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झांसी: नसबंदी कराकर लौट रही महिला चारपाई पर पहुंची घर, खराब रास्ता देख एंबुलेंस ने बीच रास्ते में ही छोड़ा
Sat, 08 Nov 2025 11:10 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 08 Nov 2025 11:10 AM IST
सार
ग्राम पंचायत मगरवारा के खिरक मंजुबारा-छिंगेवारा में शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है। नसबंदी का ऑपरेशन कराकर लौटी महिला को एंबुलेंस ने रास्ता खराब होने पर बीच में ही छोड़ दिया।
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महिला को चारपाई के सहारे घर ले जाते परिजन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
ग्राम पंचायत मगरवारा के खिरक मंजुबारा-छिंगेवारा में शर्मशार करने वाला एक और मामला सामने आया है। यहां शुक्रवार सुबह नसबंदी का ऑपरेशन कराकर लौटी महिला को एंबुलेंस ने मध्यप्रदेश की सीमा पर गांव से कुछ किलोमीटर दूर छोड़ दिया। ग्रामीणों की मदद से परिजन उसे चारपाई पर लिटाकर कीचड़ भरे रास्ते से लेकर घर पहुंचे। इसे देखकर लोग हतप्रभ रह गये और लचर व्यवस्था को कोसते नजर आए।
रास्ता देख एंबुलेंस चालक ने आगे जाने से किया मना
खिरक छिंगेवारा मंजुबारा में शुक्रवार सुबह गांव की महिला रजनी देवी (24) पत्नी नीरज कुशवाहा नसबंदी कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंगरा पहुंची। ऑपरेशन के बाद शाम चार बजे एंबुलेंस से बंगरा से वाया रानीपुर, निवाड़ी सड़क से मध्य प्रदेश की सीमा ग्राम मर्दानपुर जोकि जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश सीमा से होते हुए लाई गई। मुख्य सड़क से गांव तक का रास्ता कीचड़ और कंटीली झाड़ियों से पटा पड़ा है। इस कारण एंबुलेंस तय स्थान तक नहीं पहुंच सकी। एंबुलेंस चालक ने गांव तक ले जाने से मना कर दिया।
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रास्ता देख एंबुलेंस चालक ने आगे जाने से किया मना
खिरक छिंगेवारा मंजुबारा में शुक्रवार सुबह गांव की महिला रजनी देवी (24) पत्नी नीरज कुशवाहा नसबंदी कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंगरा पहुंची। ऑपरेशन के बाद शाम चार बजे एंबुलेंस से बंगरा से वाया रानीपुर, निवाड़ी सड़क से मध्य प्रदेश की सीमा ग्राम मर्दानपुर जोकि जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश सीमा से होते हुए लाई गई। मुख्य सड़क से गांव तक का रास्ता कीचड़ और कंटीली झाड़ियों से पटा पड़ा है। इस कारण एंबुलेंस तय स्थान तक नहीं पहुंच सकी। एंबुलेंस चालक ने गांव तक ले जाने से मना कर दिया।
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रास्ते में खड़ी एंबुलेंस के पास महिला के परिजन और स्थानीय ग्रामीण
- फोटो : संवाद
चारपाई के सहारे घर पहुंची महिला
चालक ने महिला को मध्य प्रदेश की सीमा पर उसे कुछ किलोमीटर दूर बीच रास्ते में ही छोड़ दिया। इसके बाद मुख्य सड़क पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों की मदद से महिला को चारपाई (खाट) के सहारे कंधों पर लादकर घर लेकर आना पड़ा। रामेश्वर कुशवाहा समेत बाबूलाल कुशवाहा, भानु प्रताप कुशवाहा, जगदीश कुशवाहा, महेश कुशवाहा, प्रेम नारायण कुशवाहा समेत खिरक के अन्य लोगों ने कहा कि अभी तक मौके पर कोई भी उच्च अधिकारी देखने तक नहीं आया।
चालक ने महिला को मध्य प्रदेश की सीमा पर उसे कुछ किलोमीटर दूर बीच रास्ते में ही छोड़ दिया। इसके बाद मुख्य सड़क पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों की मदद से महिला को चारपाई (खाट) के सहारे कंधों पर लादकर घर लेकर आना पड़ा। रामेश्वर कुशवाहा समेत बाबूलाल कुशवाहा, भानु प्रताप कुशवाहा, जगदीश कुशवाहा, महेश कुशवाहा, प्रेम नारायण कुशवाहा समेत खिरक के अन्य लोगों ने कहा कि अभी तक मौके पर कोई भी उच्च अधिकारी देखने तक नहीं आया।
प्रसव के बाद बैलगाड़ी से घर जाती महिला
- फोटो : सोशल मीडिया
बैलगाड़ी के सहारे गर्भवती पहुंची थी घर
कुछ दिन पहले इसी गांव में गर्भवती महिला को परिजन बैलगाड़ी से घर लेकर पहुंचे थे। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद सीडीओ जुनैद अहमद ने जल्द मुआयना कराकर सड़क निर्माण कराये जाने की बात कही थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से बाहर आने जाने के लिए करीब तीन किलोमीटर का कीचड़ युक्त रास्ता तय कर मुख्य सड़क तक पहुंच पाते हैं। यदि कोई बीमार हो जाता है तो उन लोगों के लिए अस्पताल के लिए निकलना बड़ा ही कष्टकारी हाेता है।
कुछ दिन पहले इसी गांव में गर्भवती महिला को परिजन बैलगाड़ी से घर लेकर पहुंचे थे। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद सीडीओ जुनैद अहमद ने जल्द मुआयना कराकर सड़क निर्माण कराये जाने की बात कही थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से बाहर आने जाने के लिए करीब तीन किलोमीटर का कीचड़ युक्त रास्ता तय कर मुख्य सड़क तक पहुंच पाते हैं। यदि कोई बीमार हो जाता है तो उन लोगों के लिए अस्पताल के लिए निकलना बड़ा ही कष्टकारी हाेता है।