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Jhansi News: आग में झुलसता रहा बुजुर्ग, जाम में फंसी रही दमकल

Thu, 02 May 2024 04:53 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 May 2024 04:53 AM IST
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An elderly man suffering from mental depression committed suicide by setting himself on fire.
- दमकल कर्मियों ने जाम खुलवाकर तय की मंजिल
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में मानसिक अवसाद में खुद को आग लगाने के बाद बुजुर्ग तड़प-तड़पकर लोगों से बचाने की गुहार लगाता रहा। लोगों ने घर से धुआं उठता देख आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग को फोन किया। घटनास्थल से महज 500 मीटर की दूरी के लिए तत्काल दमकल रवाना की गई। मगर मसीहागंज में लगे जाम में दमकल फंस गई। इसके चलते दमकल को घटनास्थल तक पहुंचने में पूरे 45 मिनट लग गए। उधर, बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। मामले ने एक बार फिर गुम होतीं संवेदनाओं का स्याह सच उजागर किया है। अगर दमकल जाम में फंसती तो शायद बुजुर्ग को बचा लिया जाता।
दरअसल, सीपरी बाजार थाना के नालगंज मोहल्ला निवासी शरत त्रिपाठी (65) का मिर्जा कंपाउंड में पुश्तैनी मकान है। शरत की पत्नी की कई साल पहले मौत हो चुकी। बड़ा बेटा बब्बल दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है जबकि बेटी तनु की दतिया में पिछले साल शादी कर दी है। पड़ोसियों के मुताबिक शरत मिर्जा कंपाउंड स्थित पुश्तैनी मकान की देखभाल को अक्सर यहां आते-जाते थे। बुधवार शाम करीब चार बजे वह आए थे। पुश्तैनी मकान के पास ही उनकी ससुराल भी है। करीब आधा घंटा ससुराल में बिताने के बाद वह अपने घर में चले गए। अंदर से गेट का ताला बंद कर लिया। करीब छह बजे घर के अंदर से धुआं निकलता दिखा तो पड़ोस में रहने वाले हेमंत को शक हुआ। शोर मचाते हुए मोहल्ले के लोग जब पहुंचे तब दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों ने छह बजे ही दमकल बुलाने के लिए फोन किया। 500 मीटर की दूरी तय करने में दमकल को पूरे 45 मिनट लग गए। दमकल 6:45 बजे यहां पहुंची। दमकल कर्मियों ने बताया कि मसीहागंज मार्ग पर कारों और हथठेलों के चलते जाम लगा हुआ था। बड़ी मुश्किल से जाम खुलवाया। जब घटनास्थल तक पहुंच सके।
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वहीं सूचना मिलने पर सीओ सिटी राजेश राय और थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजकिशोर राय भी पहुंचे। दरवाजा तोड़ने के बाद पुलिस टीम घर में दाखिल हुई। यहां फर्श पर उनकी झुलसी अवस्था में लाश मिली।
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छानबीन में यह बात सामने आई है कि शरत मानसिक तौर से बीमार रहते थे। मामला सुसाइड का है। छह माह से उनका इलाज चल रहा था। आग किस तरह से लगाई इसकी छानबीन की जा रही है।
ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी

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इनसेट
दो दिन पहले दिल्ली लौट गया बेटा
परिवार में सिर्फ बेटा ही था। परिजनों के मुताबिक शरत पिछले करीब आठ महीने से मानसिक तौर पर परेशान थे। उनका इलाज भी चल रहा था। छुट्टी लेकर बेटा बब्बल यहां उनकी देखभाल के लिए आता-जाता था। सोमवार को ही वह लौटकर दिल्ली गया था। वहीं, बेटी तनु भी शादी के बाद से बीमार रहती थी। दो दिन पहले ही वह भी आईसीयू में थी। उसकी हालत खराब होने की वजह से परिवार के लोग बेटी को हादसे की सूचना नहीं दी। बेटे को हादसे की सूचना दे दी गई है।

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ग्रीन कॉरिडोर जरूरी
दमकल, एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के अक्सर जाम में फंसने के मामले सामने आते हैं। कई बार तो एंबुलेंस के जाम में फंसने से मरीजों को जान गंवानी पड़ी है। सीपरी बाजार के मसीहागंज में दमकल जाम में न फंसती तो शायद वृद्ध की मौत न होती। ऐसे में जरूरी है कि प्रमुख मार्गाें पर ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाएं। साथ ही जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हम भी एंबुलेंस या दमकल को आता देख रास्ता देने की पहल करें।

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