रफ्तार भी धीमी है। जेडीए प्रशासन इन लोगों से संपर्क करके जमीन बेचने के लिए मान-मनौव्वल कर रहा है।
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20 सालों से चल रही विकसित करने की कवायद
मौजूदा समय में महानगर में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं है। पिछले 20 सालों से झांसी में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए कवायद जारी थी। अधिकारियों द्वारा सर्वे करने पर ट्रांसपोर्ट नगर के लिए पर्याप्त जमीन नहीं मिल पाती थी। ऐसे में ट्रांसपोर्ट नगर बसाने का सपना पूरी नहीं हो पा रहा था।
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ट्रांसपोर्ट नगर के फेज-2 में कुछ जमीन के दस्तावेज काफी पुराने हैं। ऐसे में इनके सत्यापन में समय लग रहा है। जल्द ही ये कार्य पूरा होती ही बची हुई जमीन की भी खरीद कर ली जाएगी। कहीं कोई समस्या नहीं है। - आलोक यादव, उपाध्यक्ष, जेडीए।