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पर्यटन स्थलों क ा होगा प्रचार
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पर्यटन स्थलों क ा होगा प्रचार
झांसी। झांसी मंडल के सभी पर्यटन स्थलों, हाइवे और प्रमुख बाजारों में पर्यटन विभाग पोस्टर, कैंटी लीवर तथा स्पॉट साइनेज लगवाएगा, ताकि देसी - विदेशी लोग पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जान सकें। शासन ने इसके लिए 88 लाख 53 हजार रुपये मंजूर किए हैं। पहली किस्त 44 लाख 27 हजार रुपये निर्गत किए गए हैं। काम इसी सप्ताह से शुरू हो जाएगा।
झांसी, ललितपुर और जालौन प्राकृतिक सुंदरता और पुरा स्मारकों से भरा हुआ है। इनमें रानी झांसी का ऐतिहासिक किला, गणेश मंदिर, रानी महल, बरुआसागर का किला, ललितपुर में देवगढ़ के जैन मंदिर, वाराह मंदिर, दशावतार मंदिर, रणछोड़ मंदिर, कालपी का लंका मीनार, वेद व्यास मंदिर आदि हैं। यहां पर्यटन विभाग द्वारा समय - समय पर विकास के कई कार्य कराए गए। हालांकि प्रचार - प्रसार के अभाव में अधिकांश विदेशी सैलानी आगरा, ग्वालियर, ओरछा और खजुराहो क ी ओर रुख कर जाते हैं। ऐसे में पर्यटन विभाग ने झांसी, ललितपुर और जालौन के पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए व्यापक योजना बनाई है।
विभाग के उप निदेशक आरके रावत के मुताबिक हाइवे और मुख्य मार्गों के अलावा सभी पर्यटन स्थलों पर साइनेज, कैंटी लीवर व स्पॉट साइनेज लगाये जाएंगे। इसमें पर्यटन स्थल का विवरण, दूरी तथा अन्य सभी जानकारियां होंगी। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन झांसी इस सप्ताह से काम शुरू कर देगी। उनके अनुसार यह प्रचार सामग्री तालबेहट का किला, मानसरोवर झील, गढ़मऊ झील, राजा गंगाधर राव की छतरी, लक्ष्मी मंदिर, जराय का मठ, झोकनबाग सिमेट्री आदि पर भी लगाए जाएंगे।
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झांसी। झांसी मंडल के सभी पर्यटन स्थलों, हाइवे और प्रमुख बाजारों में पर्यटन विभाग पोस्टर, कैंटी लीवर तथा स्पॉट साइनेज लगवाएगा, ताकि देसी - विदेशी लोग पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जान सकें। शासन ने इसके लिए 88 लाख 53 हजार रुपये मंजूर किए हैं। पहली किस्त 44 लाख 27 हजार रुपये निर्गत किए गए हैं। काम इसी सप्ताह से शुरू हो जाएगा।
झांसी, ललितपुर और जालौन प्राकृतिक सुंदरता और पुरा स्मारकों से भरा हुआ है। इनमें रानी झांसी का ऐतिहासिक किला, गणेश मंदिर, रानी महल, बरुआसागर का किला, ललितपुर में देवगढ़ के जैन मंदिर, वाराह मंदिर, दशावतार मंदिर, रणछोड़ मंदिर, कालपी का लंका मीनार, वेद व्यास मंदिर आदि हैं। यहां पर्यटन विभाग द्वारा समय - समय पर विकास के कई कार्य कराए गए। हालांकि प्रचार - प्रसार के अभाव में अधिकांश विदेशी सैलानी आगरा, ग्वालियर, ओरछा और खजुराहो क ी ओर रुख कर जाते हैं। ऐसे में पर्यटन विभाग ने झांसी, ललितपुर और जालौन के पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए व्यापक योजना बनाई है।
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विभाग के उप निदेशक आरके रावत के मुताबिक हाइवे और मुख्य मार्गों के अलावा सभी पर्यटन स्थलों पर साइनेज, कैंटी लीवर व स्पॉट साइनेज लगाये जाएंगे। इसमें पर्यटन स्थल का विवरण, दूरी तथा अन्य सभी जानकारियां होंगी। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन झांसी इस सप्ताह से काम शुरू कर देगी। उनके अनुसार यह प्रचार सामग्री तालबेहट का किला, मानसरोवर झील, गढ़मऊ झील, राजा गंगाधर राव की छतरी, लक्ष्मी मंदिर, जराय का मठ, झोकनबाग सिमेट्री आदि पर भी लगाए जाएंगे।
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