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पानी की ‘लड़ाई’ में पिस रही 40 हजार आबादी
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पानी की ‘लड़ाई’ में पिस रही 40 हजार आबादी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिलान्यास के बाद भी कोई प्रगति नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिलान्यास किए जाने के बाद भी नेहरू नगर पाइप पेयजल योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। इसी का नतीजा है कि 40 हजार की आबादी की प्यास बुझ पाएगी या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने नेहरू नगर पेयजल योजना के लिए जिस तरह से अनशन की चेतावनी दी है, उससे लगता है कि अंदरखाने जरूर कोई गड़बड़ है या यूं कहें कि केंद्रीय मंत्री की अफसरों पर पकड़ ढीली पड़ गई है, जिससे वह इन्हें तवज्जों नहीं दे रहे हैं।
चुनाव करीब आते ही नेहरू नगर की पेयजल योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले लोकसभा चुनाव में मुहल्लेवासियों ने पेयजल समस्या दूर नहीं होने पर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। नगर पालिका चुनाव में भी नेहरू नगर की पेयजल समस्या मुद्दा बनी रही। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला के भ्रमण के दौरान इसका शिलान्यास किया था, तब ऐसा लगा था कि योजना के धरातल पर उतरते ही नेहरू नगर व सिविल लाइन (चांदमारी) में पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान हो गया है।
लेकिन, योजना में सिंचाई विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) ने खलल डाल दिया। पानी के अभाव में योजना खटाई पड़ गई। गोविंद सागर बांध से पानी दिलाने के लिए स्थानीय भाजपा नेताओं ने काफी प्रयास किया। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रजनी साहू व उनके पति घनश्याम साहू ने लखनऊ में कई बार सिंचाई मंत्री व अफसरों से मुलाकात की। अब पानी की इस लड़ाई के लिए क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को लिखे पत्र में कहा कि नेहरू नगर कालोनी का पेयजल संकट किसी से छिपा नहीं है। गर्मियों में पेयजल संकट फिर से आने वाला है। पूरे ललितपुर जिले व नेहरू नगर कॉलोनी के लिए अभी तक जल संसाधन ने अपनी अनापत्ति नहीं दी है, जबकि इसकी सारी प्रक्रियाएं तैयार हैं। कई बार प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व सिंचाई मंत्री धर्मपाल इसके लिए निर्देश दे चुके हैं, लेकिन सिंचाई विभाग के इंजीनियरों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इस मामले में तालमेल का अभाव लगता है। नेहरूनगर वासियों की पानी की समस्या दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री ने आज से अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।
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नेहरू नगर पेयजल समस्या की लड़ाई पंद्रह वर्षो से लड़ी जा रही है। इस लड़ाई को आगे बढ़ाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई है और योजना को स्वीकृत कराने में सफलता पाई।
- रजनी साहू, पालिकाध्यक्ष
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिलान्यास के बाद भी कोई प्रगति नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिलान्यास किए जाने के बाद भी नेहरू नगर पाइप पेयजल योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। इसी का नतीजा है कि 40 हजार की आबादी की प्यास बुझ पाएगी या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने नेहरू नगर पेयजल योजना के लिए जिस तरह से अनशन की चेतावनी दी है, उससे लगता है कि अंदरखाने जरूर कोई गड़बड़ है या यूं कहें कि केंद्रीय मंत्री की अफसरों पर पकड़ ढीली पड़ गई है, जिससे वह इन्हें तवज्जों नहीं दे रहे हैं।
चुनाव करीब आते ही नेहरू नगर की पेयजल योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले लोकसभा चुनाव में मुहल्लेवासियों ने पेयजल समस्या दूर नहीं होने पर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। नगर पालिका चुनाव में भी नेहरू नगर की पेयजल समस्या मुद्दा बनी रही। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला के भ्रमण के दौरान इसका शिलान्यास किया था, तब ऐसा लगा था कि योजना के धरातल पर उतरते ही नेहरू नगर व सिविल लाइन (चांदमारी) में पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान हो गया है।
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लेकिन, योजना में सिंचाई विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) ने खलल डाल दिया। पानी के अभाव में योजना खटाई पड़ गई। गोविंद सागर बांध से पानी दिलाने के लिए स्थानीय भाजपा नेताओं ने काफी प्रयास किया। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रजनी साहू व उनके पति घनश्याम साहू ने लखनऊ में कई बार सिंचाई मंत्री व अफसरों से मुलाकात की। अब पानी की इस लड़ाई के लिए क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को लिखे पत्र में कहा कि नेहरू नगर कालोनी का पेयजल संकट किसी से छिपा नहीं है। गर्मियों में पेयजल संकट फिर से आने वाला है। पूरे ललितपुर जिले व नेहरू नगर कॉलोनी के लिए अभी तक जल संसाधन ने अपनी अनापत्ति नहीं दी है, जबकि इसकी सारी प्रक्रियाएं तैयार हैं। कई बार प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व सिंचाई मंत्री धर्मपाल इसके लिए निर्देश दे चुके हैं, लेकिन सिंचाई विभाग के इंजीनियरों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इस मामले में तालमेल का अभाव लगता है। नेहरूनगर वासियों की पानी की समस्या दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री ने आज से अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।
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नेहरू नगर पेयजल समस्या की लड़ाई पंद्रह वर्षो से लड़ी जा रही है। इस लड़ाई को आगे बढ़ाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई है और योजना को स्वीकृत कराने में सफलता पाई।
- रजनी साहू, पालिकाध्यक्ष