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सोशल मीडिया: ललितपुर की तर्ज पर होगी कार्रवाई -City
Updated Sat, 01 Sep 2018 02:05 AM IST
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प्रशासन की जद में होंगे व्हाट्सएप मीडिया ग्रुप और पोर्टल
झांसी। ललितपुर की तर्ज पर अब झांसी में भी सोशल मीडिया पर चलने वाले व्हाट्सएप मीडिया ग्रुप व न्यूज पोर्टलों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इसके तहत ग्रुप एडमिन को अपने ग्रुप का पंजीकरण कराना होगा। ग्रुप पर आने वाली खबरों /संदेशों की निगरानी की जाएगी। अफवाह फैलाने या शांति में बाधा पैदा करने वाले संदेशों के आदान-प्रदान पर ग्रुप एडमिन के खिलाफ कार्रवाई होगी।
व्हाट्सएप पर संचालित होने वाले न्यूज ग्रुपों की अब तक कोई जवाबदेयी तय नहीं है। बाकायदा ग्रुप बनाकर खबरें चलाई जाने लगती हैं। इससे अक्सर भ्रामक खबरें फैल जाती हैं और छोटी-छोटी घटनाओं को भी बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत कर दिया जाता है। इससे माहौल खराब होने का खतरा बना रहता है। केंद्र सरकार इस स्थिति पर लगाम कसना चाहती है। प्रदेश सरकार का रुख भी कड़ा है, जिसके चलते इससे निपटने के लिए ललितपुर मेें नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत व्हाट्सएप ग्रुप का जिला सूचना कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि, न्यूज पोर्टल को शासन की अनुमति लेनी होगी। बगैर इसके मीडिया ग्रुप व पोर्टल चलाने पर एडमिन के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इसके अलावा ग्रुप एडमिन बगैर अनुमति के किसी को भी ग्रुप से नहीं जोड़ सकेंगे। साथ ही एडमिन को ग्रुप में आने वाली खबरों पर ध्यान देना होगा। सामाजिक भाईचारे को बाधा पैदा करने वाली या समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली खबरों के प्रसारण की जिम्मेदारी ग्रुप एडमिन की मानी जाएगी। उल्लंघन पर एडमिन के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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ललितपुर प्रशासन के इस कदम की मंगलवार को झांसी आए प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र ने सराहना की थी। उन्होंने डीआईजी और एसएसपी को झांसी में भी ये व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में झांसी में तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्रुपों और न्यूज पोर्टलों की सूची बनाई जा रही है। ग्रुप में आने वाले मैसेज भी खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही ललितपुर की तर्ज पर झांसी में भी ये व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
बाइट नहीं दे पाएंगे अफसर
ललितपुर में सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी न्यूज पोर्टल को बाइट उपलब्ध न कराएं। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा करेगा, तो इसे आदेशों की अवहेलना माना जाएगा। झांसी में भी ये व्यवस्था लागू की जाएगी।
एडमिन का खंगाला जाएगा इतिहास
आपराधिक प्रवृत्ति के लोग व्हाट्सएप मीडिया ग्रुप के एडमिन नहीं बन सकेंगे। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा ललितपुर में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों के सत्यापन के भी निर्देश दिए गए हैं। यह काम जिला सूचना कार्यालय से होगा।
फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
व्हाट्सएप पर इन दिनों मीडिया ग्रुपों की भरमार है। इनमें तमाम ग्रुप ऐसे लोगों द्वारा चलाए जा रहे हैं, जिनका पत्रकारिता से दूर-दूर तक वास्ता नहीं रहा। ये लोग बतौर पत्रकार लोगों से रौब गालिब करने से भी गुरेज नहीं करते। यहां तक कि लोगों को ब्लैकमेल तक कर लिया जाता है। प्रशासन के इस कदम से फर्जीवाड़े पर लगाम कसेगी।
मनमाने ढंग से संचालित किए जा रहे व्हाट्सएप मीडिया ग्रुप और न्यूज पोर्टलों पर ललितपुर की तर्ज पर शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वालीं खबरों और संदेशों पर लगातार नजर रखे हुए है। जल्द ही कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
- विनोद कुमार सिंह, एसएसपी
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झांसी। ललितपुर की तर्ज पर अब झांसी में भी सोशल मीडिया पर चलने वाले व्हाट्सएप मीडिया ग्रुप व न्यूज पोर्टलों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इसके तहत ग्रुप एडमिन को अपने ग्रुप का पंजीकरण कराना होगा। ग्रुप पर आने वाली खबरों /संदेशों की निगरानी की जाएगी। अफवाह फैलाने या शांति में बाधा पैदा करने वाले संदेशों के आदान-प्रदान पर ग्रुप एडमिन के खिलाफ कार्रवाई होगी।
व्हाट्सएप पर संचालित होने वाले न्यूज ग्रुपों की अब तक कोई जवाबदेयी तय नहीं है। बाकायदा ग्रुप बनाकर खबरें चलाई जाने लगती हैं। इससे अक्सर भ्रामक खबरें फैल जाती हैं और छोटी-छोटी घटनाओं को भी बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत कर दिया जाता है। इससे माहौल खराब होने का खतरा बना रहता है। केंद्र सरकार इस स्थिति पर लगाम कसना चाहती है। प्रदेश सरकार का रुख भी कड़ा है, जिसके चलते इससे निपटने के लिए ललितपुर मेें नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत व्हाट्सएप ग्रुप का जिला सूचना कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि, न्यूज पोर्टल को शासन की अनुमति लेनी होगी। बगैर इसके मीडिया ग्रुप व पोर्टल चलाने पर एडमिन के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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इसके अलावा ग्रुप एडमिन बगैर अनुमति के किसी को भी ग्रुप से नहीं जोड़ सकेंगे। साथ ही एडमिन को ग्रुप में आने वाली खबरों पर ध्यान देना होगा। सामाजिक भाईचारे को बाधा पैदा करने वाली या समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली खबरों के प्रसारण की जिम्मेदारी ग्रुप एडमिन की मानी जाएगी। उल्लंघन पर एडमिन के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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ललितपुर प्रशासन के इस कदम की मंगलवार को झांसी आए प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र ने सराहना की थी। उन्होंने डीआईजी और एसएसपी को झांसी में भी ये व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में झांसी में तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्रुपों और न्यूज पोर्टलों की सूची बनाई जा रही है। ग्रुप में आने वाले मैसेज भी खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही ललितपुर की तर्ज पर झांसी में भी ये व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
बाइट नहीं दे पाएंगे अफसर
ललितपुर में सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी न्यूज पोर्टल को बाइट उपलब्ध न कराएं। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा करेगा, तो इसे आदेशों की अवहेलना माना जाएगा। झांसी में भी ये व्यवस्था लागू की जाएगी।
एडमिन का खंगाला जाएगा इतिहास
आपराधिक प्रवृत्ति के लोग व्हाट्सएप मीडिया ग्रुप के एडमिन नहीं बन सकेंगे। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा ललितपुर में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों के सत्यापन के भी निर्देश दिए गए हैं। यह काम जिला सूचना कार्यालय से होगा।
फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
व्हाट्सएप पर इन दिनों मीडिया ग्रुपों की भरमार है। इनमें तमाम ग्रुप ऐसे लोगों द्वारा चलाए जा रहे हैं, जिनका पत्रकारिता से दूर-दूर तक वास्ता नहीं रहा। ये लोग बतौर पत्रकार लोगों से रौब गालिब करने से भी गुरेज नहीं करते। यहां तक कि लोगों को ब्लैकमेल तक कर लिया जाता है। प्रशासन के इस कदम से फर्जीवाड़े पर लगाम कसेगी।
मनमाने ढंग से संचालित किए जा रहे व्हाट्सएप मीडिया ग्रुप और न्यूज पोर्टलों पर ललितपुर की तर्ज पर शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वालीं खबरों और संदेशों पर लगातार नजर रखे हुए है। जल्द ही कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
- विनोद कुमार सिंह, एसएसपी