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कमांड सेटर से रहेगी पूरे ट्रैफिक पर नजर-Cordination
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कमांड सेंटर से रहेगी पूरे शहर पर नजर
झांसी। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत महानगर की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था ऑनलाइन की जाएगी। मौसम में आए दिन होने वाले उतार-चढ़ाव की जानकारी एसएमएस के माध्यम से आमजन तक पहुंचेगी। इस पर 146.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्मार्ट सिटी बोर्ड ने सहमति दे दी है। यदि इस प्रोजेक्ट में किसी तरह की कमी रह गई होगी तो हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनीवर्सिटी (एचबीटीयू) के एक्सपर्ट इसमें संशोधन करेंगे। इसके बाद टेंडर जारी होगा और काम शुरू कर दिया जाएगा।
महानगर का यातायात दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। कोई गाड़ी किसी को टक्कर मारकर भाग जाती है, तो पता नहीं चल पाता है। बाइक सवार स्टंट करते हैं, जिससे लोगों की जान को जोखिम रहता है। किसी सड़क पर कहीं गड्ढा हो गया है और लोग शिकायत करते रहते हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती है। नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियां एक चक्कर लगाती हैं और ड्राइवर दो चक्कर का डीजल डलवा लेते हैं। कभी मौसम अचानक गर्म हो जाता है तो कभी तेज ठंडा। कहीं महीनों से कचरा नहीं उठाया जाता है। इन सब पर नियंत्रण रखने के लिए नगर निगम में इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। इस पर 146.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कमांड सेंटर में एक वीडियो हॉल बनाया जाएगा, जिसमें क्लोज सर्किट कैमरों से दिनभर महानगर में होने वाली गतिविधियों की जानकारी सीधे कंट्रोल रूम में आ सकेगी। पूरे शहर में जगह-जगह हाई क्वालिटी कैमरे लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। कहीं कचरे का ढेर लगा है तो एसएमएस के माध्यम से नगर निगम को सूचना भेजी जा सकेगी, इसका समाधान तत्काल होगा।
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यह काम होंगे
- सभी चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
- कैमरे भी हाई क्वालिटी के लगाए जाएंगे।
- कैमरे में बाइक का नंबर भी साफ दिखेगा।
- कचरा गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगेगा।
- गाड़ी चलने की लोकेशन पर नजर रहेगी।
- सेंसर लगेंगे जो मौसम की जानकारी देंगे।
- मोबाइल के लिए पोर्टल तैयार किया जाएगा।
- पब्लिक मोबाइल एप को डाउनलोड करेगी।
- एसएमएस से मौसम की जानकारी मिलेगी।
- वीडियो हॉल में पूरे शहर की जानकारी होगी।
- एक्सीडेंट होता है तो गाड़ी की पहचान होगी।
- एसएमएस पर कचरा की शिकायत भेज सकेंगे।
वर्जन..
स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने स्वीकृति दे दी है। एचबीटीयू कानपुर से सहमति मिलने के बाद इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाने का काम शुरू होगा। - एके शर्मा, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी
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झांसी। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत महानगर की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था ऑनलाइन की जाएगी। मौसम में आए दिन होने वाले उतार-चढ़ाव की जानकारी एसएमएस के माध्यम से आमजन तक पहुंचेगी। इस पर 146.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्मार्ट सिटी बोर्ड ने सहमति दे दी है। यदि इस प्रोजेक्ट में किसी तरह की कमी रह गई होगी तो हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनीवर्सिटी (एचबीटीयू) के एक्सपर्ट इसमें संशोधन करेंगे। इसके बाद टेंडर जारी होगा और काम शुरू कर दिया जाएगा।
महानगर का यातायात दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। कोई गाड़ी किसी को टक्कर मारकर भाग जाती है, तो पता नहीं चल पाता है। बाइक सवार स्टंट करते हैं, जिससे लोगों की जान को जोखिम रहता है। किसी सड़क पर कहीं गड्ढा हो गया है और लोग शिकायत करते रहते हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती है। नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियां एक चक्कर लगाती हैं और ड्राइवर दो चक्कर का डीजल डलवा लेते हैं। कभी मौसम अचानक गर्म हो जाता है तो कभी तेज ठंडा। कहीं महीनों से कचरा नहीं उठाया जाता है। इन सब पर नियंत्रण रखने के लिए नगर निगम में इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। इस पर 146.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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कमांड सेंटर में एक वीडियो हॉल बनाया जाएगा, जिसमें क्लोज सर्किट कैमरों से दिनभर महानगर में होने वाली गतिविधियों की जानकारी सीधे कंट्रोल रूम में आ सकेगी। पूरे शहर में जगह-जगह हाई क्वालिटी कैमरे लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। कहीं कचरे का ढेर लगा है तो एसएमएस के माध्यम से नगर निगम को सूचना भेजी जा सकेगी, इसका समाधान तत्काल होगा।
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यह काम होंगे
- सभी चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
- कैमरे भी हाई क्वालिटी के लगाए जाएंगे।
- कैमरे में बाइक का नंबर भी साफ दिखेगा।
- कचरा गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगेगा।
- गाड़ी चलने की लोकेशन पर नजर रहेगी।
- सेंसर लगेंगे जो मौसम की जानकारी देंगे।
- मोबाइल के लिए पोर्टल तैयार किया जाएगा।
- पब्लिक मोबाइल एप को डाउनलोड करेगी।
- एसएमएस से मौसम की जानकारी मिलेगी।
- वीडियो हॉल में पूरे शहर की जानकारी होगी।
- एक्सीडेंट होता है तो गाड़ी की पहचान होगी।
- एसएमएस पर कचरा की शिकायत भेज सकेंगे।
वर्जन..
स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने स्वीकृति दे दी है। एचबीटीयू कानपुर से सहमति मिलने के बाद इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाने का काम शुरू होगा। - एके शर्मा, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी