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आयुष क्वाथ बना मरीजों को देगा आयुर्वेदिक कॉलेज, औषधियां मांगी
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झांसी। कोरोना काल में लोगों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने के लिए आयुर्वेदिक कॉलेज आयुष क्वाथ देगा। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी ये दिया जाएगा। इसके अलावा कुछ औषधियां भी बांटी जाएंगी, जिससे उन्हें ठीक होने में काफी मदद मिलेगी। इसके लिए निदेशालय से औषधियों की मांग की गई है।
कोरोना के दौर में आयुर्वेद की मांग भी तेजी से बढ़ी है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने भी लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए तमाम नुस्खे बताए हैं। झांसी के बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज ने पिछले साल कोरोना की पहली लहर के दौरान आयुष क्वाथ वितरित करना शुरू किया था। चिकित्सालय आने वाले मरीजों को ये काढ़ा दिया जा रहा था। इस बार तो संक्रमण की रफ्तार पांच गुना तेज है। किसी-किसी दिन तो एक-एक हजार मरीज आ रहे हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक कॉलेज ने फिर से लोगों को आयुष क्वाथ देने का फैसला किया है। वहीं, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर दी जानी वाली दवाओं के लिए भी औषधियों की मांग की है। औषधियां मिलते ही दवाएं तैयार कर अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों को देना शुरू कर दिया जाएगा।
अभी दवाएं हो चुकी खत्म
आयुर्वेदिक कॉलेज में अभी दवाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। इक्का-दुक्का दवाएं बची हुई हैं, जो आकस्मिक स्थिति में आने वाले मरीजों को दी जाती हैं, क्योंकि ओपीडी तो बंद चल रही है। साथ ही आईपीडी में भी कोई मरीज भर्ती नहीं है। इसलिए दवाएं खत्म होने का अभी ज्यादा असर नहीं पड़ा है। मगर ओपीडी शुरू होते ही मरीजों को समस्या होने लगेगी।
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निदेशालय को पत्र लिखकर आयुष क्वाथ या इसको तैयार करने वाली सामग्री समेत कुछ औषधियों की मांग की गई है। यह मिलते ही कोरोना मरीजों, सरकारी विभागों के लोगों को देना शुरू कर दिया जाएगा। आयुष क्वाथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। इसके लगातार सेवन करने से कोरोना से बचा जा सकता है। - डॉ. केदारनाथ यादव, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज।
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कोरोना के दौर में आयुर्वेद की मांग भी तेजी से बढ़ी है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने भी लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए तमाम नुस्खे बताए हैं। झांसी के बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज ने पिछले साल कोरोना की पहली लहर के दौरान आयुष क्वाथ वितरित करना शुरू किया था। चिकित्सालय आने वाले मरीजों को ये काढ़ा दिया जा रहा था। इस बार तो संक्रमण की रफ्तार पांच गुना तेज है। किसी-किसी दिन तो एक-एक हजार मरीज आ रहे हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक कॉलेज ने फिर से लोगों को आयुष क्वाथ देने का फैसला किया है। वहीं, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर दी जानी वाली दवाओं के लिए भी औषधियों की मांग की है। औषधियां मिलते ही दवाएं तैयार कर अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों को देना शुरू कर दिया जाएगा।
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अभी दवाएं हो चुकी खत्म
आयुर्वेदिक कॉलेज में अभी दवाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। इक्का-दुक्का दवाएं बची हुई हैं, जो आकस्मिक स्थिति में आने वाले मरीजों को दी जाती हैं, क्योंकि ओपीडी तो बंद चल रही है। साथ ही आईपीडी में भी कोई मरीज भर्ती नहीं है। इसलिए दवाएं खत्म होने का अभी ज्यादा असर नहीं पड़ा है। मगर ओपीडी शुरू होते ही मरीजों को समस्या होने लगेगी।
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निदेशालय को पत्र लिखकर आयुष क्वाथ या इसको तैयार करने वाली सामग्री समेत कुछ औषधियों की मांग की गई है। यह मिलते ही कोरोना मरीजों, सरकारी विभागों के लोगों को देना शुरू कर दिया जाएगा। आयुष क्वाथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। इसके लगातार सेवन करने से कोरोना से बचा जा सकता है। - डॉ. केदारनाथ यादव, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज।