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सस्ती हुईं व्यावसायिक संपत्तियां

Mon, 11 Jan 2016 01:07 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Mon, 11 Jan 2016 01:07 AM IST
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Became cheaper commercial properties
झांसी। जनपद में व्यावसायिक संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में आई कमी के चलते निबंधन विभाग द्वारा सर्किल रेट में पच्चीस फीसदी तक की कमी कर दी गई है। घटी हुई दरें सात जनवरी से लागू हो गईं हैं। इससे बैनामों पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी पर अब लोगों को कम खर्च करने होंगे।
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वैसे तो निबंधन विभाग द्वारा अगस्त माह में सर्किल रेट में संशोधन किया जाता है। इस बार भी अगस्त माह में यह दरें संशोधित की गईं थीं। संपत्तियोें के सर्किल रेट में विभाग ने बीस फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की थी। लेकिन, सर्किल रेट बढ़ाने से भी विभाग को कोई फायदा नहीं हुआ।
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बल्कि, इससे नुकसान ही उठाना पड़ा। जमीन की खरीद - फरोख्त में भारी कमी आई है। खासतौर पर व्यावसायिक संपत्तियों के बैनामे घट गए हैं।  स्थिति यह है कि शासन द्वारा आवंटित राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने में निबंधन विभाग के हाथ पांव फूल रहे हैं। इससे निपटने के लिए विभाग द्वारा व्यावसायिक संपत्तियां के सर्किल रेट में 10 से 25 फीसदी की कमी कर दी है। जिलाधिकारी की स्वीकृति उपरांत घटी हुई नई दरें सात जनवरी से जिले में लागू कर दी गईं हैं।
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यह आया अंतर
स्थान-पुराना सर्किल रेट-नया सर्किल रेट
सुभाष गंज-1,11,000-99,300
जीवन शाह-1,05,000-94,300
सर्राफा बाजार-1,08,000-97,300
इलाइट चौराहा-1,07,300-1,09,500
प्रेमनगर-55,500-45,300
सीपरी बाजार-1,02,000-81,300
(सर्किल रेट प्रति वर्गमीटर में)     

‘व्यावसायिक संपत्तियों के सर्किल रेट में पच्चीस फीसदी तक की कमी की गई है। नई दरें जिले में सात जनवरी से लागू हो गईं हैं।’
- ए के पासवान, सहायक महानिरीक्षक निबंधन

राजस्व लक्ष्य से पीछे है विभाग
झांसी। बैनामों में कमी के चलते निबंधन विभाग तय राजस्व लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। पिछले साल दिसंबर माह तक विभाग वित्तीय वर्ष का 75 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर चुका था। लेकिन, इस बार 60 फीसदी लक्ष्य ही हासिल हुआ है। 1.82 अरब के सापेक्ष 1.09 अरब की ही प्राप्ति हुई है।

कंप्यूटराइज्ड हुए रजिस्ट्री कार्यालय
झांसी। निबंधन विभाग द्वारा झांसी तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय को पहले ही कंप्यूटराइज्ड किया जा चुका है और अब अन्य चारों तहसीलों के सब रजिस्ट्रार कार्यालय को भी कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया है। भविष्य में इन्हें ऑनलाइन करने की भी तैयारी है।

एक माह में वापस होंगे स्टांप
झांसी। प्रदेश सरकार द्वारा स्टांप वापसी के प्रकरणों को जनहित गारंटी अधिनियम के तहत लाया गया है, जिसके चलते जिला स्टांप अधिकारी को अब एक माह के भीतर स्टांप वापसी के प्रकरणों का निस्तारण करना होगा। अन्यथा की स्थिति में मंडलायुक्त के यहां सीधी अपील होगी।


मालूम हो कि बैनामा होने से पहले स्टांपों की खरीद कर ली जाती है, परंतु किसी कारण से बैनामा न होने पर लोगों को स्टांप वापसी के लिए परेशान होना पड़ता है। इसमें कई-कई माह का समय लग जाता है, परंतु अब यह स्थिति नहीं रहेगी।
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