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झांसी के दस लोगों से संपर्क नहीं, यमुनोत्री में सात फंसे
Jhansi
Updated Fri, 21 Jun 2013 05:30 AM IST
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झांसी। झांसी के कई लोग अब भी उत्तराखंड में फंसे हुए हैं। इनमें से दस लोगों का कोई पता नहीं चल रहा है, जबकि सात ने यमुनोत्री के निकट अपने फंसे होने की जानकारी परिजनों को दी है। उधर, बृहस्पतिवार को बड़ागांव गेट बाहर निवासी रोहित साहू व अभिषेक कुशवाहा ने जिलाधिकारी से मिल कर मदद की गुहार लगाई। डीएम ने गढ़वाल मंडल के कमिश्नर से संपर्क कर इसकी सूचना दी। हालांकि, अब तक उन लोगों के संबंध में कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी।
नगर क्षेत्र के बड़ागांव गेट बाहर के दस तीर्थ यात्रियों का जत्था चार धाम की यात्रा पर गया था। पिछले चार दिनों से इनका कोई अता- पता नहीं है। अंदेशे में उनके परिजनों का बुरा हाल है। जत्थे में शामिल मूलचंद्र कुशवाहा (50), उनकी पत्नी पूनम कुशवाहा (45), भतीजा मोनू (7), अंदर बड़ागांव गेट निवासी मीरा साहू, नारायण दास साहू, कमला साहू, पुरानी नझाई निवासी दीवानजी के मंदिर के पुजारी बृजमोहन पाठक (65) समेत नगर के 10 तीर्थ यात्रियों में से किसी से भी उनके परिजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा है।
उधर, चार धाम की यात्रा पर गए रक्सा क्षेत्र के सात लोग यमुनोत्री के निकट जानकी चट्टी स्थित राकेश होटल में फंसे हुए हैं। इन लोगों को न तो भोजन मिल रहा है और न ही कोई अन्य सुविधा। हालात यह है कि उन्हें वहां से निकालने वाला कोई नहीं है। बताया गया कि संतोष गुप्ता, उनकी पत्नी उपमा गुप्ता, कृष्णा (3) पुत्र संतोष गुप्ता, राकेश गुप्ता राजापुरवाले, उनकी पत्नी सुमन गुप्ता, गोपाल विश्वारी व उनकी पत्नी सुमन विश्वारी पिछले तीन दिनों से इस होटल से नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने जैसे तैसे मोबाइल संदेश भेज कर अपने परिजनों को वहां फंसे होने की सूचना देते हुए किसी तरह वहां से निकलवाने को कहा है। परिजनों के मुताबिक वह हेलीकाप्टर के लिए मुंहमांगी राशि देने को तैयार हैं, लेकिन यह सुविधा उन्हें नहीं मिल पा रही है।
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नगर क्षेत्र के बड़ागांव गेट बाहर के दस तीर्थ यात्रियों का जत्था चार धाम की यात्रा पर गया था। पिछले चार दिनों से इनका कोई अता- पता नहीं है। अंदेशे में उनके परिजनों का बुरा हाल है। जत्थे में शामिल मूलचंद्र कुशवाहा (50), उनकी पत्नी पूनम कुशवाहा (45), भतीजा मोनू (7), अंदर बड़ागांव गेट निवासी मीरा साहू, नारायण दास साहू, कमला साहू, पुरानी नझाई निवासी दीवानजी के मंदिर के पुजारी बृजमोहन पाठक (65) समेत नगर के 10 तीर्थ यात्रियों में से किसी से भी उनके परिजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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उधर, चार धाम की यात्रा पर गए रक्सा क्षेत्र के सात लोग यमुनोत्री के निकट जानकी चट्टी स्थित राकेश होटल में फंसे हुए हैं। इन लोगों को न तो भोजन मिल रहा है और न ही कोई अन्य सुविधा। हालात यह है कि उन्हें वहां से निकालने वाला कोई नहीं है। बताया गया कि संतोष गुप्ता, उनकी पत्नी उपमा गुप्ता, कृष्णा (3) पुत्र संतोष गुप्ता, राकेश गुप्ता राजापुरवाले, उनकी पत्नी सुमन गुप्ता, गोपाल विश्वारी व उनकी पत्नी सुमन विश्वारी पिछले तीन दिनों से इस होटल से नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने जैसे तैसे मोबाइल संदेश भेज कर अपने परिजनों को वहां फंसे होने की सूचना देते हुए किसी तरह वहां से निकलवाने को कहा है। परिजनों के मुताबिक वह हेलीकाप्टर के लिए मुंहमांगी राशि देने को तैयार हैं, लेकिन यह सुविधा उन्हें नहीं मिल पा रही है।
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