फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Betwa water is better than Yamuna or Ganga

प्रदेश से निकली गंगा, यमुना से बेहतर है बेतवा का पानी

Sat, 29 Feb 2020 01:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 01:57 AM IST
विज्ञापन
Betwa water is better than Yamuna or Ganga
बेतवा नदी - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश से निकली गंगा, यमुना समेत कई प्रमुख नदियों से बेहतर बेतवा का पानी है। भोपाल से हमीरपुर तक पांच सौ किलोमीटर का सफर तय करने वाली बेतवा कारखानों और गंदे नालों के पानी न गिरने से सुरक्षित है। इस सुरक्षा से बेतवा का पानी हमेशा पीने योग्य बना रहता है। झांसी की आधी से अधिक आबादी के लिए यह पानी अमृत बना रहता है।
विज्ञापन


बेतवा नदी का उद्गम भोपाल से है। यह नदी भोपाल, विदिशा, ललितपुर, ओरछा, झांसी होकर हमीरपुर तक पहुंचती है, जहां यमुना में इस नदी का विलय हो जाता है। जांच के हिसाब से बेतवा नदी के पानी का रंग, गंध, स्वाद सब अच्छा पाया गया है। ज्यादा कैल्शियम या मैग्नेशियम वाला कठोर जल नहीं है। पानी में आर्सेनिक, लेड सेलेनियम, मरकरी, फ्लोराइड, नाइट्रेट जैसे हानिकारक रसायन नहीं हैं। अगर बेतवा नदी के पानी की तुलना गंगा और यमुना के पानी की पीएच वैल्यू (हाइड्रोजन की क्षमता) से किया जाए तो बेतवा का पानी बहुत बेहतर है।
विज्ञापन


मानक के हिसाब से नदी की पीएच वैल्यू औसतन 7.4 होनी चाहिए। बेतवा की पीएच वैल्यू 6.4 से 7.8, गंगा की 7.1 से 9.6 और यमुना की 7.5 से 11.8 के बीच है। यही कारण है कि बेतवा का पानी दूसरी नदियों की तुलना में बेहतर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेतवा नदी से मिलने वाले कच्चे पानी का बबीना जलशोधन केंद्र में कई चरणों में शुद्धीकरण किया जाता है। कच्चा पानी बेहतर रहता है, इसलिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती। हर तीन घंटे में पानी की जांच होती है। पानी में शुद्ध जल के सभी तथ्य मौजूद हैं। इसको सीधा पिया जा सकता है।


आरके त्रिपाठी, उपखंड अधिकारी बबीना जलशोधन केंद्र

पीने योग्य पानी के गुण

  • जल में आंखों से दिखने वाले कण और जीव वनस्पति नहीं हों
  • हानि पहुंचाने वाले सूक्ष्म जीव या कण न हों।
  • जल का पीएच संतुलित हो।
  • जल में पर्याप्त मात्रा आक्सीजन घुला हो।


यह भी जानिए

मध्य प्रदेश के भोपाल से आने वाली बेतवा नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर क्षेत्र में स्थित राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुवां ढुकुवां व पारीछा बांध से होता हुआ उरई, जालौन, हमीरपुर तक नहर के जरिये सिंचाई के लिए पहुंचता है। माताटीला बांध के पानी से ही झांसी महानगर व बबीना से झांसी मार्ग पर स्थित क्षेत्रों को जलापूर्ति होती है। अगर पूरे साल सिंचाई व पेयजल के लिए पर्याप्त पानी चाहिए तो राजघाट बांध का भरना जरूरी है। राजघाट बांध भरने के लिए मध्य प्रदेश में बारिश होना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed