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Jhansi News: बारिश से उड़द की फसल को 85% नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अधिक बारिश के चलते किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन और कृषि विभाग के आकलन में तिल की फसल 100 प्रतिशत, उड़द की फसल 85 प्रतिशत, मूंग 75 प्रतिशत और मूंगफली को 65 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। सर्वे के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
इस साल मानसून ने समय पर दस्तक दी थी। किसानों को अनुमान था कि इस साल फसल अच्छी होगी। इसके लिए उन्होंने पहले से खेत भी तैयार कर लिए थे लेकिन बारिश ऐसी हुई कि किसानों को बुआई तक का समय नहीं मिला। लगातार बारिश से बीज खेतों में या तो सड़ गया या फिर तेज बहाव में बह गया। इधर, कृषि विभाग ने भी किसानों की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसली बीमा करने की सलाह दी। 2.90 लाख किसानों में से अधिकांश ने बीमा का प्रीमियम भर दिया। हालांकि, अभी 31 अगस्त तक किसानों के पास बीमा का प्रीमियम जमा करने का मौका है। यदि बाकी किसान बीमा का प्रीमियम भर देते हैं तो उन्हें बीमा कंपनी से नुकसान की राशि प्रदान की जाएगी। डीडी कृषि महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि सर्वे से स्पष्ट कि इस साल तिल की कोई पैदावार नहीं हो सकेगी। बारिश से धान की फसल को 20 प्रतिशत का नुकसान पहुंचा है।
झांसी। अधिक बारिश के चलते किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन और कृषि विभाग के आकलन में तिल की फसल 100 प्रतिशत, उड़द की फसल 85 प्रतिशत, मूंग 75 प्रतिशत और मूंगफली को 65 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। सर्वे के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
इस साल मानसून ने समय पर दस्तक दी थी। किसानों को अनुमान था कि इस साल फसल अच्छी होगी। इसके लिए उन्होंने पहले से खेत भी तैयार कर लिए थे लेकिन बारिश ऐसी हुई कि किसानों को बुआई तक का समय नहीं मिला। लगातार बारिश से बीज खेतों में या तो सड़ गया या फिर तेज बहाव में बह गया। इधर, कृषि विभाग ने भी किसानों की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसली बीमा करने की सलाह दी। 2.90 लाख किसानों में से अधिकांश ने बीमा का प्रीमियम भर दिया। हालांकि, अभी 31 अगस्त तक किसानों के पास बीमा का प्रीमियम जमा करने का मौका है। यदि बाकी किसान बीमा का प्रीमियम भर देते हैं तो उन्हें बीमा कंपनी से नुकसान की राशि प्रदान की जाएगी। डीडी कृषि महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि सर्वे से स्पष्ट कि इस साल तिल की कोई पैदावार नहीं हो सकेगी। बारिश से धान की फसल को 20 प्रतिशत का नुकसान पहुंचा है।
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