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एक साल पहले टेंडर लिया, लेकिन शुरू नहीं किया काम
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झांसी। सीपरी बाजार प्रेमगंज में कारगिल पार्क के पास नाले से निकली पानी की पाइपलाइन ठीक करने के लिए एक साल पहले जलसंस्थान ने टेंडर निकाला था। लेकिन, ठेकेदार ने अब तक काम शुरू नहीं किया है। इस कारण मोहल्लेवासी नालों का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
कोरोना काल चल रहा है। इसके लिए स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जा रहा है, लेकिन प्रेमगंज में लोगों को नाले का गंदा पानी पीना पड़ रहा है। कारगिल पार्क के पास जलसंस्थान की मेन पाइपलाइन में लीकेज के कारण घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। बार-बार इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की जा रही है, परंतु समाधान नहीं निकल रहा है। करीब एक साल पहले जलसंस्थान ने समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन शिफ्ट करने का निर्णय लिया और टेंडर निकाला। करीब ढाई लाख रुपये से सड़क के दूसरी ओर से पाइप लाइन को घुमाकर निकालने का स्टीमेट बनाया गया। विभाग ने टेंडर निकाला तो तीन ठेकेदारों ने काम में रुचि दिखाई। इसमें से एक ठेकेदार का नाम स्वीकृत होने के बाद विभाग ने वर्क आर्डर जारी कर दिया। लेकिन, एक साल पूरा होने को है और अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।
पानी के प्रेशर की चिंता
टेंडर स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार ने काम शुरू करने का निर्णय लिया तो राजनीति हावी हो गई। कुछ लोग लाइन को अपने हिसाब से शिफ्ट कराने के लिए सक्रिय हो गए। इसका जलसंस्थान के अफसरों ने विरोध किया। उनका तर्क था कि यदि लाइन को अपने हिसाब से बदलवाया गया तो पानी का प्रेशर कम हो जाएगा और लोगों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाएगी। राजनीतिक दखल अंदाजी बढ़ी तो ठेकेदार ने काम ही शुरू नहीं किया। इस कारण लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रीय जनता भुगत रही है।
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और भी हैं लीकेज
प्रेमगंज में अकेला पानी की मेन पाइप लाइन में लीकेज नहीं है, बल्कि अरोरा एसटीडी के सामने, बिलगैंया के मकान के पास, पांडेय के मकान के बगल में और ट्रांसफार्मर के पीछे लीकेज हैं। मोहल्लेवालों ने शिकायत की, लेकिन लीकेज सही नहीं हो रहे हैं।
स्थानीय राजनीति करने वालों के हस्तक्षेप की वजह से काम रुका पड़ा है। दो से तीन दिन में काम शुरू हो जाएगा। ठेकेदार तैयार है।
- कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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कोरोना काल चल रहा है। इसके लिए स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जा रहा है, लेकिन प्रेमगंज में लोगों को नाले का गंदा पानी पीना पड़ रहा है। कारगिल पार्क के पास जलसंस्थान की मेन पाइपलाइन में लीकेज के कारण घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। बार-बार इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की जा रही है, परंतु समाधान नहीं निकल रहा है। करीब एक साल पहले जलसंस्थान ने समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन शिफ्ट करने का निर्णय लिया और टेंडर निकाला। करीब ढाई लाख रुपये से सड़क के दूसरी ओर से पाइप लाइन को घुमाकर निकालने का स्टीमेट बनाया गया। विभाग ने टेंडर निकाला तो तीन ठेकेदारों ने काम में रुचि दिखाई। इसमें से एक ठेकेदार का नाम स्वीकृत होने के बाद विभाग ने वर्क आर्डर जारी कर दिया। लेकिन, एक साल पूरा होने को है और अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।
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पानी के प्रेशर की चिंता
टेंडर स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार ने काम शुरू करने का निर्णय लिया तो राजनीति हावी हो गई। कुछ लोग लाइन को अपने हिसाब से शिफ्ट कराने के लिए सक्रिय हो गए। इसका जलसंस्थान के अफसरों ने विरोध किया। उनका तर्क था कि यदि लाइन को अपने हिसाब से बदलवाया गया तो पानी का प्रेशर कम हो जाएगा और लोगों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाएगी। राजनीतिक दखल अंदाजी बढ़ी तो ठेकेदार ने काम ही शुरू नहीं किया। इस कारण लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रीय जनता भुगत रही है।
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और भी हैं लीकेज
प्रेमगंज में अकेला पानी की मेन पाइप लाइन में लीकेज नहीं है, बल्कि अरोरा एसटीडी के सामने, बिलगैंया के मकान के पास, पांडेय के मकान के बगल में और ट्रांसफार्मर के पीछे लीकेज हैं। मोहल्लेवालों ने शिकायत की, लेकिन लीकेज सही नहीं हो रहे हैं।
स्थानीय राजनीति करने वालों के हस्तक्षेप की वजह से काम रुका पड़ा है। दो से तीन दिन में काम शुरू हो जाएगा। ठेकेदार तैयार है।
- कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान