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Jhansi News: चेक बाउंस के मामले से नाम हटाने की सौदेबाजी का ऑडियो वायरल, दरोगा लाइन हाजिर
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झांसी। चेक बाउंस के मामले की विवेचना के दौरान आरोपी का नाम मुकदमे से बाहर करने के नाम पर कथित तौर पर रुपये की सौदेबाजी का ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई। वायरल ऑडियो में एक दरोगा और युवक के बीच मुकदमे से नाम हटाने, बयान दर्ज कराने और रुपये के लेनदेन को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है। मामला संज्ञान में आने के बाद एसएसपी विकास कुमार ने भेल चौकी के इंचार्ज सोनू श्रीवास्तव को लाइन हाजिर कर दिया है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
यह मामला बबीना के खैलार निवासी अर्जुन तिवारी की ओर से भेल चौकी इंचार्ज सोनू श्रीवास्तव के खिलाफ की गई शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऑडियो की सत्यता, बातचीत में शामिल लोगों और पूरे प्रकरण की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऑडियो में आवाज किसकी है और बातचीत किस परिस्थिति में हुई, इसकी भी जांच की जा रही है। संवाद न्यूज एजेंसी इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करती।
शिकायत में 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
अर्जुन तिवारी ने एसएसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि 12 सितंबर को उन्हें फोन कर भेल चौकी बुलाया गया था। शिकायत के मुताबिक, चौकी पहुंचने पर उनसे धर्मेंद्र गुप्ता की ओर से दर्ज मुकदमे में नाम जोड़ने की बात कही गई और 50 हजार रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। अर्जुन ने शिकायत में कहा है कि उनके दामाद शिशिर सोनाकिया ने धर्मेंद्र गुप्ता के खिलाफ चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया है। इसी मामले में गुप्ता के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
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ऑडियो में 50 हजार से 10 हजार तक पहुंची बातचीत
इसी प्रकरण से जोड़कर वायरल किए जा रहे ऑडियो में बातचीत की शुरुआत 50 हजार रुपये की रकम से होती सुनाई देती है। दरोगा कथित तौर पर 50 हजार रुपये की ‘सेवा’ की बात करता है। इस पर युवक खुद को तिवारी जी का भतीजा बताते हुए कहता है कि वह ‘सेवा’ के लिए ही आया है। बातचीत आगे बढ़ने पर रकम को लेकर मोलभाव होता है। पहले 20 हजार रुपये और फिर 10 हजार रुपये में मामला निपटाने की बात होती सुनाई देती है।
अज्ञात आरोपियों का नाम बाहर करने की बात
बातचीत में दरोगा कथित तौर पर युवक से कहता है कि न्यायालय की ओर से उन्हें तलब किया जा रहा है और जो लोग मुकदमे में अज्ञात हैं, उन्हें मामले से बाहर करना है। वह यह भी कहता सुनाई देता है कि यदि कोई दूसरा विवेचक (आईओ) आ गया तो वह उन्हें फंसा देगा। इसके बाद युवक से बयान दर्ज कराने और आधार कार्ड उपलब्ध कराने की बात कही जाती है।
‘मौखिक बातचीत से काम नहीं चलेगा’
ऑडियो में दरोगा कथित तौर पर युवक को समझाता है कि केवल मौखिक बातचीत से काम नहीं चलेगा। बयान दर्ज कराने के साथ आधार कार्ड लगाने की जरूरत होगी, ताकि अदालत में जवाब दिया जा सके। युवक अपना नाम मोहित तिवारी बताता है और परिवार के एक बुजुर्ग के बीमार होने का हवाला देते हुए कुछ समय मांगता सुनाई देता है।
रिटायर्ड दरोगा से लिखा-पढ़ी कराने की बात
बातचीत में दरोगा कथित तौर पर यह भी बताता है कि काम की अधिकता के कारण वह लिखा-पढ़ी के लिए एक रिटायर्ड दरोगा को बुलाता है। इसके लिए प्रति काम पांच हजार रुपये देने की बात भी ऑडियो में सुनाई देती है। युवक की ओर से कैंटीन से सामान और अन्य चीजें उपलब्ध कराने की बात भी कही जाती है। अंत में दरोगा सोमवार तक मामला निपटाने और जरूरी कागजात पर हस्ताक्षर कराने की बात करता सुनाई देता है।
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यह मामला बबीना के खैलार निवासी अर्जुन तिवारी की ओर से भेल चौकी इंचार्ज सोनू श्रीवास्तव के खिलाफ की गई शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऑडियो की सत्यता, बातचीत में शामिल लोगों और पूरे प्रकरण की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऑडियो में आवाज किसकी है और बातचीत किस परिस्थिति में हुई, इसकी भी जांच की जा रही है। संवाद न्यूज एजेंसी इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करती।
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शिकायत में 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
अर्जुन तिवारी ने एसएसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि 12 सितंबर को उन्हें फोन कर भेल चौकी बुलाया गया था। शिकायत के मुताबिक, चौकी पहुंचने पर उनसे धर्मेंद्र गुप्ता की ओर से दर्ज मुकदमे में नाम जोड़ने की बात कही गई और 50 हजार रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। अर्जुन ने शिकायत में कहा है कि उनके दामाद शिशिर सोनाकिया ने धर्मेंद्र गुप्ता के खिलाफ चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया है। इसी मामले में गुप्ता के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
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ऑडियो में 50 हजार से 10 हजार तक पहुंची बातचीत
इसी प्रकरण से जोड़कर वायरल किए जा रहे ऑडियो में बातचीत की शुरुआत 50 हजार रुपये की रकम से होती सुनाई देती है। दरोगा कथित तौर पर 50 हजार रुपये की ‘सेवा’ की बात करता है। इस पर युवक खुद को तिवारी जी का भतीजा बताते हुए कहता है कि वह ‘सेवा’ के लिए ही आया है। बातचीत आगे बढ़ने पर रकम को लेकर मोलभाव होता है। पहले 20 हजार रुपये और फिर 10 हजार रुपये में मामला निपटाने की बात होती सुनाई देती है।
अज्ञात आरोपियों का नाम बाहर करने की बात
बातचीत में दरोगा कथित तौर पर युवक से कहता है कि न्यायालय की ओर से उन्हें तलब किया जा रहा है और जो लोग मुकदमे में अज्ञात हैं, उन्हें मामले से बाहर करना है। वह यह भी कहता सुनाई देता है कि यदि कोई दूसरा विवेचक (आईओ) आ गया तो वह उन्हें फंसा देगा। इसके बाद युवक से बयान दर्ज कराने और आधार कार्ड उपलब्ध कराने की बात कही जाती है।
‘मौखिक बातचीत से काम नहीं चलेगा’
ऑडियो में दरोगा कथित तौर पर युवक को समझाता है कि केवल मौखिक बातचीत से काम नहीं चलेगा। बयान दर्ज कराने के साथ आधार कार्ड लगाने की जरूरत होगी, ताकि अदालत में जवाब दिया जा सके। युवक अपना नाम मोहित तिवारी बताता है और परिवार के एक बुजुर्ग के बीमार होने का हवाला देते हुए कुछ समय मांगता सुनाई देता है।
रिटायर्ड दरोगा से लिखा-पढ़ी कराने की बात
बातचीत में दरोगा कथित तौर पर यह भी बताता है कि काम की अधिकता के कारण वह लिखा-पढ़ी के लिए एक रिटायर्ड दरोगा को बुलाता है। इसके लिए प्रति काम पांच हजार रुपये देने की बात भी ऑडियो में सुनाई देती है। युवक की ओर से कैंटीन से सामान और अन्य चीजें उपलब्ध कराने की बात भी कही जाती है। अंत में दरोगा सोमवार तक मामला निपटाने और जरूरी कागजात पर हस्ताक्षर कराने की बात करता सुनाई देता है।