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Jhansi News: देश का संविधान बनाने में आचार्य धुलेकर ने दिया था योगदान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी के पहले सांसद आचार्य रघुनाथ विनायक धुलेकर ने देश के संविधान के निर्माण में भारतीय संविधान निर्मात्री परिषद के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। शनिवार को उनकी जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
आचार्य धुलेकर का जन्म 1861 में झांसी में एक महाराष्ट्रीयन परिवार में हुआ था। कोलकाता विश्वविद्यालय से उन्होंने अंग्रेजी विषय से बीए (ऑनर्स) की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह आजादी के आंदोलन से जुड़ गए थे, जिसमें सक्रिय रहते हुए उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा था। इसके बाद वे झांसी के पहले सांसद चुने गए थे। छह सालों तक विधान परिषद के सभापति भी रहे। बाद में उन्होंने आध्यात्मिक चिंतन और लेखन के लिए राजनीति से सन्यास ले लिया था। आचार्य धुलेकर की शुक्रवार को जयंती है। इस अवसर पर दोपहर 12.30 बजे ग्वालियर रोड स्थित श्री सिद्धेश्वर सिद्ध पीठ आश्रम में पुष्पांजलि सभा होगी, जबकि शाम चार बजे मानिक चौक स्थित धुलेकर वाचनालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
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झांसी। झांसी के पहले सांसद आचार्य रघुनाथ विनायक धुलेकर ने देश के संविधान के निर्माण में भारतीय संविधान निर्मात्री परिषद के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। शनिवार को उनकी जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
आचार्य धुलेकर का जन्म 1861 में झांसी में एक महाराष्ट्रीयन परिवार में हुआ था। कोलकाता विश्वविद्यालय से उन्होंने अंग्रेजी विषय से बीए (ऑनर्स) की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह आजादी के आंदोलन से जुड़ गए थे, जिसमें सक्रिय रहते हुए उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा था। इसके बाद वे झांसी के पहले सांसद चुने गए थे। छह सालों तक विधान परिषद के सभापति भी रहे। बाद में उन्होंने आध्यात्मिक चिंतन और लेखन के लिए राजनीति से सन्यास ले लिया था। आचार्य धुलेकर की शुक्रवार को जयंती है। इस अवसर पर दोपहर 12.30 बजे ग्वालियर रोड स्थित श्री सिद्धेश्वर सिद्ध पीठ आश्रम में पुष्पांजलि सभा होगी, जबकि शाम चार बजे मानिक चौक स्थित धुलेकर वाचनालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
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