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अपना लॉकडाउन करें लागू, झांसी पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा
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झांसी। बेकाबू रफ्तार से आगे बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा लागू किया गया 35 घंटे का कर्फ्यू सोमवार की सुबह सात बजे खत्म हो जाएगा। लेकिन, अब इसके बाद हमें खुद का लॉकडाउन लागू करना होगा। जी हां, कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी के साथ झांसी को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। ऐसे में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। खासतौर पर संक्रमण से बचने के लिए हमें बेवजह घर से बाहर निकलने से बचना होगा।
प्रदेश के बड़े जिले कानपुर, आगरा, मेरठ, मुरादाबाद आदि की तुलना में झांसी की आबादी कहीं कम है। बावजूद, कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले में झांसी प्रदेश के बड़े जिलों को पछाड़ता नजर आ रहा है। मरीजों की संख्या का ग्राफ यहां तेजी से बढ़ रहा है। संक्रमण की वजह से तमाम परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। अस्पतालों में पलंग नहीं मिल पा रहे हैं। दवा, इंजेक्शनों की कमी हो गई है। इससे मौत का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में संक्रमण की चुनौती से निपटने के लिए हमें खुद आगे आना होगा। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार द्वारा शनिवार की रात 8 बजे से लागू किया गया कर्फ्यू सोमवार की सुबह 7 बजे खत्म हो जाएगा। लेकिन, इसके बाद हमें खुद के प्रतिबंध लागू करने होंगे। खासतौर पर बेवजह घर से बाहर निकलने से बचना होगा। गली - मुहल्लों के नुक्कड़ों पर गप्पें लगाने के लिए जमा होने वाली भीड़ का हिस्सा बनने से बचना होगा। इबादत और उपासना घर में रहकर ही करनी होगी। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों का विशेष ख्याल रखना होगा।
ये उपाय अपनाएं
..........................
- सुबह मॉर्निंग वॉक पर न जाएं, घर पर ही योग, प्राणायाम और व्यायाम करें।
- बच्चों को आसपास के अन्य बच्चों के साथ खेलने की कतई इजाजत न दें।
- बेवजह घर से बाहर न निकलें, ज्यादा से ज्यादा समय घर पर अपने परिवार के साथ बिताएं।
- न किसी के घर जाएं और न ही किसी को अपने घर आने दें।
- बुजुर्गों और बीमारों का विशेष ख्याल रखें। उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में न आने दें।
- बाहर का खाने पीने से बचें।
- सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर तत्काल कोरोना की जांच कराएं।
- कोरोना संक्रमित होने पर सभी परिजनों की जांच कराएं। छुपाएं नहीं, मिलने जुलने वालों को भी जांच के लिए प्रेरित करें।
भयावह हो चले हैं हालात
.......................................
- महज सात दिन में 4,261 नए मरीज मिले।
- जिले में मरीजों की संख्या बढ़कर 4,885 पर पहुंची।
- रोजाना हो रही हैं मौतें, अधिकारिक रूप से कोरोना से 184 गवां चुके हैं जान।
- शमशान घाटों में लगी है शवों की कतार।
- अब तक जिले के 16,630 लोग आ चुके हैं संक्रमण की चपेट में।
- मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या की वजह से उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधन बौने साबित होने लगे हैं।
- अस्पतालों में आसानी से नहीं मिल पा हैं पलंग।
- दवा, इंजेक्शन का भी खड़ा हो गया है टोटा।
गलतफहमी न पालें
झांसी। जो खुद या उनके परिवार का कोई सदस्य अब तक संक्रमण की चपेट में नहीं आया, उनमें से तमाम लोग एक बड़ी गलतफहमी पाले हुए हैं। उन्हें लगता है कि कोरोना कुछ नहीं है और उन्हें ये बीमारी कभी नहीं होगी। न तो ये लोग मास्क लगाते हैं और न ही बचाव का कोई अन्य उपाय करते हैं। लेकिन, ये उन लोगों की बड़ी भूल है। कोरोना वायरस का संक्रमण बेहद बेरहम और बहुरूपिया है। ये किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है। इससे बचे रहना ही, इससे निपटने का सबसे बड़ा उपाय है।
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प्रदेश के बड़े जिले कानपुर, आगरा, मेरठ, मुरादाबाद आदि की तुलना में झांसी की आबादी कहीं कम है। बावजूद, कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले में झांसी प्रदेश के बड़े जिलों को पछाड़ता नजर आ रहा है। मरीजों की संख्या का ग्राफ यहां तेजी से बढ़ रहा है। संक्रमण की वजह से तमाम परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। अस्पतालों में पलंग नहीं मिल पा रहे हैं। दवा, इंजेक्शनों की कमी हो गई है। इससे मौत का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में संक्रमण की चुनौती से निपटने के लिए हमें खुद आगे आना होगा। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार द्वारा शनिवार की रात 8 बजे से लागू किया गया कर्फ्यू सोमवार की सुबह 7 बजे खत्म हो जाएगा। लेकिन, इसके बाद हमें खुद के प्रतिबंध लागू करने होंगे। खासतौर पर बेवजह घर से बाहर निकलने से बचना होगा। गली - मुहल्लों के नुक्कड़ों पर गप्पें लगाने के लिए जमा होने वाली भीड़ का हिस्सा बनने से बचना होगा। इबादत और उपासना घर में रहकर ही करनी होगी। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों का विशेष ख्याल रखना होगा।
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ये उपाय अपनाएं
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- सुबह मॉर्निंग वॉक पर न जाएं, घर पर ही योग, प्राणायाम और व्यायाम करें।
- बच्चों को आसपास के अन्य बच्चों के साथ खेलने की कतई इजाजत न दें।
- बेवजह घर से बाहर न निकलें, ज्यादा से ज्यादा समय घर पर अपने परिवार के साथ बिताएं।
- न किसी के घर जाएं और न ही किसी को अपने घर आने दें।
- बुजुर्गों और बीमारों का विशेष ख्याल रखें। उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में न आने दें।
- बाहर का खाने पीने से बचें।
- सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर तत्काल कोरोना की जांच कराएं।
- कोरोना संक्रमित होने पर सभी परिजनों की जांच कराएं। छुपाएं नहीं, मिलने जुलने वालों को भी जांच के लिए प्रेरित करें।
भयावह हो चले हैं हालात
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- महज सात दिन में 4,261 नए मरीज मिले।
- जिले में मरीजों की संख्या बढ़कर 4,885 पर पहुंची।
- रोजाना हो रही हैं मौतें, अधिकारिक रूप से कोरोना से 184 गवां चुके हैं जान।
- शमशान घाटों में लगी है शवों की कतार।
- अब तक जिले के 16,630 लोग आ चुके हैं संक्रमण की चपेट में।
- मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या की वजह से उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधन बौने साबित होने लगे हैं।
- अस्पतालों में आसानी से नहीं मिल पा हैं पलंग।
- दवा, इंजेक्शन का भी खड़ा हो गया है टोटा।
गलतफहमी न पालें
झांसी। जो खुद या उनके परिवार का कोई सदस्य अब तक संक्रमण की चपेट में नहीं आया, उनमें से तमाम लोग एक बड़ी गलतफहमी पाले हुए हैं। उन्हें लगता है कि कोरोना कुछ नहीं है और उन्हें ये बीमारी कभी नहीं होगी। न तो ये लोग मास्क लगाते हैं और न ही बचाव का कोई अन्य उपाय करते हैं। लेकिन, ये उन लोगों की बड़ी भूल है। कोरोना वायरस का संक्रमण बेहद बेरहम और बहुरूपिया है। ये किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है। इससे बचे रहना ही, इससे निपटने का सबसे बड़ा उपाय है।
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