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इंजन पर चढ़ने से पहले चालकों से पूछे जाएंगे सवाल
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झांसी। कोहरे में ट्रेन चलाते वक्त चालकों में नियमों का ज्ञान ताजा बना रहे इसके लिए उनसे इंजन पर चढ़ने से पहले सवाल पूछे जाएंगे। इसके लिए एक बहुविकल्पीय प्रश्न बैंक तैयार किया जाएगा। कोहरे की तैयारियों को लेकर उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मंडल प्रमुखों से निगरानी बढ़ाने पर बल दिया।
रेल प्रशासन के लिए कोहरे में ट्रेनों का संचालन किसी चुनौती से कम नहीं होता है। चालकों की जरा सी लापरवाही का गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। यही कारण है कि कोहरे मेें ट्रेनों के संचालन को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर हो जाता है। चालक को फॉग सेफ डिवाइस साथ लेकर चलना पड़ता है, जिसकी मदद से वह अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गाड़ी चला सकता है। डिवाइस की मदद से ही सिग्नलों पर नियम का पालन करना है। अगर किसी कारण डिवाइस खराब है तो अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही गाड़ी को चलाया जा सकता है। गति की जांच के लिए संरक्षा सुपरवाइजरों को लगाया गया है, जो अलग- अलग सेक्शनों में पटरियों के पास खड़े रहकर स्पीड गन की मदद से स्पीड का पता करेंगे। गाड़ी चलाते समय चालक व सह चालक को अपने मोबाइल बंद रखना अनिवार्य है। रात में ट्रेनों के संचालन पर निगाह रखने के लिए अफसरों व सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। झांसी स्टेशन से अभी साठ सवारी व नब्बे के करीब मालगाड़ियां गुजर रहीं हैं।
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रेल प्रशासन के लिए कोहरे में ट्रेनों का संचालन किसी चुनौती से कम नहीं होता है। चालकों की जरा सी लापरवाही का गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। यही कारण है कि कोहरे मेें ट्रेनों के संचालन को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर हो जाता है। चालक को फॉग सेफ डिवाइस साथ लेकर चलना पड़ता है, जिसकी मदद से वह अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गाड़ी चला सकता है। डिवाइस की मदद से ही सिग्नलों पर नियम का पालन करना है। अगर किसी कारण डिवाइस खराब है तो अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही गाड़ी को चलाया जा सकता है। गति की जांच के लिए संरक्षा सुपरवाइजरों को लगाया गया है, जो अलग- अलग सेक्शनों में पटरियों के पास खड़े रहकर स्पीड गन की मदद से स्पीड का पता करेंगे। गाड़ी चलाते समय चालक व सह चालक को अपने मोबाइल बंद रखना अनिवार्य है। रात में ट्रेनों के संचालन पर निगाह रखने के लिए अफसरों व सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। झांसी स्टेशन से अभी साठ सवारी व नब्बे के करीब मालगाड़ियां गुजर रहीं हैं।
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