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भादों की काली रात में भी ‘चमकेंगे’ कन्हैया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:29 AM IST
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shri kirsn, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। इन दिनों बाजार में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की रौनक छाई हुई है। बाजार में भगवान के कई रूप वाली मूर्तियां देखने को मिल रही हैं। इनमें रबड़ पर रेडियम की पालिश वाली कृष्ण जी की मूर्ति लोगों को खूब पसंद आ रही है। यह मूर्ति अंधेरे में भी चमकती है। इसके अलावा भगवान की पोशाकों की बिक्री भी खूब हो रही है।
25 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। बाजार में पीतल, चांदी, सोना सहित विभिन्न धातुओं से बनी कान्हा की मूर्तियां आम लोगों को रिझा रही है। लेकिन इस बार कई मूर्तियां परंपरागत मूर्तियों से कुछ हटकर है। इनमें रेशम फाइबर की चाइना मेड कृष्ण की मूर्तियां जिनमें हल्के रंग व चमकीली का प्रयोग है, खासी आकर्षित है। अंधेरे में भी चमक बिखेरे ऐसे कान्हा की मूर्तियां भी बाजार में छाई हुई है।
मक्खन खाते, मुरली बजाते इन मूर्तियों में मोर पंख भी कुछ बदला है। मानिक चौक स्थित गिफ्ट सेंटर के संचालक प्रवीण अग्रवाल सागर के मुताबिक पीतल, स्टील, ढलवा मेटल आदि से निर्मित मूर्तियों में पूजा के लिए लड्डू गोपाल की ज्यादा मांग है।
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इधर मानिक चौक में मूर्ति व पोशाक विक्रेता ओम प्रकाश राय के अनुसार जन्माष्टमी में जरी गोटा, कुंदन की पोशाक, पगड़ियां और स्टील, पीतल व लकड़ी से बने झूले भी आम लोग खरीदते है। जिनमें परंपरागत डिजाइन ही ज्यादा पसंद की जाती है।
सामान मूल्य (रुपये में)
रबड़ व रेडियम से बनी मूर्ति 600
पीतल से बनी मूर्ति 50
पीतल का झूला 100 से 600 तक
मेटल का झूला 100 से 600 तक
लकड़ी का झूला 100 से 320 तक
फैंसी पगड़ी मुकुट 20 से 50 तक
सादा पगड़ी 10
कुंदन माला 5 से 80 तक
मोर मुकुट 15 से 150 तक
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25 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। बाजार में पीतल, चांदी, सोना सहित विभिन्न धातुओं से बनी कान्हा की मूर्तियां आम लोगों को रिझा रही है। लेकिन इस बार कई मूर्तियां परंपरागत मूर्तियों से कुछ हटकर है। इनमें रेशम फाइबर की चाइना मेड कृष्ण की मूर्तियां जिनमें हल्के रंग व चमकीली का प्रयोग है, खासी आकर्षित है। अंधेरे में भी चमक बिखेरे ऐसे कान्हा की मूर्तियां भी बाजार में छाई हुई है।
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मक्खन खाते, मुरली बजाते इन मूर्तियों में मोर पंख भी कुछ बदला है। मानिक चौक स्थित गिफ्ट सेंटर के संचालक प्रवीण अग्रवाल सागर के मुताबिक पीतल, स्टील, ढलवा मेटल आदि से निर्मित मूर्तियों में पूजा के लिए लड्डू गोपाल की ज्यादा मांग है।
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इधर मानिक चौक में मूर्ति व पोशाक विक्रेता ओम प्रकाश राय के अनुसार जन्माष्टमी में जरी गोटा, कुंदन की पोशाक, पगड़ियां और स्टील, पीतल व लकड़ी से बने झूले भी आम लोग खरीदते है। जिनमें परंपरागत डिजाइन ही ज्यादा पसंद की जाती है।
सामान मूल्य (रुपये में)
रबड़ व रेडियम से बनी मूर्ति 600
पीतल से बनी मूर्ति 50
पीतल का झूला 100 से 600 तक
मेटल का झूला 100 से 600 तक
लकड़ी का झूला 100 से 320 तक
फैंसी पगड़ी मुकुट 20 से 50 तक
सादा पगड़ी 10
कुंदन माला 5 से 80 तक
मोर मुकुट 15 से 150 तक