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मढ़िया महादेव मंदिर में निर्माण कराने वालों पर नजर
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मढ़िया महादेव मंदिर में निर्माण कराने वालों पर नजर
झांसी। गोविंद चौराहा स्थित मढ़िया महादेव मंदिर परिसर में मौजूद मंदिरों में कुछ लोगोें द्वारा कराए जा रहे जीर्णोद्धार को पुरातत्व विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग इन मंदिरों में अपना ताला लगाएगा। पता लगाएगा कि यह निर्माण किसने कराए हैं। ऐसे लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि मंदिरों के मूल स्वरूप को बिगाड़ दिया गया है।
महानगर के गोविंद चौराहा पर गोसाईं समुदाय द्वारा निर्मित मढ़िया महादेव मंदिर और उसके परिसर में छोटे - बडे़ लगभग 11 मंदिर हैं। इनको अपने संरक्षण में पुरातत्व विभाग ने मई 2018 में ले लिया था। विभाग के अनुसार सूचना मिल रही है कि मढ़िया महादेव मंदिर परिसर में बने मंदिरों का नव निर्माण कर मौलिक स्वरूप प्रभावित कर दिया गया है। जबकि संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य पुरातत्व विभाग का है। विभाग के किसी भी संरक्षित स्मारक में निजी तौर पर बिना अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है। पुरातत्व अधिकारी डा. एसके दुबे के अनुसार विभाग द्वारा यह जांचा जा रहा है कि निर्माण कार्य किसके द्वारा कराया जा रहा है। इसके बाद संबंधितों को नोटिस दिया जाएगा। उनके अनुसार मंदिर प्राचीन हैं, जो वास्तुकला के अनुपम उदाहरण हैं।
बाक्स
सिर्फ पूजा अर्चना होगी अब मंदिर में
पुरातत्व विभाग मढ़िया महादेव मंदिर के सभी मंदिरों में अपना ताला लगवाएगा ताकि अवांछित तत्वों का जमावड़ा न हो सके। पुरातत्व विभाग के अनुसार मंदिर का उपयोग पूजा अर्चना के लिए होगा। किसी अन्य कार्यों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। यह प्राचीन धार्मिक स्थल असामाजिक तत्वों का अड्डा न बन सके, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन की भी मदद ली जाएगी।
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झांसी। गोविंद चौराहा स्थित मढ़िया महादेव मंदिर परिसर में मौजूद मंदिरों में कुछ लोगोें द्वारा कराए जा रहे जीर्णोद्धार को पुरातत्व विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग इन मंदिरों में अपना ताला लगाएगा। पता लगाएगा कि यह निर्माण किसने कराए हैं। ऐसे लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि मंदिरों के मूल स्वरूप को बिगाड़ दिया गया है।
महानगर के गोविंद चौराहा पर गोसाईं समुदाय द्वारा निर्मित मढ़िया महादेव मंदिर और उसके परिसर में छोटे - बडे़ लगभग 11 मंदिर हैं। इनको अपने संरक्षण में पुरातत्व विभाग ने मई 2018 में ले लिया था। विभाग के अनुसार सूचना मिल रही है कि मढ़िया महादेव मंदिर परिसर में बने मंदिरों का नव निर्माण कर मौलिक स्वरूप प्रभावित कर दिया गया है। जबकि संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य पुरातत्व विभाग का है। विभाग के किसी भी संरक्षित स्मारक में निजी तौर पर बिना अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है। पुरातत्व अधिकारी डा. एसके दुबे के अनुसार विभाग द्वारा यह जांचा जा रहा है कि निर्माण कार्य किसके द्वारा कराया जा रहा है। इसके बाद संबंधितों को नोटिस दिया जाएगा। उनके अनुसार मंदिर प्राचीन हैं, जो वास्तुकला के अनुपम उदाहरण हैं।
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सिर्फ पूजा अर्चना होगी अब मंदिर में
पुरातत्व विभाग मढ़िया महादेव मंदिर के सभी मंदिरों में अपना ताला लगवाएगा ताकि अवांछित तत्वों का जमावड़ा न हो सके। पुरातत्व विभाग के अनुसार मंदिर का उपयोग पूजा अर्चना के लिए होगा। किसी अन्य कार्यों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। यह प्राचीन धार्मिक स्थल असामाजिक तत्वों का अड्डा न बन सके, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन की भी मदद ली जाएगी।
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