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20 साल में आबादी और अपराध तो बढ़ते गए, नया थाना एक नहीं खुला
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झांसी। जिले की आबादी साल दर साल बढ़ती गई। बीस साल से अधिक का समय बीतने के बाद जिले में एक भी नया थाना नहीं खुला है। इस बीच आबादी काफी बढ़ गई। साथ ही, अपराध भी बढ़ते गए। आबादी की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले से भेजा गया नए थानाें का प्रस्ताव आज भी लटका हुआ है।
वर्तमान में जिले की आबादी 22 लाख से अधिक है। इस आबादी की सुरक्षा के लिए फिलहाल 27 थाने (महिला थाना मिलाकर) हैं। पिछली 20 वर्षों से जिले में थानों की यही संख्या है। तब से अब तक जिले की जनसंख्या और अपराध में काफी इजाफा हो चुका है। एक-एक थाने का काफी लंबा चौड़ा दायरा होने के कारण अकसर पुलिस घटनास्थल पर घंटों बाद ही पहुंच पाती है।
फरियादियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। अधिकारियों ने नए थाने खोले जाने के लिए पत्राचार भी किया, लेकिन प्रस्ताव अटका हुआ है। आबादी लगातार बढ़ने के चलते सुरक्षा के सवाल भी लगातार खड़े हो रहे हैं। थाना कोतवाली के निर्धारण को लेकर जो मानक रखा गया है। उसमें ग्रामीण क्षेत्र में 50 हजार आबादी के बीच एक थाना और शहर क्षेत्र में 75 हजार आबादी के बीच एक थाना बनाने का मानक तय है।
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एक नजर
जिले की आबादी : 22 लाख 42 हजार
नगर पालिका परिषद : पांच
नगर पंचायतें : सात
तहसील : 5
ब्लॉक : 8
थाने : 27
आबादी
साल 2001 : 17 लाख 44 हजार
साल 2011 : 19 लाख 98 हजार
साल 2020: 22 लाख से अधिक
पांच साल में अपराध
2015 : 1109
2016 : 1228
2017 : 1291
2018 : 1401
2019 : 1446
झांसी से भेजा गया छह थानों का प्रस्ताव
झांसी परिक्षेत्र से छह थानों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। झांसी नगर में तीन नए थाने बनेंगे। नगर की शहर कोतवाली क्षेत्र सबसे बड़ा क्षेत्र माना जाता है। यहां कोतवाली क्षेत्र में छह चौकियां हैं, जिसमें नई बस्ती पुलिस चौकी, उन्नाव गेट बाहर, बड़ागांव गेट बाहर, मिनर्वा चौकी, ओरछा गेट बाहर व खंडेराव गेट चौकी शामिल है। रानीपुर पुलिस चौकी को थाना बनाया जाना है। झांसी के अलावा ललितपुर व उरई में भी एक-एक नए थाने बनेंगे। अभी ललितपुर में 18 और उरई में 19 थाने हैं।
महानगर की छह चौकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इसके अलावा ललितपुर व जालौन में भी एक-एक नए थाने खोलने का प्रस्ताव है। स्वीकृति मिलते ही पुलिस विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। सुभाष सिंह बघेल, आईजी
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वर्तमान में जिले की आबादी 22 लाख से अधिक है। इस आबादी की सुरक्षा के लिए फिलहाल 27 थाने (महिला थाना मिलाकर) हैं। पिछली 20 वर्षों से जिले में थानों की यही संख्या है। तब से अब तक जिले की जनसंख्या और अपराध में काफी इजाफा हो चुका है। एक-एक थाने का काफी लंबा चौड़ा दायरा होने के कारण अकसर पुलिस घटनास्थल पर घंटों बाद ही पहुंच पाती है।
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फरियादियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। अधिकारियों ने नए थाने खोले जाने के लिए पत्राचार भी किया, लेकिन प्रस्ताव अटका हुआ है। आबादी लगातार बढ़ने के चलते सुरक्षा के सवाल भी लगातार खड़े हो रहे हैं। थाना कोतवाली के निर्धारण को लेकर जो मानक रखा गया है। उसमें ग्रामीण क्षेत्र में 50 हजार आबादी के बीच एक थाना और शहर क्षेत्र में 75 हजार आबादी के बीच एक थाना बनाने का मानक तय है।
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जिले की आबादी : 22 लाख 42 हजार
नगर पालिका परिषद : पांच
नगर पंचायतें : सात
तहसील : 5
ब्लॉक : 8
थाने : 27
आबादी
साल 2001 : 17 लाख 44 हजार
साल 2011 : 19 लाख 98 हजार
साल 2020: 22 लाख से अधिक
पांच साल में अपराध
2015 : 1109
2016 : 1228
2017 : 1291
2018 : 1401
2019 : 1446
झांसी से भेजा गया छह थानों का प्रस्ताव
झांसी परिक्षेत्र से छह थानों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। झांसी नगर में तीन नए थाने बनेंगे। नगर की शहर कोतवाली क्षेत्र सबसे बड़ा क्षेत्र माना जाता है। यहां कोतवाली क्षेत्र में छह चौकियां हैं, जिसमें नई बस्ती पुलिस चौकी, उन्नाव गेट बाहर, बड़ागांव गेट बाहर, मिनर्वा चौकी, ओरछा गेट बाहर व खंडेराव गेट चौकी शामिल है। रानीपुर पुलिस चौकी को थाना बनाया जाना है। झांसी के अलावा ललितपुर व उरई में भी एक-एक नए थाने बनेंगे। अभी ललितपुर में 18 और उरई में 19 थाने हैं।
महानगर की छह चौकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इसके अलावा ललितपुर व जालौन में भी एक-एक नए थाने खोलने का प्रस्ताव है। स्वीकृति मिलते ही पुलिस विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। सुभाष सिंह बघेल, आईजी