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झांसी-ललितपुर में 800 बुलडोजर.. जीत के जश्न में घूम रहे गांव-गांव, मुहल्ले-मुहल्ले
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झांसी। इस बार विधानसभा चुनाव में बुलडोजर खूब गूंजा। सियासी मंचों से इसका नाम लिया जाता रहा। बड़े बड़े नेताओं ने इसका बखान किया। इसका ऐसा क्रेज बढ़ा कि लोग सेल्फी ले रहे हैं। फोटो खींचकर सोशल साइट्स पर डाल रहे हैं। अब क्योंकि झांसी और ललितपुर की सीटों पर भगवा लहरा गया है लिहाजा सभी छह विधानसभा सीटों पर हो रहे जश्न में इनका खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां बता दें झांसी-ललितपुर में 800 बुलडोजर हैं। 250 तो इसी साल खरीदे गए हैं।
इस समय बुलडोजर जीत के जश्न की यात्रा का हिस्सा बन गए हैं। विजयी जुलूस के लिए इनकी बुकिंग की जा रही है। एक हजार रुपये प्रति घंटा के हिसाब से बुकिंग हो रही है। इससे पहले भाजपा नेताओं की सभाओं में भी बुलडोजर खड़े किए गए। विपक्षी दलों ने भी मुद्दा बनाया। इसके बाद यह सोशल मीडिया पर भी खूब ट्रेंड हुआ। 10 मार्च को मतगणना होने के बाद जब भाजपा पूर्ण बहुमत से आई, तो बुलडोजर सड़कों पर निकल पड़े। बुलडोजर किराये पर उपलब्ध कराने वाले पम्मू भाई का कहना है कि उनके पास चार बुलडोजर हैं। जोकि किराये पर उपलब्ध कराए जाते हैं। चुनाव के पहले साइटों पर काम बंद था, लेकिन अब यह काम पर जाने लगे हैं। वहीं जेसीबी कंपनी के डीलर पवित्र खन्ना बताते हैं कि बुलडोजर का प्रयोग निर्माण कार्य में होता है। इस साल करीब 250 बुलडोजर नए बिके हैं।
खूब मन रहा जश्न
झांसी-ललितपुर समेत प्रदेश भर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर पर चढ़कर खूब जश्न मनाया। वहीं अब बुलडोजर का क्रेज इस कदर बढ़ चला है कि बुलडोजर निर्माण कार्यों में प्रयोग होने के साथ ही भाजपा की जश्न यात्राओं का हिस्सा बन गए हैं। भाजपाई बुलडोजर के साथ खूब सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
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जेसीबी बन गई बुलडोजर
तोड़-फोड़ करने वाली मशीन को लोग बुलडोजर और जेसीबी कहते हैं। जबकि जेसीबी कंपनी का नाम है। इस वाहन का असली नाम बैकहो लोडर है। इसमें एक तरफ स्टेयरिंग होती है, जबकि दूसरी ओर क्रेन की तरह लीवर होता है। वहीं एक तरफ लोडर होता है। इनका रंग पीला भी इसलिए होता है क्योंकि निर्माण कार्य स्थल पर यह आसानी से दिखाई दे सके। एक बुलडोजर की कीमत 16 से 70 लाख रुपये तक होती है।
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इस समय बुलडोजर जीत के जश्न की यात्रा का हिस्सा बन गए हैं। विजयी जुलूस के लिए इनकी बुकिंग की जा रही है। एक हजार रुपये प्रति घंटा के हिसाब से बुकिंग हो रही है। इससे पहले भाजपा नेताओं की सभाओं में भी बुलडोजर खड़े किए गए। विपक्षी दलों ने भी मुद्दा बनाया। इसके बाद यह सोशल मीडिया पर भी खूब ट्रेंड हुआ। 10 मार्च को मतगणना होने के बाद जब भाजपा पूर्ण बहुमत से आई, तो बुलडोजर सड़कों पर निकल पड़े। बुलडोजर किराये पर उपलब्ध कराने वाले पम्मू भाई का कहना है कि उनके पास चार बुलडोजर हैं। जोकि किराये पर उपलब्ध कराए जाते हैं। चुनाव के पहले साइटों पर काम बंद था, लेकिन अब यह काम पर जाने लगे हैं। वहीं जेसीबी कंपनी के डीलर पवित्र खन्ना बताते हैं कि बुलडोजर का प्रयोग निर्माण कार्य में होता है। इस साल करीब 250 बुलडोजर नए बिके हैं।
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खूब मन रहा जश्न
झांसी-ललितपुर समेत प्रदेश भर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर पर चढ़कर खूब जश्न मनाया। वहीं अब बुलडोजर का क्रेज इस कदर बढ़ चला है कि बुलडोजर निर्माण कार्यों में प्रयोग होने के साथ ही भाजपा की जश्न यात्राओं का हिस्सा बन गए हैं। भाजपाई बुलडोजर के साथ खूब सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
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जेसीबी बन गई बुलडोजर
तोड़-फोड़ करने वाली मशीन को लोग बुलडोजर और जेसीबी कहते हैं। जबकि जेसीबी कंपनी का नाम है। इस वाहन का असली नाम बैकहो लोडर है। इसमें एक तरफ स्टेयरिंग होती है, जबकि दूसरी ओर क्रेन की तरह लीवर होता है। वहीं एक तरफ लोडर होता है। इनका रंग पीला भी इसलिए होता है क्योंकि निर्माण कार्य स्थल पर यह आसानी से दिखाई दे सके। एक बुलडोजर की कीमत 16 से 70 लाख रुपये तक होती है।