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अतिशोषित वर्ग को मिलेगा मन का काम
झांसी/ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2015 12:35 AM IST
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झांसी। मजदूरों के बाद अब अतिशोषित वर्ग के लिए मनरेगा वरदान का काम करेगी। अतिशोषित वर्ग के लोगों का सर्वे कराकर उनसे पूछा जाएगा कि उनकी किस काम में रुचि है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर उनके लिए रुचि कर कार्य मुहैया कराया जाएगा।
भारत सरकार द्वारा कराई गई आर्थिक जनगणना में अतिशोषित वर्ग सामने आया है। यह वह वर्ग है जिनकी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। इनमें से कई ऐसे हैं, जिनके पास रहने के लिए मकान तक नहीं है। जिले में अतिशोषित वर्ग के लोगों की संख्या 25 हजार सामने आई थी। इन पच्चीस हजार लोगों के लिए रोजगार मुहैया कराने की जिम्मेदारी मनरेगा को सौंपी गई है।
मनरेगा उपायुक्त विकास मिश्रा ने बताया कि ब्लाक स्तरीय सोशल आडिट कमेटियां, रोजगार सेवक व प्रेरकों आदि की टीम बनाकर सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में अतिशोषित वर्ग के लोगों से पूछा जाएगा कि वह क्या कार्य करना चाहते हैं। उनके द्वारा बताए गए कार्यों के आधार पर सर्वे टीम रिपोर्ट तैयार करके देगी।
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सर्वे रिपोर्ट की मदद से कार्य योजना तैयार की जाएगी, जिसे स्वीकृति के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। शासन की स्वीकृति मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। नये वित्तीय वर्ष में अतिशोषित वर्ग के लोगों के लिए उनके मन का रोजगार मिल जाएगा।
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भारत सरकार द्वारा कराई गई आर्थिक जनगणना में अतिशोषित वर्ग सामने आया है। यह वह वर्ग है जिनकी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। इनमें से कई ऐसे हैं, जिनके पास रहने के लिए मकान तक नहीं है। जिले में अतिशोषित वर्ग के लोगों की संख्या 25 हजार सामने आई थी। इन पच्चीस हजार लोगों के लिए रोजगार मुहैया कराने की जिम्मेदारी मनरेगा को सौंपी गई है।
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मनरेगा उपायुक्त विकास मिश्रा ने बताया कि ब्लाक स्तरीय सोशल आडिट कमेटियां, रोजगार सेवक व प्रेरकों आदि की टीम बनाकर सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में अतिशोषित वर्ग के लोगों से पूछा जाएगा कि वह क्या कार्य करना चाहते हैं। उनके द्वारा बताए गए कार्यों के आधार पर सर्वे टीम रिपोर्ट तैयार करके देगी।
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सर्वे रिपोर्ट की मदद से कार्य योजना तैयार की जाएगी, जिसे स्वीकृति के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। शासन की स्वीकृति मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। नये वित्तीय वर्ष में अतिशोषित वर्ग के लोगों के लिए उनके मन का रोजगार मिल जाएगा।