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शिल्प मेला में ग्राहकों को लुभा रहे हाथरस के झुमके
Fri, 04 Jan 2019 01:50 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 04 Jan 2019 01:50 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Instagram
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‘झांसी शिल्प महोत्सव’ इन दिनों पूरी रौ पर है। मेले में ग्राहकों की भीड़ दिनों दिन बढ़ती जा रही है। हाथरस से आए हस्तशिल्पी छोटेलाल के हाथों से बने झुमके व पायल ग्राहकों को खूब लुभा रही हैं। लखनऊ की शिल्पी मेहरुनिंशा के लखनवी अंदाज में बने अनारकली कुर्ते भी ग्राहकों को खास पसंद आ रहे हैं।
शिल्प मेला में तीन सौ से अधिक दुकानदार आए हैं। गुजरात, मध्यप्रदेश, बंगाल, जम्मू एंड कश्मीर, राजस्थान समेत कई प्रांतों के हस्तशिल्पी आए हैं। राजस्थानी अचार की दुकानों में अलग- अलग तरह के अचार, मुरब्बा, पापड़ और नमकीन की कई वैरायटियां हैं। इसी तरह कई दुकानदारों ने भुनी अलसी के दाने रखे हैं, जो शुगर के मरीजों को बेचे जा रहे हैं। गटागट और कंपट की कई वैरायटी हैं।
उधर, हाथरस से आए हस्तशिल्पी छोटेलाल हैंडमेड ज्वैलरी बनाते हैं। गले के अलग- अलग डिजाइन के हार, पायल, कान के झुमके समेत आभूषणों की अलग- अलग किस्में लाए हैं। इनका दावा है कि उनकी ज्वैलरी पसीने या पानी से खराब नहीं होती है। ज्वैलरी में वह तांबे का इस्तेमाल करते हैं। तांबे की पॉलिश खराब नहीं होती है। लोहे के छल्लों पर पॉलिश से आकर्षक कड़े और पायल भी लाए हैं।
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इसी तरह से लखनऊ की मेहरुनिंशा दूसरी बार शिल्प मेला में आई हैं। अबकी बार वह नए अंदाज के चोलीकट और अनारकली कट कुर्ते, गोटा पत्ती कुर्ते के अलावा ब्लाउज पीस अलग- अलग वैरायटी के लाईं हैं। इसमें मल्टी नेक बहुत की शानदार है, जिसकी कढ़ाई कई कलर में की गई है। आजकल पार्टियों में अलग हट के नजर आने के लिए गोटा पट्टी कुर्ते में अलग- अलग तरह के लुक भी हैं। शादी और पार्टियों के लिए चिकन के सूट भी ग्राहकों को लुभा रहे हैं।
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शिल्प मेला में तीन सौ से अधिक दुकानदार आए हैं। गुजरात, मध्यप्रदेश, बंगाल, जम्मू एंड कश्मीर, राजस्थान समेत कई प्रांतों के हस्तशिल्पी आए हैं। राजस्थानी अचार की दुकानों में अलग- अलग तरह के अचार, मुरब्बा, पापड़ और नमकीन की कई वैरायटियां हैं। इसी तरह कई दुकानदारों ने भुनी अलसी के दाने रखे हैं, जो शुगर के मरीजों को बेचे जा रहे हैं। गटागट और कंपट की कई वैरायटी हैं।
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उधर, हाथरस से आए हस्तशिल्पी छोटेलाल हैंडमेड ज्वैलरी बनाते हैं। गले के अलग- अलग डिजाइन के हार, पायल, कान के झुमके समेत आभूषणों की अलग- अलग किस्में लाए हैं। इनका दावा है कि उनकी ज्वैलरी पसीने या पानी से खराब नहीं होती है। ज्वैलरी में वह तांबे का इस्तेमाल करते हैं। तांबे की पॉलिश खराब नहीं होती है। लोहे के छल्लों पर पॉलिश से आकर्षक कड़े और पायल भी लाए हैं।
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इसी तरह से लखनऊ की मेहरुनिंशा दूसरी बार शिल्प मेला में आई हैं। अबकी बार वह नए अंदाज के चोलीकट और अनारकली कट कुर्ते, गोटा पत्ती कुर्ते के अलावा ब्लाउज पीस अलग- अलग वैरायटी के लाईं हैं। इसमें मल्टी नेक बहुत की शानदार है, जिसकी कढ़ाई कई कलर में की गई है। आजकल पार्टियों में अलग हट के नजर आने के लिए गोटा पट्टी कुर्ते में अलग- अलग तरह के लुक भी हैं। शादी और पार्टियों के लिए चिकन के सूट भी ग्राहकों को लुभा रहे हैं।