फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Athletes won on the basis of talent by defeating challenges

Jhansi News: चुनौतियाें को हराकर प्रतिभा के दम पर जीते एथलीट

Tue, 07 May 2024 04:11 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Tue, 07 May 2024 04:11 AM IST
विज्ञापन
Athletes won on the basis of talent by defeating challenges
विश्व एथलेटिक्स दिवस पर विशेष
विज्ञापन

फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कभी कंकड़-पत्थर और धूल भरे मैदान पर दौड़ लगाई तो कभी रस्सी न होने पर मां की साड़ी पर लकड़ी बांधकर अपनी प्रतिभा को मजबूत किया। उन्होंने बेहतर एथलीट बनने का सपना संजोया, मगर जब मैदान पर पहुंचे तो चुनौतियां बाधा बनीं। लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर चुनौतियों को मात दी और झांसी को नई पहचान दी। कुछ ऐसी ही कहानी है झांसी के एथलीटों की। कहने को झांसी में खेल और खिलाड़ियों को खूब सुविधाएं मिलीं, लेकिन एथलीट इन सुविधाओं से कोसों दूर हैं। यहां न तो एथलेटिक्स के कोई कोच हैं और न ही कोई अन्य सुविधाएं। मगर फिर भी खिलाड़ियों का जज्बा हर सुविधा को चुनौती दे रहा है।
-----------
शैली सिंह ने दी पहचान
झांसी में एथलेटिक्स को नई पहचान पारीछा की बेटी शैली सिंह ने दी। अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप हो या एशियन गेम्स हर जगह शैली ने अपनी प्रतिभा के दम पर रजत पदक जीता। मगर शैली ने यह मुकाम कड़े संघर्ष के बाद पाया। एक दौर था जब शैली के पास न तो अच्छे जूते थे और न ही कोई अन्य संसाधन। मैदान नहीं था तो गांव की सड़क पर दौड़कर खुद को मजबूत किया। मां की साड़ी में लकड़ी बांधकर कूदना सीखा और एक दिन वह आया जब शैली की एक छलांग ने विश्व स्तर पर झांसी को नई पहचान दे दी। शैली बताती हैं कि सुविधाओं का अभाव होने के कारण खिलाड़ी अभ्यास करने से वंचित हैं। बेहतरीन खेल मैदान, सिंथेटिक ट्रैक और सुविधाएं मिलें तो खिलाड़ी देश और दुनिया में झांसी का नाम रोशन कर सकते हैं।
विज्ञापन

----------------
जीआईसी और रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान बना सहारा
झांसी में यूं तो एथलीटों की लंबी फेहरिस्त है, लेकिन सुविधाएं उतनी ही कम हैं। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एथलेटिक्स खिलाड़ियाें के न तो कोच हैं और न ही सुविधाएं हैं। हालात यह हैं कि स्टेडियम में बना जिम्नेजियम हॉल बंद पड़ा है। वहीं खिलाड़ी जीआईसी और सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान पर अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
इन एथलीटाें ने भी दिखाई प्रतिभा
शैली सिंह के अलावा झांसी के धीरज परिहार, एएन राय, कमल किशोर रायकवार ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का परचम लहराया। वहीं ओम प्रकाश यादव, बृजेंद्र यादव, अर्जुन सिंह, रऊफ खान, अतीक अहमद, महेश कुशवाहा, आशा सिंह, मिश्री लाल, राम सिंह, राकेश बुधवार, नरेंद्र यादव, रश्मि औनियल, अनीता बाल्दे ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाई।
-----------
इन्होंने कहा
शैली सिंह समेत तमाम एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने देश और झांसी का नाम रोशन किया है। यहां एथलीटों के लिए सुविधाओं का अभाव है। इन्हें विकसित करने के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए। - असद उल्ला खान, अध्यक्ष जिला एथलेटिक्स संघ
---------
सुविधाओं का अभाव होने के बाद भी झांसी के एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने देश और शहर का मान बढ़ाया है। कोच और अभ्यास के लिए मैदान होने पर एथलीट अपने खेल काे निखार सकते हैं। - अर्जुन सिंह, सचिव, जिला एथलेटिक्स संघ

----------
झांसी के कई एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झांसी का नाम रोशन कर सकते हैं। लेकिन संसाधनों का अभाव और खेल विभाग की अनदेखी के चलते खिलाड़ी अभ्यास से वंचित हैं। हरगोविंद संधू, द्रोणाचार्य अवार्डी
-------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed