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आज भक्तों को दर्शन देंगे भगवान जगन्नाथ
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आज भक्तों को दर्शन देंगे महाप्रभु जगन्नाथ
झांसी। आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया पर सोमवार को भगवान जगन्नाथ जी बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों को दर्शन देंगे। इस बार भी कोरोना के कारण शहर में उनकी रथयात्रा नहीं निकाली जाएगी।
सनातन धर्म के कई ग्रंथों में भगवान जगन्नाथ और उनकी रथयात्रा की महिमा का वर्णन है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ को ज्येष्ठ माह में बुखार आ जाता है। उन्हें औषधि युक्त काढ़ा पिलाया जाता है। इस अवधि में वह कुछ दिन भक्तों को दर्शन नहीं देते हैं। इसी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए महानगर में गोला कुआं स्थित जगन्नाथ जी के मंदिर के कपाट लगभग एक माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं। जो अब आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को खुलेंगे और भगवान अपने भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर के सेवक शिवा नौराई और पीयूष रावत ने बताया कि 12 जुलाई सोमवार को भगवान का अभिषेक एवं शृंगार होगा। दोपहर 12 बजे और शाम छह बजे महाआरती होगी। श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ का प्रसाद वितरण होगा। इस अवसर पर किशन नौराई, सुनील सोनी, दीपक सरावगी, मनमोहन गेडा, राकेश लक्षकार मौजूद रहे।
देवी मंदिरों में दर्शन को उमडे़ श्रद्धालु
झांसी। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा रविवार को गुप्त नवरात्र प्रारंभ हो गई है। पहले दिन पंचकुइयां, लहर की माता मंदिर, कैमासन, मैमासन माता मंदिर, लक्ष्मी गेट स्थित महाकाली मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने माता के अनुपम स्वरूपों के दर्शन किए। मंदिरों में शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना एवं दीप प्रज्वलित किए गए। भक्तों ने पोशाक एवं प्रसाद अर्पण कर माता की महिमा के भजन भी गाए। आषाढ़ की गुप्त नवरात्र पर कई तंत्र एवं मंत्र साधकों ने अपने अनुष्ठान भी प्रारंभ किए।
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झांसी। आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया पर सोमवार को भगवान जगन्नाथ जी बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों को दर्शन देंगे। इस बार भी कोरोना के कारण शहर में उनकी रथयात्रा नहीं निकाली जाएगी।
सनातन धर्म के कई ग्रंथों में भगवान जगन्नाथ और उनकी रथयात्रा की महिमा का वर्णन है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ को ज्येष्ठ माह में बुखार आ जाता है। उन्हें औषधि युक्त काढ़ा पिलाया जाता है। इस अवधि में वह कुछ दिन भक्तों को दर्शन नहीं देते हैं। इसी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए महानगर में गोला कुआं स्थित जगन्नाथ जी के मंदिर के कपाट लगभग एक माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं। जो अब आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को खुलेंगे और भगवान अपने भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर के सेवक शिवा नौराई और पीयूष रावत ने बताया कि 12 जुलाई सोमवार को भगवान का अभिषेक एवं शृंगार होगा। दोपहर 12 बजे और शाम छह बजे महाआरती होगी। श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ का प्रसाद वितरण होगा। इस अवसर पर किशन नौराई, सुनील सोनी, दीपक सरावगी, मनमोहन गेडा, राकेश लक्षकार मौजूद रहे।
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देवी मंदिरों में दर्शन को उमडे़ श्रद्धालु
झांसी। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा रविवार को गुप्त नवरात्र प्रारंभ हो गई है। पहले दिन पंचकुइयां, लहर की माता मंदिर, कैमासन, मैमासन माता मंदिर, लक्ष्मी गेट स्थित महाकाली मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने माता के अनुपम स्वरूपों के दर्शन किए। मंदिरों में शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना एवं दीप प्रज्वलित किए गए। भक्तों ने पोशाक एवं प्रसाद अर्पण कर माता की महिमा के भजन भी गाए। आषाढ़ की गुप्त नवरात्र पर कई तंत्र एवं मंत्र साधकों ने अपने अनुष्ठान भी प्रारंभ किए।
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