{"_id":"6264363dcc375510931aa88b","slug":"bhugarbh-gir-rah-hai-jhansi-news-jhs2192797100","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी में भूगर्भ जलस्तर 1.21 मीटर तक खिसका, हैंडपंप और नलकूप छोड़ रहे पानी का साथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी में भूगर्भ जलस्तर 1.21 मीटर तक खिसका, हैंडपंप और नलकूप छोड़ रहे पानी का साथ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। लगातार कम होने वाली बारिश से झांसी की जमीन सूखती जा रही है। पिछले पांच साल में झांसी का भूजल स्तर 1.21 मीटर घट गया है। सबसे बुरे हालात बंगरा के हैं। यहां से भूगर्भ जलस्तर पौने तीन मीटर तक खिसक गया है। हैंडपंप और नलकूप पानी का साथ छोड़ने लगे हैं। झांसी के एक बड़े इलाके में टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। हर रोज पानी का संकट गूंजता रहता है।
बुंदेलखंड की पहचान सूखे की रूप में होती है। अक्सर यहां पर औसत से कम बारिश होती है। इस कारण जल स्तर भी लगातार घट रहा है। भूगर्भ जल विभाग से मिले आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2017 में झांसी का प्री मानसून भूजल स्तर 8.68 मीटर था। जबकि, 2021 में ये 9.89 मीटर पर पहुंच गया। यानी कि जल स्तर में 1.21 मीटर (3.96 फीट) भूजल स्तर गिरा है। हालांकि, इन पांच सालों में वर्ष 2019, 2020 में भूजल स्तर में सुधार भी हुआ। मगर, बाकी तीन सालों में स्थिति ठीक नहीं रही। वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस बादलीवाल ने बताया कि 155 हैंडपंप सूख गए हैं। इनको रीबोर कराया जा रहा है। जिन इलाकों में पेयजल संकट है, वहां पर टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है।
बबीना, मऊरानीपुर में चल रही अटल भूजल योजना
भूगर्भ जल विभाग के सहायक भूभौतिकविद आकाश दीप ने बताया कि जल स्तर बढ़ाने के लिए बबीना, मऊरानीपुर में अटल भूजल योजना शुरू की गई है। यहां की 31 ग्राम पंचायतों को भूजल बढ़ाने के लिए चयनित किया। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। तालाब, चेकडैम रीचार्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा लोगों को स्प्रिंकर से सिंचाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि इस विधि से सिंचाई करने से पानी की काफी बचत होगी।
विज्ञापन
दो ब्लॉकों में सुधरा, छह में घटा जल स्तर
वर्ष 2017 वर्ष 2021
ब्लॉक प्री मानसून भूजल प्री मानसून भूजल
बड़ागांव 7 मीटर 6.06 मीटर
बबीना 9.17 मीटर 8.12 मीटर
बामौर 12.17 मीटर 14.62 मीटर
बंगरा 9.78 मीटर 12.6 मीटर
चिरगांव 7.05 मीटर 7.58 मीटर
गुरसराय 10.9 मीटर 13.36 मीटर
मऊरानीपुर 9.10 मीटर 11.3 मीटर
मोंठ 4.30 मीटर 5.55 मीटर
वर्जन..
झांसी में 121 हाइड्रोग्राफ स्टेशन हैं। यहां पर भूगर्भ जल की जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगी होती है। इसको भूगर्भ में डालते हैं तो पानी तक पहुंचते ही आवाज आ जाती है। जल स्तर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। - एमके जैदी, सीनियर जियोफिजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग।
विज्ञापन
बुंदेलखंड की पहचान सूखे की रूप में होती है। अक्सर यहां पर औसत से कम बारिश होती है। इस कारण जल स्तर भी लगातार घट रहा है। भूगर्भ जल विभाग से मिले आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2017 में झांसी का प्री मानसून भूजल स्तर 8.68 मीटर था। जबकि, 2021 में ये 9.89 मीटर पर पहुंच गया। यानी कि जल स्तर में 1.21 मीटर (3.96 फीट) भूजल स्तर गिरा है। हालांकि, इन पांच सालों में वर्ष 2019, 2020 में भूजल स्तर में सुधार भी हुआ। मगर, बाकी तीन सालों में स्थिति ठीक नहीं रही। वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस बादलीवाल ने बताया कि 155 हैंडपंप सूख गए हैं। इनको रीबोर कराया जा रहा है। जिन इलाकों में पेयजल संकट है, वहां पर टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है।
विज्ञापन
बबीना, मऊरानीपुर में चल रही अटल भूजल योजना
भूगर्भ जल विभाग के सहायक भूभौतिकविद आकाश दीप ने बताया कि जल स्तर बढ़ाने के लिए बबीना, मऊरानीपुर में अटल भूजल योजना शुरू की गई है। यहां की 31 ग्राम पंचायतों को भूजल बढ़ाने के लिए चयनित किया। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। तालाब, चेकडैम रीचार्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा लोगों को स्प्रिंकर से सिंचाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि इस विधि से सिंचाई करने से पानी की काफी बचत होगी।
विज्ञापन
दो ब्लॉकों में सुधरा, छह में घटा जल स्तर
वर्ष 2017 वर्ष 2021
ब्लॉक प्री मानसून भूजल प्री मानसून भूजल
बड़ागांव 7 मीटर 6.06 मीटर
बबीना 9.17 मीटर 8.12 मीटर
बामौर 12.17 मीटर 14.62 मीटर
बंगरा 9.78 मीटर 12.6 मीटर
चिरगांव 7.05 मीटर 7.58 मीटर
गुरसराय 10.9 मीटर 13.36 मीटर
मऊरानीपुर 9.10 मीटर 11.3 मीटर
मोंठ 4.30 मीटर 5.55 मीटर
वर्जन..
झांसी में 121 हाइड्रोग्राफ स्टेशन हैं। यहां पर भूगर्भ जल की जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगी होती है। इसको भूगर्भ में डालते हैं तो पानी तक पहुंचते ही आवाज आ जाती है। जल स्तर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। - एमके जैदी, सीनियर जियोफिजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग।