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बाल संरक्षण आयोग की सदस्य ने किया निरीक्षाण-Cordination
Updated Sun, 30 Sep 2018 01:40 AM IST
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गर्भवती महिलाओं को सभी सुविधाएं मिलें
झांसी। उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. नीता साहू ने मंडलीय समीक्षा बैठक में कहा कि मां की गोद से लेकर बच्चा बड़ा होने तक स्वस्थ रहे। बच्चों को नियमित पोषाहार मिले तथा गर्भवती महिला को प्रसव के दौरान सभी सुविधाएं दी जाएं।
सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को लाने- ले जाने के लिए गैस संचालित वाहनों का प्रयोग न हो, इसका कड़ाई से पालन किया जाए। विधि सह परिवीक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि बालकों को किशोर न्याय बोर्ड में आने के बाद संप्रेक्षण गृह ललितपुर भेजा जाता है, जिससे असुविधा होती है। मांग की गई कि झांसी में संप्रेक्षण गृह बनाया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में माताओं को इस बात की जानकारी देनी होगी कि मां का दूध बच्चों के लिए सर्वोत्तम है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी ने नवजात को छह महीने तक मां का दूध पिलाए जाने का सुझाव दिया।
इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल सिंह, ललितपुर के सुरेंद्र पटेल, रानी यादव, ममता जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी अभिषेक मिश्रा मौजूद रहे।
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व्यवस्थाएं ठीक मिलीं
झांसी। शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. नीता साहू ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मला शिशु होम, सेंट ज्यूड्स फाउंडलिंग होम शिशु विहार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव और बाल विकास परियोजना कार्यालय बड़ागांव का निरीक्षण किया। सभी जगह व्यवस्थाएं ठीक मिलीं।
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झांसी। उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. नीता साहू ने मंडलीय समीक्षा बैठक में कहा कि मां की गोद से लेकर बच्चा बड़ा होने तक स्वस्थ रहे। बच्चों को नियमित पोषाहार मिले तथा गर्भवती महिला को प्रसव के दौरान सभी सुविधाएं दी जाएं।
सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को लाने- ले जाने के लिए गैस संचालित वाहनों का प्रयोग न हो, इसका कड़ाई से पालन किया जाए। विधि सह परिवीक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि बालकों को किशोर न्याय बोर्ड में आने के बाद संप्रेक्षण गृह ललितपुर भेजा जाता है, जिससे असुविधा होती है। मांग की गई कि झांसी में संप्रेक्षण गृह बनाया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में माताओं को इस बात की जानकारी देनी होगी कि मां का दूध बच्चों के लिए सर्वोत्तम है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी ने नवजात को छह महीने तक मां का दूध पिलाए जाने का सुझाव दिया।
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इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल सिंह, ललितपुर के सुरेंद्र पटेल, रानी यादव, ममता जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी अभिषेक मिश्रा मौजूद रहे।
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व्यवस्थाएं ठीक मिलीं
झांसी। शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. नीता साहू ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मला शिशु होम, सेंट ज्यूड्स फाउंडलिंग होम शिशु विहार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव और बाल विकास परियोजना कार्यालय बड़ागांव का निरीक्षण किया। सभी जगह व्यवस्थाएं ठीक मिलीं।