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नवाबाद थाने से भागा बदमाश
Jhansi
Updated Sun, 16 Nov 2014 05:31 AM IST
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झांसी। नवाबाद थाना पुलिस की हिरासत से शनिवार की दोपहर एक बदमाश चकमा देकर भाग गया। इससे ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। भागे बदमाश की तलाश में सिपाहियों को इधर-उधर दौड़ाया गया, मगर सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस कर्मियों ने बदमाश को गिरफ्तार करने वाली टीम से किसी अफसर को इस संबंध में न बताने की मनुहार की, जिस पर मामला आ गया हो गया।
शनिवार की दोपहर नवाबाद थाने की टीम को भनक लगी कि अशोक होटल की तरफ जा रहे आपेे में सवार युवक संदिग्ध हैं। एक युवक अपराधी प्रवृत्ति का है। इस पर टीम ने घेराबंदी करके आपे को कब्जे में लेकर चालक व बताए युवक को पकड़ लिया। टीम दोनों को थाने लेकर आई। आपे में बैठे युवक से कड़ाई से पूछताछ की गई। इस दौरान वह हालत बिगड़ने का नाटक करने लगा। यह देख उसे थाना कार्यालय में बैठा दिया गया। कुछ समय बाद वह लघुशंका जाने की कहने लगा। इस पर उसे अकेले हवालात के शौचालय भेज दिया गया। इस बीच मौका पाकर बदमाश थाने से भाग निकला।
शौचालय से वह लौटकर नहीं आया तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। सबसे पहले उन्होंने थाने के दस्तावेजों में बदमाश के दाखिल होने अथवा नहीं होने की पुष्टि की। जब पता चला कि बदमाश को दाखिल नहीं किया गया था, तो उन्होंने राहत की सांस ली। इसके बाद थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों को भागे अपराधी की तलाश में इधर-उधर दौड़ाया गया, मगर कोई सफलता नहीं मिली।
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बदमाश से नहीं है लेना देना
भागे बदमाश के साथ पकड़े गए आपे चालक ने पुलिस को बताया कि वह रायगढ़ का रहने वाला है। थाने से भागे बदमाश से उसका कोई लेनादेना नहीं है। वह उसे नहीं जानता और न पहले उससे मिला है। वह तो सवारी के रूप में आटो में बैठा था। वह उसे होटल में छोड़ने जा रहा था।
बदमाश को उसका साथी बताया जाना पूरी तरह गलत व भ्रामक है।
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शनिवार की दोपहर नवाबाद थाने की टीम को भनक लगी कि अशोक होटल की तरफ जा रहे आपेे में सवार युवक संदिग्ध हैं। एक युवक अपराधी प्रवृत्ति का है। इस पर टीम ने घेराबंदी करके आपे को कब्जे में लेकर चालक व बताए युवक को पकड़ लिया। टीम दोनों को थाने लेकर आई। आपे में बैठे युवक से कड़ाई से पूछताछ की गई। इस दौरान वह हालत बिगड़ने का नाटक करने लगा। यह देख उसे थाना कार्यालय में बैठा दिया गया। कुछ समय बाद वह लघुशंका जाने की कहने लगा। इस पर उसे अकेले हवालात के शौचालय भेज दिया गया। इस बीच मौका पाकर बदमाश थाने से भाग निकला।
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शौचालय से वह लौटकर नहीं आया तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। सबसे पहले उन्होंने थाने के दस्तावेजों में बदमाश के दाखिल होने अथवा नहीं होने की पुष्टि की। जब पता चला कि बदमाश को दाखिल नहीं किया गया था, तो उन्होंने राहत की सांस ली। इसके बाद थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों को भागे अपराधी की तलाश में इधर-उधर दौड़ाया गया, मगर कोई सफलता नहीं मिली।
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बदमाश से नहीं है लेना देना
भागे बदमाश के साथ पकड़े गए आपे चालक ने पुलिस को बताया कि वह रायगढ़ का रहने वाला है। थाने से भागे बदमाश से उसका कोई लेनादेना नहीं है। वह उसे नहीं जानता और न पहले उससे मिला है। वह तो सवारी के रूप में आटो में बैठा था। वह उसे होटल में छोड़ने जा रहा था।
बदमाश को उसका साथी बताया जाना पूरी तरह गलत व भ्रामक है।