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आगरा से झांसी तक 234 किलोमीटर का हाईवे, 400 से ज्यादा का टोल लेकिन खतरे चहुंओर
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हाईवे
- फोटो : ?????
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झांसी। अगर आप कार लेकर झांसी से आगरा जा रहे हैं तो हाईवे पर सामने ही नहीं दाएं-बाएं भी देखकर चलें। क्योंकि यहां खतरा सामने से कम इधर-उधर से ज्यादा आता है। मसलन अचानक डिवाइडर पर खड़े अन्ना पशु दौड़कर हाईवे पर आ जाएंगे। डिवाइडर तोड़कर बनाए गए अवैध कट से कभी बाइक तो कभी साइकिल सवार निकल आता है। इस तरह की तस्वीर किसी एक जगह नहीं बल्कि 234 किलोमीटर के हाईवे हर जगह देखने को मिलती है।
उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान। तीन राज्यों से गुजर रहा है यह हाईवे। लेकिन हालात सब जगह एक से ही मिलेंगे। भारी भरकम टोल देने वाले लोग यहां से गुजरते हुए सिस्टम को कोसते रहते हैं। जिस हिसाब से टोल लिया जा रहा है उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम बिल्कुल सिफर हैं। झांसी से आगरा तक जाजऊ टोल प्लाजा, मेहरा, चौंधा, डगरई और मटराक पर टोल की वसूली हो रही है। किसी भी प्लाजा पर 50 से कम का टोल नहीं है। दतिया पर 115 रुपये का टोल है। अगर आप आगरा से झांसी तक चले गए तो 405 का टोल एक तरफ से ले लिया जाएगा। अगर आना-जाना हो गया तो 810 रुपये।
ध्यान से चलें, डिवाइडर पर बैठे रहने वाले अन्ना जानवर कभी भी आ जाते बीच सड़क पर
झांसी। आगरा से झांसी तक का अधिकांश हाईवे डबल लेन में हैं। डिवाइडर बना हुआ है। इस रूट पर पड़ने वाले हर शहर और कस्बे के पास डिवाइडर पर अन्ना पशु बैठे रहते हैं। रात के वक्त इनसे हादसे हो रहे हैं। लेकिन किसी का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है। इन पशुओं को हटाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। भारी भरकम टोल वसूलने वाली कंपनियां भी खामोश हैं। पिछले दिनों ही झांसी आ रहे एक कारोबारी की कार के आगे अचानक छुट्टा पशु आ गया था जिससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। मथुरा निवासी एक व्यापारी की कार के आगे भी ग्वालियर के पास आवारा पशु आ गया था, वह तो गनीमत रही कि गाड़ी को कंट्रोल कर लिया गया वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
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हाईवे पर डिवाइडर तोड़कर बनाए 80 अवैध कट
झांसी। आगरा से ग्वालियर तक जगह जगह डिवाइडर तोड़ रखे हैं। लोगों ने अवैध रास्ते बना लिए हैं। इन रास्तों से कौन कब सड़क पर आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। कहीं अचानक बाइक सवार सड़क पर दिख जाता है तो कभी साइकिल सवार। कुछ जगह पर तो ट्रैक्टर तक डिवाडर पर चढ़ जाते हैं। इससे हादसों का खतरा बना रहता है। आमतौर पर 80 से 100 की रफ्तार तक चलने वाली गाड़ियां बेकाबू हो जाती हैं और हादसे हो जाते हैं। अगर 234 किलोमीटर के हाईवे को देखा जाए तो 80 से ज्यादा जगहों पर डिवाइडर टूटे पड़े हैं। लोग इनका इस्तेमाल शार्टकट के रूप में कर रहे हैं। लेकिन हाईवे अथारिटी और टोल वसूलने वाली कंपनियां इस अवैध रास्तों को बंद नहीं करा पा रही हैं।
हाईवे पर कोई कानून नहीं, जिसने जहां चाहा वहां खड़ी कर दी गाड़ी
झांसी। हाईवे पर तो कहीं कोई कानून ही नहीं है। जिसने जहां चाहा गाड़ी रोक दी। हाईवे किनारे खड़ी रहने वाली गाड़ियां हादसों की वजह बनती हैं। रात के वक्त खड़े ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार गाड़ियां घुसने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। दतिया, डबरा, ग्वालियर और मुरैना के आसपास तमाम गाड़ियां खड़ी रहती हैं। लेकिन इन वाहनों को हटवाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। नियमानुसार गलत तरीके से खड़े होने वाले वाहनों के चालान होने चाहिए लेकिन पुलिस ने भी शायद इस तरफ से आंखें मूंद रखी हैं। दूसरे अगर कहीं किसी की कार खराब हो गई तो वह भी घंटों खड़ी रहती है। यूं तो टोल प्लाजा पर क्रेन होनी चाहिए लेकिन कभी क्रेन की जरूर पड़ गई तो मिलना मुश्किल हो जाएगा।
हाईवे अथारिटी को लिखा गया है पत्र, आईजी
झांसी। आईजी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि अवैध कट बंद कराने के लिए हाईवे अथारिटी को पत्र लिखा गया है। वहीं सड़कों पर घूमने वाले अन्ना पशुओं को हटाने के लिए भी पुलिस को कहा गया है। सभी थानाध्यक्ष को कहा गया है कि ऐसे पशुओं को हटाकर गोशाला में भिजवाया जाए। ताकि इनसे होने वाले हादसों को रोका जा सके। पुलिस क्षेत्राधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान। तीन राज्यों से गुजर रहा है यह हाईवे। लेकिन हालात सब जगह एक से ही मिलेंगे। भारी भरकम टोल देने वाले लोग यहां से गुजरते हुए सिस्टम को कोसते रहते हैं। जिस हिसाब से टोल लिया जा रहा है उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम बिल्कुल सिफर हैं। झांसी से आगरा तक जाजऊ टोल प्लाजा, मेहरा, चौंधा, डगरई और मटराक पर टोल की वसूली हो रही है। किसी भी प्लाजा पर 50 से कम का टोल नहीं है। दतिया पर 115 रुपये का टोल है। अगर आप आगरा से झांसी तक चले गए तो 405 का टोल एक तरफ से ले लिया जाएगा। अगर आना-जाना हो गया तो 810 रुपये।
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ध्यान से चलें, डिवाइडर पर बैठे रहने वाले अन्ना जानवर कभी भी आ जाते बीच सड़क पर
झांसी। आगरा से झांसी तक का अधिकांश हाईवे डबल लेन में हैं। डिवाइडर बना हुआ है। इस रूट पर पड़ने वाले हर शहर और कस्बे के पास डिवाइडर पर अन्ना पशु बैठे रहते हैं। रात के वक्त इनसे हादसे हो रहे हैं। लेकिन किसी का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है। इन पशुओं को हटाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। भारी भरकम टोल वसूलने वाली कंपनियां भी खामोश हैं। पिछले दिनों ही झांसी आ रहे एक कारोबारी की कार के आगे अचानक छुट्टा पशु आ गया था जिससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। मथुरा निवासी एक व्यापारी की कार के आगे भी ग्वालियर के पास आवारा पशु आ गया था, वह तो गनीमत रही कि गाड़ी को कंट्रोल कर लिया गया वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
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हाईवे पर डिवाइडर तोड़कर बनाए 80 अवैध कट
झांसी। आगरा से ग्वालियर तक जगह जगह डिवाइडर तोड़ रखे हैं। लोगों ने अवैध रास्ते बना लिए हैं। इन रास्तों से कौन कब सड़क पर आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। कहीं अचानक बाइक सवार सड़क पर दिख जाता है तो कभी साइकिल सवार। कुछ जगह पर तो ट्रैक्टर तक डिवाडर पर चढ़ जाते हैं। इससे हादसों का खतरा बना रहता है। आमतौर पर 80 से 100 की रफ्तार तक चलने वाली गाड़ियां बेकाबू हो जाती हैं और हादसे हो जाते हैं। अगर 234 किलोमीटर के हाईवे को देखा जाए तो 80 से ज्यादा जगहों पर डिवाइडर टूटे पड़े हैं। लोग इनका इस्तेमाल शार्टकट के रूप में कर रहे हैं। लेकिन हाईवे अथारिटी और टोल वसूलने वाली कंपनियां इस अवैध रास्तों को बंद नहीं करा पा रही हैं।
हाईवे पर कोई कानून नहीं, जिसने जहां चाहा वहां खड़ी कर दी गाड़ी
झांसी। हाईवे पर तो कहीं कोई कानून ही नहीं है। जिसने जहां चाहा गाड़ी रोक दी। हाईवे किनारे खड़ी रहने वाली गाड़ियां हादसों की वजह बनती हैं। रात के वक्त खड़े ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार गाड़ियां घुसने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। दतिया, डबरा, ग्वालियर और मुरैना के आसपास तमाम गाड़ियां खड़ी रहती हैं। लेकिन इन वाहनों को हटवाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। नियमानुसार गलत तरीके से खड़े होने वाले वाहनों के चालान होने चाहिए लेकिन पुलिस ने भी शायद इस तरफ से आंखें मूंद रखी हैं। दूसरे अगर कहीं किसी की कार खराब हो गई तो वह भी घंटों खड़ी रहती है। यूं तो टोल प्लाजा पर क्रेन होनी चाहिए लेकिन कभी क्रेन की जरूर पड़ गई तो मिलना मुश्किल हो जाएगा।
हाईवे अथारिटी को लिखा गया है पत्र, आईजी
झांसी। आईजी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि अवैध कट बंद कराने के लिए हाईवे अथारिटी को पत्र लिखा गया है। वहीं सड़कों पर घूमने वाले अन्ना पशुओं को हटाने के लिए भी पुलिस को कहा गया है। सभी थानाध्यक्ष को कहा गया है कि ऐसे पशुओं को हटाकर गोशाला में भिजवाया जाए। ताकि इनसे होने वाले हादसों को रोका जा सके। पुलिस क्षेत्राधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है।