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पहली बार ऑनलाइन वोट डालेंगे सेना के जवान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:49 AM IST
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military votes news
- फोटो : demo
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विधानसभा चुनाव में पहली बार सेना के जवान, पुलिस के जवान और राजदूत ऑनलाइन वोट डालेंगे। यदि महिला सेना में जवान है तो उनके पति को यह सुविधा नहीं मिलेगी, लेकिन सेना के पुरुष जवान की पत्नी को ऑनलाइन वोट डालने की सुविधा दी जाएगी। वोट डालने के लिए उन्हेें घोषणा पत्र भरना होगा, अन्यथा वोट अवैध माना जाएगा।
अब तक पोस्टल वैलेट रजिस्टर्ड डाक से भेजे जाते थे। कई बार ऐसा होता था कि इनके पहुंचने में देरी हो जाती थी और मतगणना में यह शामिल नहीं हो पाते थे, लेकिन अबकी बार निर्वाचन आयोग ने ऑनलाइन वोट डालने की व्यवस्था की है। सेना के जवानों और पुलिस के जवानों को मतदान के दौरान बहुत कम छुट्टिया मिलती हैं, जिससे वह मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते हैं। ऐसे सरकारी कर्मचारियों के लिए पोस्टल वैलेट की व्यवस्था होती है। अब तक लागू व्यवस्था के अनुसार पोस्टल वैलेट पेपर रजिस्टर्ड डाक से सेना मुख्यालय भेजे जाते थे। वहां से डाक द्वारा वापस मतदान केंद्र आते थे। इसमें काफी समय लग जाता था। कई बार तो ऐसा होता था कि मतगणना के बाद पहुंचते थे।
लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। निर्वाचन आयोग ने अबकी बार आनलाइन वोटिंग की व्यवस्था की है। इसके तहत दो लिफाफे होंगे, जो भी जवान वोट डालना चाहता है, उसके मोबाइल पर मैसेज आएगा। इस मैसेज का उपयोग एक बार ही किया जा सकेगा। इसके बाद जवान प्रिंट आउट डाउनलोड करेगा। इसके बाद उस पर टिक लगा देगा तथा उसे एक घोषणा पत्र भी भरना होगा। छोटे लिफाफे में वह टिक लगा प्रिंट आउट व बड़े लिफाफे में घोषणा पत्र रखकर भेज देगा। लिफाफों के ऊपर क्यूआर कोड (क्विक रिस्पांस कोड) लिखा होगा। इसे कोई नहीं पढ़ पाएगा, लेकिन जब पोस्टल वैलेट काउंटिंग के लिए पहुंचेगा तो स्कैनर मशीन से इस कोड को स्कैन किया जाएगा, यदि किसी ने उस लिफाफे का प्रिंट आउट निकालकर दुबारा प्रयोग किया है तो स्कैनर बता देगा और वह मत अवैध मान लिया जाएगा। इसकी खास बात यह रहेगी कि यदि लिफाफा में घोषणा पत्र नहीं भरा होगा तो उसे भी अमान्य मान लिया जाएगा।
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ईमेल मेसेज से बताया जाएगा
ऑनलाइन वोटिंग के लिए जिस ईमेल का इस्तेमाल किया जाएगा, वह मोबाइल नंबर पर आने वाले मेसेज से बताया जाएगा, ताकि इसका कोई दुरुपयोग न कर सके।
रिकार्ड ऑफिस से मिलेगा पासवर्ड
ऑनलाइन वोटिंग की व्यवस्था की सीक्रेट रखा गया है। इसके लिए पासवर्ड रिकार्ड ऑफिस से दिया जाएगा। वह भी वन टाइम पासवर्ड होगा, ताकि कोई इसका दुरुपयोग न कर सके।
आधा घंटे बाद शुरू होगी मतगणना
जो वोट ऑनलाइन डाले जाएंगे, उनकी गणना पहले शुरू होगी। लेकिन, यदि आधा घंटा से अधिक समय इनकी गणना में लगता है तो मतगणना शुरू हो जाएगी और पोस्टल वैलेट की गिनती अलग होती रहेगी।
मतदाता सूची हो रही है तैयार
सेना के जवानों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद इनकी संख्या रिकार्ड रूम में भेजी जाएगी। इसलिए अभी कहना मुश्किल है कि कितने मतदाता सूची में कितने नाम हैं।
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अब तक पोस्टल वैलेट रजिस्टर्ड डाक से भेजे जाते थे। कई बार ऐसा होता था कि इनके पहुंचने में देरी हो जाती थी और मतगणना में यह शामिल नहीं हो पाते थे, लेकिन अबकी बार निर्वाचन आयोग ने ऑनलाइन वोट डालने की व्यवस्था की है। सेना के जवानों और पुलिस के जवानों को मतदान के दौरान बहुत कम छुट्टिया मिलती हैं, जिससे वह मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते हैं। ऐसे सरकारी कर्मचारियों के लिए पोस्टल वैलेट की व्यवस्था होती है। अब तक लागू व्यवस्था के अनुसार पोस्टल वैलेट पेपर रजिस्टर्ड डाक से सेना मुख्यालय भेजे जाते थे। वहां से डाक द्वारा वापस मतदान केंद्र आते थे। इसमें काफी समय लग जाता था। कई बार तो ऐसा होता था कि मतगणना के बाद पहुंचते थे।
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लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। निर्वाचन आयोग ने अबकी बार आनलाइन वोटिंग की व्यवस्था की है। इसके तहत दो लिफाफे होंगे, जो भी जवान वोट डालना चाहता है, उसके मोबाइल पर मैसेज आएगा। इस मैसेज का उपयोग एक बार ही किया जा सकेगा। इसके बाद जवान प्रिंट आउट डाउनलोड करेगा। इसके बाद उस पर टिक लगा देगा तथा उसे एक घोषणा पत्र भी भरना होगा। छोटे लिफाफे में वह टिक लगा प्रिंट आउट व बड़े लिफाफे में घोषणा पत्र रखकर भेज देगा। लिफाफों के ऊपर क्यूआर कोड (क्विक रिस्पांस कोड) लिखा होगा। इसे कोई नहीं पढ़ पाएगा, लेकिन जब पोस्टल वैलेट काउंटिंग के लिए पहुंचेगा तो स्कैनर मशीन से इस कोड को स्कैन किया जाएगा, यदि किसी ने उस लिफाफे का प्रिंट आउट निकालकर दुबारा प्रयोग किया है तो स्कैनर बता देगा और वह मत अवैध मान लिया जाएगा। इसकी खास बात यह रहेगी कि यदि लिफाफा में घोषणा पत्र नहीं भरा होगा तो उसे भी अमान्य मान लिया जाएगा।
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ईमेल मेसेज से बताया जाएगा
ऑनलाइन वोटिंग के लिए जिस ईमेल का इस्तेमाल किया जाएगा, वह मोबाइल नंबर पर आने वाले मेसेज से बताया जाएगा, ताकि इसका कोई दुरुपयोग न कर सके।
रिकार्ड ऑफिस से मिलेगा पासवर्ड
ऑनलाइन वोटिंग की व्यवस्था की सीक्रेट रखा गया है। इसके लिए पासवर्ड रिकार्ड ऑफिस से दिया जाएगा। वह भी वन टाइम पासवर्ड होगा, ताकि कोई इसका दुरुपयोग न कर सके।
आधा घंटे बाद शुरू होगी मतगणना
जो वोट ऑनलाइन डाले जाएंगे, उनकी गणना पहले शुरू होगी। लेकिन, यदि आधा घंटा से अधिक समय इनकी गणना में लगता है तो मतगणना शुरू हो जाएगी और पोस्टल वैलेट की गिनती अलग होती रहेगी।
मतदाता सूची हो रही है तैयार
सेना के जवानों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद इनकी संख्या रिकार्ड रूम में भेजी जाएगी। इसलिए अभी कहना मुश्किल है कि कितने मतदाता सूची में कितने नाम हैं।