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30 हजार किसानों को कृषि बिल के फायदे बताए
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झांसी। मोदी सरकार की तरफ से लाए गए कृषि बिलों की खूबियां बताने के लिए गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत की तरफ से शुरू किया गया पहला चरण पूरा हो गया है। विधायक ने बताया कि पिछले पांच दिनों में लगभग 30 हजार किसानों से मिलकर उन्होंने कृषि बिल को लेकर फैलाई जा रहीं भ्रांतियों को दूर किया। अब दूसरा चरण भी जल्द शुरू होगा।
एरच नगर में कृषि बिल के समर्थन में किसान संपर्क बैलगाड़ी यात्रा समापन के मौके पर गरौठा विधायक ने कहा कि पांच दिनों से जारी बैलगाड़ी यात्रा का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क करना था। इस दौरान किसानों की समस्याएं भी सुनीं, जिनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित कर दिया गया है। विधायक ने कहा कि बीते 70 साल से किसानों का शोषण होता रहा है। किसान को अभी तक गुलाम बनाकर रखा गया था।
अब तक वह अपनी फसल बेचने के लिए अपने ही देश की जिला स्तरीय सीमाओं में कैद था। जबकि, व्यापारी को कहीं भी किसानों से खरीदी गई उपज ले जाने की छूट थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने किसानों को देश के किसी भी हिस्से में जाकर फसल बेचने के लिए आजाद कर दिया है। यह बिल किसान की आय दोगुनी करने के मकसद से लाया गया है। साथ ही, मोदी सरकार ने ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार देने के लिए स्वामित्व योजना की शुरुआत की है। स्वामित्व योजना में गांव के हर परिवार को एक-एक संपत्ति कार्ड दिया जाना है। इस कार्ड में किसान की पूरी संपत्ति का ब्योरा होगा। किसानों को अब तहसील और पटवारी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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एरच नगर में कृषि बिल के समर्थन में किसान संपर्क बैलगाड़ी यात्रा समापन के मौके पर गरौठा विधायक ने कहा कि पांच दिनों से जारी बैलगाड़ी यात्रा का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क करना था। इस दौरान किसानों की समस्याएं भी सुनीं, जिनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित कर दिया गया है। विधायक ने कहा कि बीते 70 साल से किसानों का शोषण होता रहा है। किसान को अभी तक गुलाम बनाकर रखा गया था।
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अब तक वह अपनी फसल बेचने के लिए अपने ही देश की जिला स्तरीय सीमाओं में कैद था। जबकि, व्यापारी को कहीं भी किसानों से खरीदी गई उपज ले जाने की छूट थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने किसानों को देश के किसी भी हिस्से में जाकर फसल बेचने के लिए आजाद कर दिया है। यह बिल किसान की आय दोगुनी करने के मकसद से लाया गया है। साथ ही, मोदी सरकार ने ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार देने के लिए स्वामित्व योजना की शुरुआत की है। स्वामित्व योजना में गांव के हर परिवार को एक-एक संपत्ति कार्ड दिया जाना है। इस कार्ड में किसान की पूरी संपत्ति का ब्योरा होगा। किसानों को अब तहसील और पटवारी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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