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सवारियों से भरी एंबुलेंस पलटी, नौ घायल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jun 2017 01:10 AM IST
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ambulance
- फोटो : demo
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झांसी। चिरगांव थाना इलाके के ग्राम पहाड़ी के पास बुधवार को सवारियों से लदी एंबुलेंस पलट गई, जिससे नौ सवारियां घायल हो गईं। सभी सवारियों को उपचार के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया।
जालौन के अकबरपुर निवासी एक ही परिवार के मनोज, जगदीश, सोनी, राहुल और बालिका लक्ष्मी एंबुलेंस में सवार होकर झांसी की ओर आ रहे थे। उन्हें झांसी से पूना के लिए ट्रेन पकड़नी थी। इसी एंबुलेंस में दुरखुरू एट निवासी आतिफ, पत्नी रुखसार, बेटा अल्तमस और बेटी आलिया के साथ सवार थे। यह परिवार भी झांसी आ रहा था। रास्ते में चिरगांव के पहाड़ी के पास तेज गति से आ रही एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे इसमें सवार सभी लोग घायल हो गए। चीख पुकार मचने पर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और किसी तरह से सभी को एंबुलेंस से निकाला। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और सभी घायलों को उपचार लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज भेजा। यहां सभी का इलाज जारी है।
एंबुलेंस का हो रहा है दुरुपयोग
परिवहन विभाग में एंबुलेंस का पंजीकरण किसी अस्पताल या संस्था के नाम पर होता है। इन्हें पंजीकरण शुल्क में छूट प्रदान की जाती है। एंबुलेंस में नीली बत्ती और हूटर का प्रयोग किया जा सकता है, ताकि आवागमन में आसानी रहे। एंबुलेंस नो प्रोफिट - नो लॉस पर संचालक का प्रावधान है। लेकिन, तमाम एंबुलेंस का दुरुपयोग हो रहा है। मरीजों को लाने ले जाने के लिए मनमाना किराया वसूला जाता है। यहां तक कि सवारियां ढोने से भी परहेज नहीं होेता है। चूंकि, मानवीय आधार पर सड़क पर दौड़ती एंबुलेंस की जांच करने से पुलिस और परिवहन विभाग के कर्मचारी बचते हैं, इसका बेजा फायदा उठाया जा रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन आर के सिंह ने बताया कि एंबुलेंस के दुरुपयोग का यह मामला सामने आने के बाद अब सभी की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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जालौन के अकबरपुर निवासी एक ही परिवार के मनोज, जगदीश, सोनी, राहुल और बालिका लक्ष्मी एंबुलेंस में सवार होकर झांसी की ओर आ रहे थे। उन्हें झांसी से पूना के लिए ट्रेन पकड़नी थी। इसी एंबुलेंस में दुरखुरू एट निवासी आतिफ, पत्नी रुखसार, बेटा अल्तमस और बेटी आलिया के साथ सवार थे। यह परिवार भी झांसी आ रहा था। रास्ते में चिरगांव के पहाड़ी के पास तेज गति से आ रही एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे इसमें सवार सभी लोग घायल हो गए। चीख पुकार मचने पर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और किसी तरह से सभी को एंबुलेंस से निकाला। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और सभी घायलों को उपचार लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज भेजा। यहां सभी का इलाज जारी है।
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एंबुलेंस का हो रहा है दुरुपयोग
परिवहन विभाग में एंबुलेंस का पंजीकरण किसी अस्पताल या संस्था के नाम पर होता है। इन्हें पंजीकरण शुल्क में छूट प्रदान की जाती है। एंबुलेंस में नीली बत्ती और हूटर का प्रयोग किया जा सकता है, ताकि आवागमन में आसानी रहे। एंबुलेंस नो प्रोफिट - नो लॉस पर संचालक का प्रावधान है। लेकिन, तमाम एंबुलेंस का दुरुपयोग हो रहा है। मरीजों को लाने ले जाने के लिए मनमाना किराया वसूला जाता है। यहां तक कि सवारियां ढोने से भी परहेज नहीं होेता है। चूंकि, मानवीय आधार पर सड़क पर दौड़ती एंबुलेंस की जांच करने से पुलिस और परिवहन विभाग के कर्मचारी बचते हैं, इसका बेजा फायदा उठाया जा रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन आर के सिंह ने बताया कि एंबुलेंस के दुरुपयोग का यह मामला सामने आने के बाद अब सभी की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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