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ललचा रहे रंगबिरंगे ड्राई फ्लावर
ब्यूरो
Updated Fri, 25 Dec 2015 01:24 AM IST
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झांसी। झांसी जन महोत्सव के तहत क्राफ्ट मैदान में लगे हस्त शिल्प मेले में मौजूद सामग्री लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मेले में घर एवं ऑफिस को सजाने के लिए खास तरह के रंगबिरंगे ड्राई फ्लावर लोगों को लुभा रहे हैं।
गोल्डन, सिल्वर, परपल, ग्रीन, यलो सहित कई आकर्षक रंगों में मौजूद इन ड्राई फ्लावर्स पर हाथों की कारीगरी एवं रंगों के समन्वय ने इन्हें बेजोड़ बना दिया है। फलस्वरूप लोग इन्हें खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं। आगरा के शिल्पकार किशोर के मुताबिक डेकोरेशन के लिहाज से यह ड्राई फ्लवार हमेशा से ही पसंद में रहे है।
नेट एवं जाली से युक्त सनफ्लावर एवं सेमर का पुष्प, खजूर की डंडी पर वैजयंती मोती, सींक की नोंक पर असली सुपारी जोड़ कर गोल्डन, कत्थई एवं स्लेटी कलर कर उसे लुभावना बनाया गया है। साइकस के पत्ते पर गोल्डन एवं ग्रीन कलर से बनी डिजाइन, गोल्डन कलर में घुंघरू का पौधा पहली नजर में ही आकर्षित करता है।
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बबीना की शिल्पकार ऊषा किरण एवं शैलेंद्र के मुताबिक ड्राई फ्लावर को तैयार करने में विभिन्न रंगों के कपड़ों की कटिंग कर सेटिंग करनी पड़ती है। एक फ्लावर सींक तैयार करने में लगभग पांच मिनट लगते हैं और एक स्टिक में टू कलर से थ्री कलर तक का समावेश होता है।
इनके अनुसार फ्लावर स्टिक में रजनीगंधा, गुलाब, चमेली आदि फूलों को बनाया जाता है। वहीं घर के गेटों को सजाने के लिए चाइना स्टिक में भी खूब पसंद की जा रही है इनके अनुसार एक फ्लावर स्टिक दस रुपये में है और पॉड के साथ पूरा फ्लावर बंच 200 रुपये कीमत से शुरू है।
महोत्सव में शामिल हो सकते हैं नोबेल विजेता सत्यार्थी
बचपन बचाओ के प्रबल समर्थक एवं नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी झांसी जन महोत्सव में शामिल हो सकते हैं। महोत्सव मुख्य संयोजक राजीव राय के मुताबिक समिति की नोबेल पुरस्कार विजेता से अंतिम चरण में बातचीत चल रही है और संभव है कि वह महोत्सव के किसी भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इस दौरान वह बच्चों के अधिकारों एवं उनके विकास पर व्याख्यान भी देंगे।
अब तक साढे़ सात लाख की बिक्री
महोत्सव में अपनी खास जगह बना चुके हस्त शिल्प मेले में अब तक 176 शिल्पियों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं, जिनकी हस्त शिल्प सामग्रियों की बिक्री अभी तक साढे़ सात लाख रुपये तक हो चुकी है। मेला प्रभारी दिनेश भार्गव ने बताया कि हस्त शिल्प सामग्री में सबसे ज्यादा सहारनपुर क ा फर्नीचर एवं क्रॉकरी की बिक्री हुई है। वहीं मेले में रौनक भी बढ़ चुकी है। लोग छुट्टियों का आनंद महोत्सव में बिता कर ले रहे हैं।
झांसी की माटी में जन्मे दिग्गज होंगे सम्मानित
झांसी की माटी में जन्मे दिग्गज महोत्सव में सम्मानित किए जाएंगे। मुख्य संयोजक राजीव राय के मुताबिक इनमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की महिला हॉकी खिलाड़ी नेहा ध्यानचंद, मोहम्मद अजीज, मोहम्मद जमशेर, गायक जसवंत सिंह, बॉलीवुड फिल्मों एवं टेलीविजन सीरियलों के लेखक एवं कलाकार राज शांडिल्य, साहित्यकारों व पत्रकारों में अमिताभ बाजपेई, रिचा, आशीष आदि शामिल हैं।
अतिथियों को दिया जाएगा कलश में रोपित पौधा
महोत्सव में पर्यावरण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी कलाकारों व अतिथियोें को कलश में रोपित पौधा प्रदान किया जाएगा। ताकि आम जनता पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरू क हो। इसके अलावा स्मृति चिह्न के रूप में अतिथियों को हालीवुड फिल्म फेयर अवार्ड की तर्ज पर मुरादाबाद से निर्मित खास प्रतिमाएं प्रदान की जाएंगी।
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गोल्डन, सिल्वर, परपल, ग्रीन, यलो सहित कई आकर्षक रंगों में मौजूद इन ड्राई फ्लावर्स पर हाथों की कारीगरी एवं रंगों के समन्वय ने इन्हें बेजोड़ बना दिया है। फलस्वरूप लोग इन्हें खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं। आगरा के शिल्पकार किशोर के मुताबिक डेकोरेशन के लिहाज से यह ड्राई फ्लवार हमेशा से ही पसंद में रहे है।
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नेट एवं जाली से युक्त सनफ्लावर एवं सेमर का पुष्प, खजूर की डंडी पर वैजयंती मोती, सींक की नोंक पर असली सुपारी जोड़ कर गोल्डन, कत्थई एवं स्लेटी कलर कर उसे लुभावना बनाया गया है। साइकस के पत्ते पर गोल्डन एवं ग्रीन कलर से बनी डिजाइन, गोल्डन कलर में घुंघरू का पौधा पहली नजर में ही आकर्षित करता है।
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बबीना की शिल्पकार ऊषा किरण एवं शैलेंद्र के मुताबिक ड्राई फ्लावर को तैयार करने में विभिन्न रंगों के कपड़ों की कटिंग कर सेटिंग करनी पड़ती है। एक फ्लावर सींक तैयार करने में लगभग पांच मिनट लगते हैं और एक स्टिक में टू कलर से थ्री कलर तक का समावेश होता है।
इनके अनुसार फ्लावर स्टिक में रजनीगंधा, गुलाब, चमेली आदि फूलों को बनाया जाता है। वहीं घर के गेटों को सजाने के लिए चाइना स्टिक में भी खूब पसंद की जा रही है इनके अनुसार एक फ्लावर स्टिक दस रुपये में है और पॉड के साथ पूरा फ्लावर बंच 200 रुपये कीमत से शुरू है।
महोत्सव में शामिल हो सकते हैं नोबेल विजेता सत्यार्थी
बचपन बचाओ के प्रबल समर्थक एवं नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी झांसी जन महोत्सव में शामिल हो सकते हैं। महोत्सव मुख्य संयोजक राजीव राय के मुताबिक समिति की नोबेल पुरस्कार विजेता से अंतिम चरण में बातचीत चल रही है और संभव है कि वह महोत्सव के किसी भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इस दौरान वह बच्चों के अधिकारों एवं उनके विकास पर व्याख्यान भी देंगे।
अब तक साढे़ सात लाख की बिक्री
महोत्सव में अपनी खास जगह बना चुके हस्त शिल्प मेले में अब तक 176 शिल्पियों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं, जिनकी हस्त शिल्प सामग्रियों की बिक्री अभी तक साढे़ सात लाख रुपये तक हो चुकी है। मेला प्रभारी दिनेश भार्गव ने बताया कि हस्त शिल्प सामग्री में सबसे ज्यादा सहारनपुर क ा फर्नीचर एवं क्रॉकरी की बिक्री हुई है। वहीं मेले में रौनक भी बढ़ चुकी है। लोग छुट्टियों का आनंद महोत्सव में बिता कर ले रहे हैं।
झांसी की माटी में जन्मे दिग्गज होंगे सम्मानित
झांसी की माटी में जन्मे दिग्गज महोत्सव में सम्मानित किए जाएंगे। मुख्य संयोजक राजीव राय के मुताबिक इनमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की महिला हॉकी खिलाड़ी नेहा ध्यानचंद, मोहम्मद अजीज, मोहम्मद जमशेर, गायक जसवंत सिंह, बॉलीवुड फिल्मों एवं टेलीविजन सीरियलों के लेखक एवं कलाकार राज शांडिल्य, साहित्यकारों व पत्रकारों में अमिताभ बाजपेई, रिचा, आशीष आदि शामिल हैं।
अतिथियों को दिया जाएगा कलश में रोपित पौधा
महोत्सव में पर्यावरण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी कलाकारों व अतिथियोें को कलश में रोपित पौधा प्रदान किया जाएगा। ताकि आम जनता पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरू क हो। इसके अलावा स्मृति चिह्न के रूप में अतिथियों को हालीवुड फिल्म फेयर अवार्ड की तर्ज पर मुरादाबाद से निर्मित खास प्रतिमाएं प्रदान की जाएंगी।