फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   A mosque where the teachings of Geeta resonate with the verses of Quran

Jhansi News: ऐसी मस्जिद जहां कुरान की आयतों के साथ गूंजते हैं गीता के उपदेश

Mon, 03 Mar 2025 02:18 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 03 Mar 2025 02:18 AM IST
विज्ञापन
A mosque where the teachings of Geeta resonate with the verses of Quran

विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। मस्जिद में गीता मिले, मंदिर में कुरान...विश्व गुरु हो जाएगा हिन्दुस्तान। किसी कवि की यह पंक्तियां शहर के जीवनशाह चौराहे पर मौजूद शहीदेन मस्जिद पर सटीक बैठती हैं। मस्जिद में मौजूद लाइब्रेरी में जहां लोग कुरान की आयतें पढ़ रहे हैं, वहीं गीता के उपदेश से शिक्षा ले रहे हैं। समाज में सौहार्द का पैगाम देने वाली यह मस्जिद मिसाल बनी हुई है।

शहर के जीवनशाह चौराहे के अंदर पहाड़ी पर मौजूद शहीदेन मस्जिद 18वीं सदी में एक चबूतरे तक सीमित रही। आज यह दो मंजिला भवन में स्थापित हैं। करीब 3 हजार वर्ग फीट में बनी इस मस्जिद में एक बार में 2 हजार से अधिक लोग एक साथ नमाज पढ़ते हैं। मस्जिद में एक विशाल लाइब्रेरी भी है। यहां एक छत के नीचे कुरान की आयतों के साथ गीता के उपदेश गूंजते हैं। मस्जिद कमेटी के सदर हाजी नासिद की देखरेख लाइब्रेरी संचालित होती है। इमाम मुफ्ती इमरान नदवी ने बताया कि मस्जिद में पिछले 10 साल से पुस्तकालय चल रहा है। कोशिश रहेगी कि इसे और अपडेट किया जाए।
विज्ञापन




फोटो - 04 मस्जिद के बाहर मौजूद कब्रिस्तान।



मस्जिद क्यों कहलाई ''''शहीदेन''''

यह मस्जिद रानी लक्ष्मीबाई के शासनकाल से मौजूद है। मस्जिद के बाहर एक कब्रिस्तान है, जहां आजादी की जंग में मारे गए कई मुस्लिम देशभक्तों को दफनाया गया था। उनकी शहादत की याद में ही इस मस्जिद का नाम ''''शहीदेन'''' मस्जिद हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन




फोटो - 05



लोगों की सोच बदलना मकसद

दारूल कजा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड झांसी के सदर और मस्जिद के इमाम मुफ्ती इमरान नदवी का कहना है कि उनका मकसद लोगों की सोच बदलना है। लोग सोचते हैं कि मस्जिद में केवल मुस्लिम धर्म के ही लोग अच्छी तालीम हासिल करते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। मस्जिद के पुस्तकालय में मुस्लिम धर्म की किताबों के अलावा श्रीमद्भागवत गीता, महाभारत, शिव महापुराण, रामचरित मानस, सिख धर्म की गुरु ग्रंथ साहिब और ईसाई धर्म की बाइबिल मौजूद हैं। यहां एक साथ सभी धर्मों के लोग बैठकर धर्मग्रंथ पढ़ते हैं।




फोटो - 06

उर्दू व अरबी से हिंदी में निशुल्क किए जाते हैं अनुवाद



- मुफ्ती अफ्फान असदी ने बताया कि लाइब्रेरी मेंं तमाम सरकारी दफ्तर और थानों से उर्दू और अरबी भाषा के पत्र हिंदी में अनुवाद होने के लिए यहां आते हैं। हम लोगों द्वारा इसका अनुवाद निशुल्क किया जाता है। साथ ही लोगों को उर्दू और अरबी की निशुल्क शिक्षा भी यहां दी जाती है। कोई भी यहां यह शिक्षा ले सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed