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जीएसटी: मोबाइल के छोटे दुकानदार दुविधा में-City

Sat, 15 Jul 2017 08:27 PM IST
Updated Sat, 15 Jul 2017 08:27 PM IST
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जीएसटी: मोबाइल के छोटे दुकानदार दुविधा में-City
जीएसटी फेर में फंसा मोबाइल रीचार्ज
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कंपनियों ने कहा, पहले पंजीकरण कराओ, फिर मिलेंगे कार्ड
जबकि बीस लाख से कम सालाना टर्नओवर वाले नहीं दुकानदार नहीं है इसके दायरे में
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जीएसटी की जटिलताओं में मोबाइल रीचार्ज करने वाले छोटे दुकानदार फंस गए हैं। जीएसटी की नियमावली के अनुसार बीस लाख रुपये से कम सालाना टर्नओवर वाले इसके दायरे में नहीं आते हैं। वहीं, मोबाइल कंपनियों ने साफ कर दिया है कि पहले जीएसटी में पंजीकरण कराओ तभी रीचार्ज कार्ड बेचने के लिए दिए जाएंगे।
मोबाइल ने हजारों हाथों को रोजगार दिया है। हर गली में मोबाइल रीचार्ज करने की दुकानें खुली हुई हैं। वैट में मोबाइल रिचार्ज कर मुक्त था। लेकिन जीएसटी में रिचार्ज कार्ड पर 18 प्रतिशत टैक्स है। जीएसटी में कार्ड रिचार्ज को सर्विस माना गया है। चूंकि, कंपनियां टैक्स लगाने के बाद अपने डिस्ट्रीब्यूटरों को मोबाइल और कार्ड से रिचार्ज करने का पहले से ही टैक्स वसूल लेती है। डिस्ट्रीब्यूटर को भी अपने कारोबार पर रिटर्न भरना है। ऐसे में डिस्ट्रीब्यूटर को तभी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा, जब वह पंजीकृत दुकानदार को अपना माल दें। अब डिस्ट्रीब्यूटरों ने दुकानदारों से कहना शुरू कर दिया है कि वे अपने पंजीकरण करा ले नहीं तो उनको रिचार्ज देने की सुविधा बंद कर दी जाएगी। इससे छोटे दुकानदार दुविधा में हैं।
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वाणिज्य कर विभाग के सहायक कमिश्नर अभिषेक गुप्ता ने बताया कि अगर कोई दुकानदार जीएसटी के दायरे में नहीं है तो वह 50 हजार तक का सामान किसी भी पंजीकृत व्यापारी से ले सकता है। अगर मोबाइल कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर ऐसा कर रहे हैं तो यह गलत है। हो सकता है कि जीएसटी की शुरूआत के कारण नियम नहीं समझ पा रहे हो। कुछ दिन बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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माल लेने में होने लगी परेशानी
मुझे मोबाइल से जुड़े छोटे-छोटे उपकरण दिल्ली लेने जाना पड़ता है। कारोबार छोटा है, इसलिए कभी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन अब दिल्ली वाले बिना बिल के माल देने को तैयार नहीं है। इससे परेशानी बढ़ गई है।

पंकज साहू, मोबाइल सुधारक।

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रजिस्ट्रेशन लेकर क्या करेंगे
मोबाइल रिचार्ज में बहुत कम फायदा होता है। अगर, जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा लिया तो फिर रिटर्न भरने का झंझट बढ़ जाएगा। खर्चे बढ़ जाएंगे। फायदे से ज्यादा नुकसान होने लगेगा। सरकार को छोटे दुकानदारों की चिंता करनी चाहिए।
भोले शंकर, मोबाइल रिचार्ज दुकानदार।

पंजीकरण के लिए ये ब्यौरा देना है
-विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई गई प्रोविजनल आईडी
-विभाग की ओर से उपलब्ध करवाया गया पासवर्ड
-ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, बैंक एकाउंट नंबर
-बैंक आईएफएससी कोड, व्यापार से संबंधित साक्ष्य
- कारोबारी का फोटो, हस्ताक्षरकर्ता का फोटो और साक्ष्य
- बैंक पासबुक के कवर पेज की फोटो कापी और डिजिटल हस्ताक्षर
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