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बिजली प्रकरण: तीन सदस्यीय समिति का गइन-City
Updated Wed, 17 Oct 2018 05:00 AM IST
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बिजली प्रकरण: तीन सदस्यीय कमेटी का गठन
- मीटर स्टोर रीडिंग के मामले में प्रबंध निदेशक ने दे रखे हैं जांच के आदेश
- संबंधित अधिशासी अभियंताओं की रिपोर्ट आने के बाद बनाई कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बिजली विभाग में खराब मीटर दिखाकर स्टोर रीडिंग को खत्म करने के खेल की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जांच कमेटी से 23 अक्तूबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं, इस मामले में फंसने वाले अफसर जांच को दबाने के लिए मंत्रियों से सिफारिश लगाकर उच्च अधिकारियों को फोन लगवा रहे हैं।
अमर उजाला ने 28 सितंबर के अपने अंक में प्रकाशित किया था कि कई उपभोक्ता न्यूनतम रीडिंग का बिल बनवाने के बाद मीटर में रीडिंग स्टोर कर लेते हैं। जब स्टोर रीडिंग हजारों में पहुंच जाती है तो उपभोक्ता मीटर शाखा से सांठगांठ करके मीटर बदलवा लेते हैं। साथ ही, इस घालमेल में शामिल अधिकारी भी मीटर खराब दिखाकर ओके रिपोर्ट लगा देते हैं। सीलिंग प्रमाण पत्र में वह रीडिंग दर्शायी जाती है, जहां तक उपभोक्ता बिल जमा कर चुका होता है। पिछले एक साल में सौ से अधिक ऐसे मामलों में 50 लाख से अधिक का चूना विभाग को लगाया गया।
अमर उजाला में खबर छपने के बाद इस मामले को बिजली विभाग के अफसरों ने गंभीरता से लिया था। मुख्य अभियंता (वितरण) सहदेव सिंह गोयल ने अधीक्षण अभियंता (महानगर) राकेश वर्मा के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता (प्रथम) गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता (तृतीय) अनुभव कुमार और अधिशासी अभियंता (टेस्ट) प्रशांत कुमार से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। चूंकि, इन अधिशासी अभियंताओं के क्षेत्र के मामले सामने आए थे। इसलिए प्रारंभिक रिपोर्ट उक्त अधिकारियों से ही मांगी गई। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने भी इस मामले को संज्ञान में लेने के बाद अफसरों को शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा था। तीनों अधिशासी अभियंताओं द्वारा दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद जांच आगे बढ़ गई है।
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सोमवार को अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। इस कमेटी में अधिशासी अभियंता हेमराज, सहायक अभियंता (तकनीकी) मोहम्मद शेख और लेखाकार अनुराग राठौर को रखा गया है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि कमेटी से 23 अक्तूबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद उस पर कार्रवाई के लिए प्रबंध निदेशक के पास भेजा जाएगा।
- मीटर स्टोर रीडिंग के मामले में प्रबंध निदेशक ने दे रखे हैं जांच के आदेश
- संबंधित अधिशासी अभियंताओं की रिपोर्ट आने के बाद बनाई कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बिजली विभाग में खराब मीटर दिखाकर स्टोर रीडिंग को खत्म करने के खेल की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जांच कमेटी से 23 अक्तूबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं, इस मामले में फंसने वाले अफसर जांच को दबाने के लिए मंत्रियों से सिफारिश लगाकर उच्च अधिकारियों को फोन लगवा रहे हैं।
अमर उजाला ने 28 सितंबर के अपने अंक में प्रकाशित किया था कि कई उपभोक्ता न्यूनतम रीडिंग का बिल बनवाने के बाद मीटर में रीडिंग स्टोर कर लेते हैं। जब स्टोर रीडिंग हजारों में पहुंच जाती है तो उपभोक्ता मीटर शाखा से सांठगांठ करके मीटर बदलवा लेते हैं। साथ ही, इस घालमेल में शामिल अधिकारी भी मीटर खराब दिखाकर ओके रिपोर्ट लगा देते हैं। सीलिंग प्रमाण पत्र में वह रीडिंग दर्शायी जाती है, जहां तक उपभोक्ता बिल जमा कर चुका होता है। पिछले एक साल में सौ से अधिक ऐसे मामलों में 50 लाख से अधिक का चूना विभाग को लगाया गया।
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अमर उजाला में खबर छपने के बाद इस मामले को बिजली विभाग के अफसरों ने गंभीरता से लिया था। मुख्य अभियंता (वितरण) सहदेव सिंह गोयल ने अधीक्षण अभियंता (महानगर) राकेश वर्मा के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता (प्रथम) गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता (तृतीय) अनुभव कुमार और अधिशासी अभियंता (टेस्ट) प्रशांत कुमार से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। चूंकि, इन अधिशासी अभियंताओं के क्षेत्र के मामले सामने आए थे। इसलिए प्रारंभिक रिपोर्ट उक्त अधिकारियों से ही मांगी गई। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने भी इस मामले को संज्ञान में लेने के बाद अफसरों को शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा था। तीनों अधिशासी अभियंताओं द्वारा दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद जांच आगे बढ़ गई है।
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सोमवार को अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। इस कमेटी में अधिशासी अभियंता हेमराज, सहायक अभियंता (तकनीकी) मोहम्मद शेख और लेखाकार अनुराग राठौर को रखा गया है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि कमेटी से 23 अक्तूबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद उस पर कार्रवाई के लिए प्रबंध निदेशक के पास भेजा जाएगा।