फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Alert old cylendor could be dangerous

सावधान! बूढ़े सिलिंडर बन सकते हैं आपके लिए खतरा

Thu, 22 Oct 2020 11:45 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 11:45 PM IST
विज्ञापन
Alert old cylendor could be dangerous
सिलिंडर - फोटो : ???????
झांसी। रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर गैस एजेंसियों ने मनमानी शुरू कर दी है। ग्राहकों को बूढ़े और टेढ़े-मेढ़े सिलिंडर थमाए जा रहे हैं। ये सिलिंडर ग्राहकों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। आलम यह है कि जिले में त्योहार नजदीक आते ही गैस एजेंसियां जर्जर और जंग लगे सिलिंडर भेज रही हैं। इसे लेकर कई बार ग्राहकों और हॉकरों में नोक-झोंक भी होती है, लेकिन हॉकर सिलिंडर वापस लेने के लिए तैयार नहीं होते। ऐसे में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
विज्ञापन

दो दिन पहले भांडेर में एक गैस सिलिंडर लीकेज होने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। गैस एजेंसी से उपभोक्ता के सिलिंडर का लोहा गला हुआ था। जिसके चलते नीचे सिलिंडर में आग लगी और बड़ा हादसा हो गया। जिले में भी गैस एजेंसियां ग्राहकों को खूब बूढ़े सिलिंडर थमा रही हैं। जिले में करीब तीन लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं। जिले की 55 गैस एजेंसियों से रोज पांच हजार गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की जाती है। त्योहार नजदीक आते ही गैस एजेंसियों ने पुराने स्टॉक को निपटाने के लिए बूढ़े सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी है। ग्राहकों को ऐसे सिलिंडर थमाए जा रहे हैं जिनमें हाल जर्जर है। उपभोक्ता हॉकरों से ऐसे सिलिंडर को लेने से मना कर रहे हैं, तो हॉकरों का तर्क है कि सिलिंडर उतारने और चढ़ाने में लोहा चटक जाता है। इसके साथ ही एक्सपायर सिलिंडरों की भी आपूर्ति की जा रही है। सुरक्षा से खिलवाड़ को लेकर न तो गैस एजेंसी संजीदा हैं और न ही विभाग कोई कार्रवाई करता है।
विज्ञापन

------------
ऐसे जांचें एक्सपायरी तिथि
सिलिंडर के रिफि ल के पास एक्सपायरी तिथि कोड के तौर पर पेंट की जाती है। गैस कंपनियों ने साल के महीनों को कोड में बांट रखा है। साल की हर तिमाही पर ए, बी, सी, डी कोड रहता है। ए में जनवरी, फ रवरी मार्च, बी में अप्रैल, मई, जून, सी में जुलाई, अगस्त, सितंबर और डी में अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर माह शामिल होते हैं। इसके आगे अंक लिखा जाता है। जो कि वर्ष को दर्शाता है। जैसे कि अगर किसी सिलिंडर पर डी-20 लिखा है, तो उसकी एक्सपायरी दिसंबर 2020 तक है। इसे देखकर ही सिलिंडर लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
महिलाएं कहती हैं
कई बार हॉकर जर्जर सिलिंडर थमा जाता है। इसके लिए शिकायत करो, तो सिलिंडर बदला नहीं जाता। हादसे का डर रहता है।- कविता अग्रवाल, सिविल लाइंस
--------
सिलिंडरों की डिलीवरी के दौरान कई बार हॉकर ने टेढ़ा-मेढ़ा सिलिंडर थमा दिया है। हॉकर से बदलने के लिए कहा, तो उसने वापस नहीं किया।- पूनम, रिफ्यूजी कॉलोनी
---------
त्योहार आते ही जंग लगे सिलिंडरों की आपूर्ति की जाने लगती है। कई बार लीकेज भी हो चुका है। गैस एजेंसी को शिकायत की, मगर किसी ने सुना नहीं।- आरती, दीनदयाल नगर
--------
आए दिन गैस लीकेज से होने वाली घटनाओं के बारे में सुनकर डर लगता है। ऐसे में हॉकर से सिलिंडर को चेक करके ही लेते हैं।- प्रिया, खाती बाबा
----------
सिलिंडरों की एक्सपायरी के बारे में जानते नहीं है। गैस एजेंसियां भी उपभोक्ताओं को एक्सपायरी के बारे में कोई जानकारी नहीं देती हैं।- सोनम, लहरगिर्द
-------------
गैस एजेंसी से जर्जर सिलिंडर दिया जाता है। इसे लेकर शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। यह लोगों की जान से खिलवाड़ है।- अमृता गुप्ता, दतिया गेट

एक्सपायर और जर्जर सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही त्योहार पर लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए अभियान चलाने को कहा गया है।
नीरज कनौजिया, उपायुक्त खाद्य एवं रसद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed