{"_id":"62bf50e71c7ab065612bc9c4","slug":"betwa-river-front-will-be-developed-with-infrastructure-fund-jhansi-news-jhs223984429","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवस्थापना निधि से विकसित होगा बेतवा रिवर फ्रंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवस्थापना निधि से विकसित होगा बेतवा रिवर फ्रंट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर यहां बेतवा रिवर फ्रंट को विकसित करने की तैयारी है। यह काम अवस्थापना निधि से कराया जाएगा। इसके लिए जेडीए अफसरों ने कवायद भी शुरू कर दी है। इसके लिए जगह तलाशी जा रही है। उनका कहना है बेतवा के साथ ही पहूंज नदी के किनारे को भी खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव है।
सरकार ने बुंदेलखंड में बेतवा नदी की खूबसूरती को पर्यटन के साथ जोड़ने की कवायद के निर्देश दिए थे। इसके बाद जेडीए ने प्रस्ताव तैयार कराना शुरू कराया। जेडीए अफसरों के मुताबिक बुंदेलखंड में बेतवा एवं पहूंज नदी इसके भौगोलिक वैभव को दर्शाती है। बेतवा नदी प्राकृतिक तौर पर काफी आकर्षक नदी है। इसके किनारे को खूबसूरत बनाकर इसे पर्यटन से जोड़ा जा सकता है। इस नदी से साहसिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा। इसके साथ ही इसके किनारों पर हरित पट्टिका भी विकसित की जाएगी। इसे प्रसिद्व साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। फिलहाल जेडीए बेतवा नदी का किनारा खोजने की कवायद में जुटा है। इन नदियों के अलावा अवस्थापना निधि से गढ़मऊ एवं बरुआसागर किले के पीछे स्थित तालाब का भी सुंदरीकरण होगा। वहीं, जेडीए एवं अवस्थापना बोर्ड अध्यक्ष मंडलायुक्त अजय शंकर पांडेय का कहना है बोर्ड से यह कार्य मंजूर हो गए हैं। अब इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराने को कहा गया है। रिवर फ्रंट विकसित होने से नदियों का संरक्षण भी हो सकेगा।
विज्ञापन
सरकार ने बुंदेलखंड में बेतवा नदी की खूबसूरती को पर्यटन के साथ जोड़ने की कवायद के निर्देश दिए थे। इसके बाद जेडीए ने प्रस्ताव तैयार कराना शुरू कराया। जेडीए अफसरों के मुताबिक बुंदेलखंड में बेतवा एवं पहूंज नदी इसके भौगोलिक वैभव को दर्शाती है। बेतवा नदी प्राकृतिक तौर पर काफी आकर्षक नदी है। इसके किनारे को खूबसूरत बनाकर इसे पर्यटन से जोड़ा जा सकता है। इस नदी से साहसिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा। इसके साथ ही इसके किनारों पर हरित पट्टिका भी विकसित की जाएगी। इसे प्रसिद्व साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। फिलहाल जेडीए बेतवा नदी का किनारा खोजने की कवायद में जुटा है। इन नदियों के अलावा अवस्थापना निधि से गढ़मऊ एवं बरुआसागर किले के पीछे स्थित तालाब का भी सुंदरीकरण होगा। वहीं, जेडीए एवं अवस्थापना बोर्ड अध्यक्ष मंडलायुक्त अजय शंकर पांडेय का कहना है बोर्ड से यह कार्य मंजूर हो गए हैं। अब इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराने को कहा गया है। रिवर फ्रंट विकसित होने से नदियों का संरक्षण भी हो सकेगा।
विज्ञापन