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हंसा गो सेवा समिति उठाएगी गायों की दवाओं का खर्च-City
Updated Sun, 10 Sep 2017 08:47 PM IST
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गायों के लिए आगे आए गो सेवक
हंसा गो सेवा समिति उठाएगी दवाओं का खर्च
- पशु अस्पताल में भर्ती हैं गंभीर स्थिति में गायें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
पशु अस्पताल में भर्ती गायों की दवाइयों और मरहम पट्टी का खर्च अब हंसा गो सेवा समिति उठाएगी। शनिवार को एक बछड़े की मौत के बाद समिति ने फैसला लिया है कि सरकार की ओर से जब तक दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक हर संभव मदद दी जाएगी।
पशु अस्पताल में छह महीने से दवाएं खत्म हो गई हैं। रोजाना पांच-छह गायें अस्पताल में भर्ती होती हैं लेकिन दवाएं न होने से उनका बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है। शनिवार को इलाज के अभाव में एक बछड़े की मौत हो गई। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद हंसा गो सेवा समिति गायों की मदद के लिए आगे आई है। समिति की अध्यक्ष रीता राय ने बताया कि उनकी संस्था लगातार पशु चिकित्सालय जाकर गायों के लिए जरूरी संसाधन और चारा उपलब्ध करा रही है। अब अस्पताल में भर्ती होने वाली छुट्टा/लावारिस गायों के इलाज का खर्च उनकी समिति उठाएगी। समिति का पूरा प्रयास रहेगा कि इलाज के अभाव में किसी गाय की मौत न हो। अध्यक्ष ने बताया कि समिति में रितु अग्रवाल, अनीता राय, रंजना गुप्ता, वंदना राय, नीता अग्रवाल, अंशू राय, अंजू शिवहरे, शिप्रा, रितु राय, सुनीता गुप्ता, सीमा शिवहरे आदि जुड़ी हुई हैं। सभी निजी खर्च से गोसेवा कर रही हैं। ओरछा में 60 गायों की क्षमता वाली गोशाला भी बनवाई है। पशु अस्पताल से उन्हें गोशाला ले जाकर इलाज किया जाता है।
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गायों के लिए आगे आए गो सेवक
हंसा गो सेवा समिति उठाएगी दवाओं का खर्च
- पशु अस्पताल में भर्ती हैं गंभीर स्थिति में गायें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
पशु अस्पताल में भर्ती गायों की दवाइयों और मरहम पट्टी का खर्च अब हंसा गो सेवा समिति उठाएगी। शनिवार को एक बछड़े की मौत के बाद समिति ने फैसला लिया है कि सरकार की ओर से जब तक दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक हर संभव मदद दी जाएगी।
पशु अस्पताल में छह महीने से दवाएं खत्म हो गई हैं। रोजाना पांच-छह गायें अस्पताल में भर्ती होती हैं लेकिन दवाएं न होने से उनका बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है। शनिवार को इलाज के अभाव में एक बछड़े की मौत हो गई। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद हंसा गो सेवा समिति गायों की मदद के लिए आगे आई है। समिति की अध्यक्ष रीता राय ने बताया कि उनकी संस्था लगातार पशु चिकित्सालय जाकर गायों के लिए जरूरी संसाधन और चारा उपलब्ध करा रही है। अब अस्पताल में भर्ती होने वाली छुट्टा/लावारिस गायों के इलाज का खर्च उनकी समिति उठाएगी। समिति का पूरा प्रयास रहेगा कि इलाज के अभाव में किसी गाय की मौत न हो। अध्यक्ष ने बताया कि समिति में रितु अग्रवाल, अनीता राय, रंजना गुप्ता, वंदना राय, नीता अग्रवाल, अंशू राय, अंजू शिवहरे, शिप्रा, रितु राय, सुनीता गुप्ता, सीमा शिवहरे आदि जुड़ी हुई हैं। सभी निजी खर्च से गोसेवा कर रही हैं। ओरछा में 60 गायों की क्षमता वाली गोशाला भी बनवाई है। पशु अस्पताल से उन्हें गोशाला ले जाकर इलाज किया जाता है।
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