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भोपाल में ‘झमाझम’ का बांधों को इंतजार
amarujala
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:04 AM IST
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dam, jhansi news
- फोटो : demo
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मध्य प्रदेश के भोपाल और विदिशा में झमाझम बरसात नहीं होने के कारण राजघाट, माताटीला समेत अन्य बांधों का जलस्तर घटता जा रहा है। माताटीला बांध में अब झांसी, बबीना और तालबेहट में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी की शेष बचा है। इसलिए अब अच्छी बरसात का इंतजार है। दूसरी ओर, सपरार बांध का पानी तलहटी में पहुंच जाने से मऊरानीपुर में अभी भी टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है।
बेतवा नदी भोपाल से होते हुए बुंदेलखंड में आती है। नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर जिले के राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुंवां- ढुकुवां और पारीछा बांध से होता हुआ जालौन, हमीरपुर तक पहुंचता है। माताटीला बांध से पहूज बांध और दतिया के अंगूरी बैराज बांध को भी पानी दिया जाता है। जून में मानसूनी बरसात कम हुई थी, अब जुलाई शुरू हो गई है और बरसात कम होने के कारण बांधों के जलस्तर में कोई अंतर नहीं आया है। मानसूनी बरसात शुरू हो गई है। पिछली बार झांसी में कम पानी बरसा था, लेकिन भोपाल में अच्छी बरसात हो जाने के कारण बांध भर गए थे। इसीलिए अब इंतजार किया जाने लगा है कि भोपाल में बरसात हो तो बांधों में पानी आ जाए।
माताटीला बांध का जलस्तर 1012 फुट है और इस समय बांध में 987.60 फुट पानी है। जलनिगम पीने का पानी देने के लिए 989 फीट तक ही पानी बांध से ले सकता है, इसके बाद पंप चलाने में अड़चन शुरू हो जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साढ़े तीन फीट जलस्तर से छह माह तक पीने का पानी दिया जा सकता है। जलस्तर नहीं बढ़ा तो जुलाई में खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए नहरें चलाना भी संभव नहीं होगा।
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विभागीय जानकारी के अनुसार माताटीला बांध में 8.98 मिलियन घन मीटर, सुकवां ढुकुवां बांध में 20.95 मिलियन घन मीटर, पारीछा बांध में 12.26 मिलियन घन मीटर, डोंगरी बांध में शून्य, खपरार बांध में 2.66 मिलियन घन मीटर, पहूज बांध में 2.8 मिलियन घन मीटर, सपरार बांध में 21.18 मिलियन घन मीटर, पहाड़ी बांध में 7.27 मिलियन घन मीटर, लहचूरा बांध में शून्य, बड़वार झील में 7.78 मिलियन घन मीटर उपयोगी पानी बचा है। सपरार बांध का हाल भी बुरा है। सपरार बांध से मऊरानीपुर क्षेत्र की दो लाख आबादी को पीने का पानी मुहैया कराया जाता है। बांध का पूर्ण जलस्तर 224.64 मिलियन घन फीट है, लेकिन बारिश नहीं होने से पानी तलहटी में पहुंच गया है।
‘सिंचाई के लिए बांधों में पानी नहीं हैं। महानगर को एक साल में 60 मिलियन क्यूविक मीटर पानी की जरूरत पड़ती है और बांध में अभी 58 मिलियन क्यूविक मीटर पानी उपलब्ध है। इससे एक साल तक पीने के पानी की समस्या नहीं होगी।’
- मोहम्मद फरीद, अधिशासी अभियंता माताटीला प्रखंड।
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बेतवा नदी भोपाल से होते हुए बुंदेलखंड में आती है। नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर जिले के राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुंवां- ढुकुवां और पारीछा बांध से होता हुआ जालौन, हमीरपुर तक पहुंचता है। माताटीला बांध से पहूज बांध और दतिया के अंगूरी बैराज बांध को भी पानी दिया जाता है। जून में मानसूनी बरसात कम हुई थी, अब जुलाई शुरू हो गई है और बरसात कम होने के कारण बांधों के जलस्तर में कोई अंतर नहीं आया है। मानसूनी बरसात शुरू हो गई है। पिछली बार झांसी में कम पानी बरसा था, लेकिन भोपाल में अच्छी बरसात हो जाने के कारण बांध भर गए थे। इसीलिए अब इंतजार किया जाने लगा है कि भोपाल में बरसात हो तो बांधों में पानी आ जाए।
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माताटीला बांध का जलस्तर 1012 फुट है और इस समय बांध में 987.60 फुट पानी है। जलनिगम पीने का पानी देने के लिए 989 फीट तक ही पानी बांध से ले सकता है, इसके बाद पंप चलाने में अड़चन शुरू हो जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साढ़े तीन फीट जलस्तर से छह माह तक पीने का पानी दिया जा सकता है। जलस्तर नहीं बढ़ा तो जुलाई में खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए नहरें चलाना भी संभव नहीं होगा।
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विभागीय जानकारी के अनुसार माताटीला बांध में 8.98 मिलियन घन मीटर, सुकवां ढुकुवां बांध में 20.95 मिलियन घन मीटर, पारीछा बांध में 12.26 मिलियन घन मीटर, डोंगरी बांध में शून्य, खपरार बांध में 2.66 मिलियन घन मीटर, पहूज बांध में 2.8 मिलियन घन मीटर, सपरार बांध में 21.18 मिलियन घन मीटर, पहाड़ी बांध में 7.27 मिलियन घन मीटर, लहचूरा बांध में शून्य, बड़वार झील में 7.78 मिलियन घन मीटर उपयोगी पानी बचा है। सपरार बांध का हाल भी बुरा है। सपरार बांध से मऊरानीपुर क्षेत्र की दो लाख आबादी को पीने का पानी मुहैया कराया जाता है। बांध का पूर्ण जलस्तर 224.64 मिलियन घन फीट है, लेकिन बारिश नहीं होने से पानी तलहटी में पहुंच गया है।
‘सिंचाई के लिए बांधों में पानी नहीं हैं। महानगर को एक साल में 60 मिलियन क्यूविक मीटर पानी की जरूरत पड़ती है और बांध में अभी 58 मिलियन क्यूविक मीटर पानी उपलब्ध है। इससे एक साल तक पीने के पानी की समस्या नहीं होगी।’
- मोहम्मद फरीद, अधिशासी अभियंता माताटीला प्रखंड।