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स्कूल में ही बनेंगी स्कूल की योजनाएं
Jhansi
Updated Thu, 20 Feb 2014 05:30 AM IST
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झांसी। अब कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के लिए योजनाएं कार्यालय में बैठकर नहीं बनाई जाएंगी, बल्कि यह विद्यालय में ही तैयार होंगी। विद्यालयों के सुचारु संचालन के लिए विभाग द्वारा यह व्यवस्था बनाई गई है।
सर्व शिक्षा अभियान की बालिका शिक्षा योजना के अंतर्गत जनपद में नौ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जाता है। इन विद्यालयों में गरीब तबके की बालिकाओं को कक्षा छह से आठवीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा उन्हें आवास, भोजन, यूनिफार्म, पठन - पाठन सामग्री आदि समेत अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी नि:शुल्क प्रदान की जातीं हैं। विद्यालयीय व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए हर माह बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें विद्यालयों के सुचारु संचालन की योजनाएं भी तैयार की जातीं हैं। लेकिन, अब यह बैठक कार्यालय में नहीं होगी, बल्कि हर माह जिले के किसी एक आवासीय विद्यालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें बीएसए, बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक, सहायक लेखाधिकारी, सभी आवासीय विद्यालयों की वार्डन व अकाउंटेंट शामिल होंगे। खास बात यह है कि बैठक के दौरान बीएसए के साथ - साथ अन्य विद्यालयों की वार्डन भी संबंधित विद्यालय का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण उपरांत उन्हें अपनी रिपोर्ट विद्यालय के रजिस्टर में दर्ज करनी होगी, जिसमें उन्हें विद्यालय में पाई गईं कमियों व अच्छाइयों का उल्लेख करना होगा। तदुपरांत, उल्लेखित कमियों को दूर किया जाएगा तथा पाई जाने वाली अच्छी व्यवस्थाओं को अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा।
बीएसए राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उक्त व्यवस्था लागू कर दी गई है। इससे विद्यालयीय व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार होगा।
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सर्व शिक्षा अभियान की बालिका शिक्षा योजना के अंतर्गत जनपद में नौ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जाता है। इन विद्यालयों में गरीब तबके की बालिकाओं को कक्षा छह से आठवीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा उन्हें आवास, भोजन, यूनिफार्म, पठन - पाठन सामग्री आदि समेत अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी नि:शुल्क प्रदान की जातीं हैं। विद्यालयीय व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए हर माह बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें विद्यालयों के सुचारु संचालन की योजनाएं भी तैयार की जातीं हैं। लेकिन, अब यह बैठक कार्यालय में नहीं होगी, बल्कि हर माह जिले के किसी एक आवासीय विद्यालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें बीएसए, बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक, सहायक लेखाधिकारी, सभी आवासीय विद्यालयों की वार्डन व अकाउंटेंट शामिल होंगे। खास बात यह है कि बैठक के दौरान बीएसए के साथ - साथ अन्य विद्यालयों की वार्डन भी संबंधित विद्यालय का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण उपरांत उन्हें अपनी रिपोर्ट विद्यालय के रजिस्टर में दर्ज करनी होगी, जिसमें उन्हें विद्यालय में पाई गईं कमियों व अच्छाइयों का उल्लेख करना होगा। तदुपरांत, उल्लेखित कमियों को दूर किया जाएगा तथा पाई जाने वाली अच्छी व्यवस्थाओं को अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा।
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बीएसए राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उक्त व्यवस्था लागू कर दी गई है। इससे विद्यालयीय व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार होगा।